IIM Act 16अध्याय III · The Authorities of Institutes
धारा 16 · निदेशक।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) निदेशक संस्थान का मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा और संस्थान को नेतृत्व प्रदान करेगा तथा बोर्ड के निर्णयों के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार होगा।
(2) निदेशक की नियुक्ति बोर्ड द्वारा आगंतुक की पूर्व स्वीकृति से, ऐसे तरीके से और ऐसी शर्तों और सेवा की शर्तों के अधीन की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
2 [(3) निदेशक की नियुक्ति बोर्ड द्वारा गठित खोज-सह-चयन समिति द्वारा अनुशंसित नामों के पैनल में से की जाएगी, जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे---
(क) बोर्ड के अध्यक्ष, जो खोज-सह-चयन समिति के अध्यक्ष होंगे;
(ख) आगंतुक द्वारा मनोनीत किया जाने वाला एक सदस्य; और
(ग) प्रख्यात प्रशासकों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और प्रबंधन विशेषज्ञों में से चुने गए दो सदस्य।
(3ए) निदेशक के चयन के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ऐसी होगी जैसी निर्धारित की जा सकती है।
(4) निदेशक उन शक्तियों का प्रयोग करेगा और उन कर्तव्यों का पालन करेगा जो इस अधिनियम या विनियमों के तहत उसे सौंपे गए हों या जो बोर्ड द्वारा उसे प्रत्यायोजित किए गए हों:
बशर्ते कि बोर्ड निदेशक द्वारा शक्तियों का प्रयोग करते समय और अपने कर्तव्यों का पालन करते समय पालन किए जाने वाले मानदंडों को निर्धारित कर सकता है, जिसका मूल्यांकन बोर्ड द्वारा वार्षिक रूप से किया जाएगा, और यदि बोर्ड की राय है कि ऐसे मानदंडों का पालन नहीं किया गया है, तो बोर्ड निदेशक को सुनवाई का अवसर देने के बाद उप-धारा (7) के तहत ऐसे निदेशक को हटाने की कार्रवाई शुरू कर सकता है।
(5) निदेशक, त्यागपत्र या निष्कासन के कारण को छोड़कर, अपने पद ग्रहण करने की तिथि से पाँच वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेगा।
(6) निदेशक, अध्यक्ष के माध्यम से बोर्ड को संबोधित अपने हस्ताक्षर से लिखित सूचना द्वारा किसी भी समय अपने पद से इस्तीफा दे सकता है।
(7) 3 [बोर्ड, आगंतुक की पूर्व स्वीकृति से, निदेशक को पद से हटा सकता है], जो---
(क) जिसे दिवालिया घोषित किया गया हो; या
(ख) किसी ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो, जो बोर्ड की राय में नैतिक पतन से संबंधित हो; या
(ग) निदेशक के रूप में कार्य करने के लिए शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम हो गया हो; या
(घ) ने ऐसा वित्तीय या अन्य हित अर्जित कर लिया है जिससे निदेशक के रूप में उसके कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है; या
(ई) उसने अपने पद का इस प्रकार दुरुपयोग किया हो या इस प्रकार आचरण किया हो जिससे उसका पद पर बने रहना जनहित के लिए हानिकारक हो:
बशर्ते कि निदेशक को बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अलावा किसी अन्य तरीके से पद से नहीं हटाया जाएगा, बशर्ते कि बोर्ड द्वारा एक जांच गठित की गई हो जिसमें निदेशक को उसके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जानकारी दी गई हो और उसे उन आरोपों के संबंध में सुनवाई का उचित अवसर दिया गया हो।
(8) जहां कार्यकाल की समाप्ति के कारण निदेशक का पद रिक्त होने की संभावना हो, वहां बोर्ड ऐसी रिक्ति होने से नौ महीने पहले नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करेगा।
(9) यदि किसी कारणवश निदेशक का पद रिक्त हो जाता है, तो बोर्ड संस्था के सबसे वरिष्ठ संकाय सदस्य को नियमित निदेशक की नियुक्ति होने तक प्रभारी निदेशक नियुक्त कर सकता है:
बशर्ते कि यदि सबसे वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रभारी निदेशक का पद संभालने के लिए इच्छुक नहीं है, तो अगले सबसे वरिष्ठ इच्छुक संकाय सदस्य को प्रभारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
