IIM Act 10अध्याय III · The Authorities of Institutes
धारा 10 · राज्यपाल समिति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक संस्थान का शासी मंडल उस संस्थान का प्रमुख कार्यकारी निकाय होगा।
(2) प्रत्येक संस्थान के बोर्ड में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:---
(क) उद्योग या शिक्षा या विज्ञान या प्रौद्योगिकी या प्रबंधन या लोक प्रशासन या ऐसे अन्य क्षेत्र में विख्यात व्यक्तियों में से एक अध्यक्ष, 1 [विज़िटर द्वारा नामित किया जाएगा];
(ख) प्रबंधन शिक्षा का प्रभार संभालने वाला केंद्र सरकार का एक नामित व्यक्ति या उसका प्रतिनिधि;
(ग) संबंधित राज्य सरकार का एक नामित व्यक्ति या ऐसे नामित व्यक्तियों का प्रतिनिधि, जिसके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में संस्थान स्थित है;
(घ) चार प्रतिष्ठित व्यक्ति, जिनमें से कम से कम एक महिला होगी, जो शिक्षा, उद्योग, वाणिज्य, सामाजिक सेवा या लोक प्रशासन के क्षेत्र में विख्यात हों, जिन्हें बोर्ड द्वारा नामित किया जाएगा, जिनके पास ऐसा अनुभव हो और इस प्रकार से नामित किया जाएगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ई) संबंधित संस्थानों के संकाय से दो सदस्यों को अध्यक्ष द्वारा बोर्ड द्वारा विनियमों के माध्यम से निर्धारित तरीके से मनोनीत किया जाएगा;
(f) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से एक व्यक्ति को बोर्ड द्वारा खंड (d) , (e) और (g) में निर्दिष्ट सदस्यों में से मनोनीत किया जाएगा;
(जी) प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वर्तमान संस्थान के पूर्व छात्रों या समाज के सदस्यों में से बोर्ड द्वारा अधिकतम पांच व्यक्तियों को सह-विकल्पित किया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसे पांच व्यक्तियों में से एक से अधिक सदस्य सोसायटी से नहीं होंगे;
(h) खंड (d) , (e) और (g) में निर्दिष्ट सदस्यों में से बोर्ड द्वारा मनोनीत की जाने वाली तीन महिला सदस्य;
(i) संस्थान के निदेशक, पदेन सदस्य।
(3) बोर्ड उपधारा (2) के खंड (घ) एवं (घ) में निर्दिष्ट सदस्य के किसी अस्थायी रिक्त पद को भरने के लिए किसी व्यक्ति को मनोनीत कर सकता है, जिसकी अवधि तीन माह तक बढ़ाई जा सकती है।
(4) बोर्ड संस्थान के किसी अधिकारी को बोर्ड के सचिव के रूप में कार्य करने के लिए नामित करेगा।
(5) अध्यक्ष को बोर्ड के सदस्य न होने वाले किसी भी संख्या में विशेषज्ञों को बोर्ड की बैठकों में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने का अधिकार होगा, लेकिन ऐसे आमंत्रित व्यक्ति बैठक में मतदान करने के हकदार नहीं होंगे।
2 [(6) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, यदि बोर्ड को ऐसी शर्तों या प्रक्रिया के तहत निलंबित या भंग कर दिया जाता है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, तो केंद्र सरकार छह महीने की अवधि के लिए या इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार एक नियमित बोर्ड के गठन तक एक अंतरिम बोर्ड का गठन करेगी।]
(2) प्रत्येक संस्थान के बोर्ड में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:---
(क) उद्योग या शिक्षा या विज्ञान या प्रौद्योगिकी या प्रबंधन या लोक प्रशासन या ऐसे अन्य क्षेत्र में विख्यात व्यक्तियों में से एक अध्यक्ष, 1 [विज़िटर द्वारा नामित किया जाएगा];
(ख) प्रबंधन शिक्षा का प्रभार संभालने वाला केंद्र सरकार का एक नामित व्यक्ति या उसका प्रतिनिधि;
(ग) संबंधित राज्य सरकार का एक नामित व्यक्ति या ऐसे नामित व्यक्तियों का प्रतिनिधि, जिसके क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में संस्थान स्थित है;
(घ) चार प्रतिष्ठित व्यक्ति, जिनमें से कम से कम एक महिला होगी, जो शिक्षा, उद्योग, वाणिज्य, सामाजिक सेवा या लोक प्रशासन के क्षेत्र में विख्यात हों, जिन्हें बोर्ड द्वारा नामित किया जाएगा, जिनके पास ऐसा अनुभव हो और इस प्रकार से नामित किया जाएगा जैसा कि विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ई) संबंधित संस्थानों के संकाय से दो सदस्यों को अध्यक्ष द्वारा बोर्ड द्वारा विनियमों के माध्यम से निर्धारित तरीके से मनोनीत किया जाएगा;
(f) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से एक व्यक्ति को बोर्ड द्वारा खंड (d) , (e) और (g) में निर्दिष्ट सदस्यों में से मनोनीत किया जाएगा;
(जी) प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वर्तमान संस्थान के पूर्व छात्रों या समाज के सदस्यों में से बोर्ड द्वारा अधिकतम पांच व्यक्तियों को सह-विकल्पित किया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसे पांच व्यक्तियों में से एक से अधिक सदस्य सोसायटी से नहीं होंगे;
(h) खंड (d) , (e) और (g) में निर्दिष्ट सदस्यों में से बोर्ड द्वारा मनोनीत की जाने वाली तीन महिला सदस्य;
(i) संस्थान के निदेशक, पदेन सदस्य।
(3) बोर्ड उपधारा (2) के खंड (घ) एवं (घ) में निर्दिष्ट सदस्य के किसी अस्थायी रिक्त पद को भरने के लिए किसी व्यक्ति को मनोनीत कर सकता है, जिसकी अवधि तीन माह तक बढ़ाई जा सकती है।
(4) बोर्ड संस्थान के किसी अधिकारी को बोर्ड के सचिव के रूप में कार्य करने के लिए नामित करेगा।
(5) अध्यक्ष को बोर्ड के सदस्य न होने वाले किसी भी संख्या में विशेषज्ञों को बोर्ड की बैठकों में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने का अधिकार होगा, लेकिन ऐसे आमंत्रित व्यक्ति बैठक में मतदान करने के हकदार नहीं होंगे।
2 [(6) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, यदि बोर्ड को ऐसी शर्तों या प्रक्रिया के तहत निलंबित या भंग कर दिया जाता है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, तो केंद्र सरकार छह महीने की अवधि के लिए या इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार एक नियमित बोर्ड के गठन तक एक अंतरिम बोर्ड का गठन करेगी।]
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