IIM Act 11अध्याय III · The Authorities of Institutes
धारा 11 · बोर्ड की शक्तियां और कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, प्रत्येक संस्थान का बोर्ड संस्थान के कार्यों के सामान्य अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण के लिए उत्तरदायी होगा और संस्थान के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए धारा 6 में निर्दिष्ट संस्थान के कार्यों को नियंत्रित करने वाले विनियमों को बनाने, संशोधित करने, बदलने या निरस्त करने का अधिकार रखेगा।
(2) उपधारा (1) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, बोर्ड को निम्नलिखित शक्तियां प्राप्त होंगी, अर्थात्:—
(क) संस्थान के प्रशासन और कामकाज से संबंधित नीतिगत प्रश्नों पर निर्णय लेना;
(ख) संस्थान के वार्षिक बजट अनुमानों की जांच और अनुमोदन करना;
(ग) संस्थान के विकास की योजना की जांच और अनुमोदन करना तथा योजना के कार्यान्वयन के लिए वित्त के स्रोतों की पहचान करना;
(घ) संस्थान में विभाग, संकाय या अध्ययन विद्यालय स्थापित करना तथा कार्यक्रम या अध्ययन पाठ्यक्रम प्रारंभ करना;
(ई) केंद्र सरकार को सूचित करते हुए देश के भीतर प्रबंधन अध्ययन और संबद्ध क्षेत्रों के केंद्र स्थापित करना;
(f) डिग्री, डिप्लोमा और अन्य शैक्षणिक उपाधियाँ या पदवी प्रदान करना, तथा फेलोशिप, छात्रवृत्ति, पुरस्कार और पदक स्थापित करना और प्रदान करना;
(जी) विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से मानद उपाधियाँ प्रदान करना;
(h) मानद पुरस्कार और अन्य सम्मान प्रदान करना;
(i) शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य पदों का सृजन करना और उन पर नियुक्तियाँ करना:
बशर्ते कि ऐसे पदों के लिए कैडर, वेतनमान, भत्ते और रोजगार की अवधि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाएगी;
(j) विनियमों द्वारा ऐसे पदों की संख्या और पारिश्रमिक निर्धारित करना तथा शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य कर्मचारियों के कर्तव्यों और सेवा शर्तों को परिभाषित करना;
(k) केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार और उस समय लागू विदेशी देश में प्रचलित कानूनों के प्रावधानों के अनुसार भारत के बाहर प्रबंधन अध्ययन और संबद्ध क्षेत्रों के केंद्र स्थापित करना;
(एल) विनियमों द्वारा निर्दिष्ट प्रदर्शन उद्देश्यों के आधार पर संस्थान के निदेशक को परिवर्तनीय वेतन का भुगतान करना;
(m) संस्थान में अध्ययन पाठ्यक्रमों और परीक्षाओं के लिए लिए जाने वाले शुल्क को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(n) विनियमों द्वारा शिक्षण विभाग के गठन की विधि निर्दिष्ट करना;
(ओ) फेलोशिप, छात्रवृत्ति, प्रदर्शनियों, पदकों और पुरस्कारों की संस्था को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(पी) संस्थान के शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य कर्मचारियों की योग्यता, वर्गीकरण, कार्यकाल और नियुक्ति की विधि को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(q) शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य कर्मचारियों के लाभ के लिए पेंशन, बीमा और भविष्य निधि की संरचना को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(आर) विनियमों द्वारा भवनों की स्थापना और रखरखाव निर्दिष्ट करना;
(एस) विनियमों द्वारा संस्थान के छात्रों के निवास की शर्तों और छात्रावासों और हॉस्टलों में रहने के लिए शुल्क तथा अन्य शुल्कों के निर्धारण को निर्दिष्ट करना;
(टी) बोर्ड के आदेशों और निर्णयों के प्रमाणीकरण के तरीके को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(u) बोर्ड, अकादमिक परिषद या किसी भी समिति की बैठकों के लिए कोरम और उनके कामकाज के संचालन में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(v) विनियमों द्वारा संस्थान की वित्तीय जवाबदेही निर्दिष्ट करना; और
(w) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा इसे प्रदत्त या आरोपित की गई ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करना और ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करना।