4 [(10) निदेशक की सेवाएं आगंतुक द्वारा, निर्धारित तरीके से समाप्त की जा सकती हैं।]
(2) निदेशक की नियुक्ति बोर्ड द्वारा आगंतुक की पूर्व स्वीकृति से, ऐसे तरीके से और ऐसी शर्तों और सेवा की शर्तों के अधीन की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
2 [(3) निदेशक की नियुक्ति बोर्ड द्वारा गठित खोज-सह-चयन समिति द्वारा अनुशंसित नामों के पैनल में से की जाएगी, जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल होंगे---
(क) बोर्ड के अध्यक्ष, जो खोज-सह-चयन समिति के अध्यक्ष होंगे;
(ख) आगंतुक द्वारा मनोनीत किया जाने वाला एक सदस्य; और
(ग) प्रख्यात प्रशासकों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और प्रबंधन विशेषज्ञों में से चुने गए दो सदस्य।
(3ए) निदेशक के चयन के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ऐसी होगी जैसी निर्धारित की जा सकती है।
(4) निदेशक उन शक्तियों का प्रयोग करेगा और उन कर्तव्यों का पालन करेगा जो इस अधिनियम या विनियमों के तहत उसे सौंपे गए हों या जो बोर्ड द्वारा उसे प्रत्यायोजित किए गए हों:
बशर्ते कि बोर्ड निदेशक द्वारा शक्तियों का प्रयोग करते समय और अपने कर्तव्यों का पालन करते समय पालन किए जाने वाले मानदंडों को निर्धारित कर सकता है, जिसका मूल्यांकन बोर्ड द्वारा वार्षिक रूप से किया जाएगा, और यदि बोर्ड की राय है कि ऐसे मानदंडों का पालन नहीं किया गया है, तो बोर्ड निदेशक को सुनवाई का अवसर देने के बाद उप-धारा (7) के तहत ऐसे निदेशक को हटाने की कार्रवाई शुरू कर सकता है।
(5) निदेशक, त्यागपत्र या निष्कासन के कारण को छोड़कर, अपने पद ग्रहण करने की तिथि से पाँच वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेगा।
(6) निदेशक, अध्यक्ष के माध्यम से बोर्ड को संबोधित अपने हस्ताक्षर से लिखित सूचना द्वारा किसी भी समय अपने पद से इस्तीफा दे सकता है।
(7) 3 [बोर्ड, आगंतुक की पूर्व स्वीकृति से, निदेशक को पद से हटा सकता है], जो---
(क) जिसे दिवालिया घोषित किया गया हो; या
(ख) किसी ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो, जो बोर्ड की राय में नैतिक पतन से संबंधित हो; या
(ग) निदेशक के रूप में कार्य करने के लिए शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम हो गया हो; या
(घ) ने ऐसा वित्तीय या अन्य हित अर्जित कर लिया है जिससे निदेशक के रूप में उसके कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है; या
(ई) उसने अपने पद का इस प्रकार दुरुपयोग किया हो या इस प्रकार आचरण किया हो जिससे उसका पद पर बने रहना जनहित के लिए हानिकारक हो:
बशर्ते कि निदेशक को बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अलावा किसी अन्य तरीके से पद से नहीं हटाया जाएगा, बशर्ते कि बोर्ड द्वारा एक जांच गठित की गई हो जिसमें निदेशक को उसके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की जानकारी दी गई हो और उसे उन आरोपों के संबंध में सुनवाई का उचित अवसर दिया गया हो।
(8) जहां कार्यकाल की समाप्ति के कारण निदेशक का पद रिक्त होने की संभावना हो, वहां बोर्ड ऐसी रिक्ति होने से नौ महीने पहले नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करेगा।
(9) यदि किसी कारणवश निदेशक का पद रिक्त हो जाता है, तो बोर्ड संस्था के सबसे वरिष्ठ संकाय सदस्य को नियमित निदेशक की नियुक्ति होने तक प्रभारी निदेशक नियुक्त कर सकता है:
बशर्ते कि यदि सबसे वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रभारी निदेशक का पद संभालने के लिए इच्छुक नहीं है, तो अगले सबसे वरिष्ठ इच्छुक संकाय सदस्य को प्रभारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
4 [(10) निदेशक की सेवाएं आगंतुक द्वारा, निर्धारित तरीके से समाप्त की जा सकती हैं।]
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