(3) इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, बोर्ड विनियमों द्वारा निदेशक को बोर्ड की ऐसी शक्तियाँ और कार्य सौंप सकता है, जिन्हें वह उचित समझे।
(4) बोर्ड संस्थान के उद्देश्यों की प्राप्ति के संदर्भ में निदेशक के प्रदर्शन की वार्षिक समीक्षा करेगा:
बशर्ते कि ऐसी समीक्षा में संस्थान के संकाय सदस्यों के प्रदर्शन की समीक्षा शामिल होगी, जो बोर्ड द्वारा निर्धारित मापदंडों, आवधिकता और संदर्भ की शर्तों के आधार पर की जाएगी।
(5) बोर्ड, किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेषज्ञों के समूह के माध्यम से, संस्थान के निगमन की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के भीतर, और उसके बाद कम से कम प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार, संस्थानों की दीर्घकालिक रणनीति और रोलिंग योजनाओं के मापदंडों और बोर्ड द्वारा निर्धारित अन्य मापदंडों के आधार पर, संस्थानों के संकाय सहित, संस्थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन और समीक्षा करेगा, और ऐसी समीक्षा की रिपोर्ट सार्वजनिक डोमेन में रखी जाएगी।
(6) उपधारा (5) में निर्दिष्ट स्वतंत्र एजेंसी या विशेषज्ञों के समूह की योग्यता, अनुभव और चयन का तरीका ऐसा होगा जैसा विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(7) उपधारा (5) के तहत मूल्यांकन और समीक्षा की रिपोर्ट बोर्ड द्वारा केंद्रीय सरकार को उस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत की जाएगी।
(8) यदि अध्यक्ष या निदेशक की राय में स्थिति इतनी अत्यावश्यक हो कि संस्थान के हित में तत्काल निर्णय लेना आवश्यक हो, तो अध्यक्ष, निदेशक से परामर्श करके, अपनी राय के आधारों को दर्ज करते हुए, ऐसे आदेश जारी कर सकता है जो आवश्यक हों:
बशर्ते कि ऐसे आदेश अगली बैठक में बोर्ड द्वारा अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे।
(9) इस अधिनियम के अधीन अपनी शक्तियों का प्रयोग करने और अपने कार्यों का निर्वहन करने में बोर्ड केंद्र सरकार के प्रति उत्तरदायी होगा।
(2) उपधारा (1) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, बोर्ड को निम्नलिखित शक्तियां प्राप्त होंगी, अर्थात्:—
(क) संस्थान के प्रशासन और कामकाज से संबंधित नीतिगत प्रश्नों पर निर्णय लेना;
(ख) संस्थान के वार्षिक बजट अनुमानों की जांच और अनुमोदन करना;
(ग) संस्थान के विकास की योजना की जांच और अनुमोदन करना तथा योजना के कार्यान्वयन के लिए वित्त के स्रोतों की पहचान करना;
(घ) संस्थान में विभाग, संकाय या अध्ययन विद्यालय स्थापित करना तथा कार्यक्रम या अध्ययन पाठ्यक्रम प्रारंभ करना;
(ई) केंद्र सरकार को सूचित करते हुए देश के भीतर प्रबंधन अध्ययन और संबद्ध क्षेत्रों के केंद्र स्थापित करना;
(f) डिग्री, डिप्लोमा और अन्य शैक्षणिक उपाधियाँ या पदवी प्रदान करना, तथा फेलोशिप, छात्रवृत्ति, पुरस्कार और पदक स्थापित करना और प्रदान करना;
(जी) विनियमों द्वारा निर्दिष्ट तरीके से मानद उपाधियाँ प्रदान करना;
(h) मानद पुरस्कार और अन्य सम्मान प्रदान करना;
(i) शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य पदों का सृजन करना और उन पर नियुक्तियाँ करना:
बशर्ते कि ऐसे पदों के लिए कैडर, वेतनमान, भत्ते और रोजगार की अवधि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाएगी;
(j) विनियमों द्वारा ऐसे पदों की संख्या और पारिश्रमिक निर्धारित करना तथा शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य कर्मचारियों के कर्तव्यों और सेवा शर्तों को परिभाषित करना;
(k) केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार और उस समय लागू विदेशी देश में प्रचलित कानूनों के प्रावधानों के अनुसार भारत के बाहर प्रबंधन अध्ययन और संबद्ध क्षेत्रों के केंद्र स्थापित करना;
(एल) विनियमों द्वारा निर्दिष्ट प्रदर्शन उद्देश्यों के आधार पर संस्थान के निदेशक को परिवर्तनीय वेतन का भुगतान करना;
(m) संस्थान में अध्ययन पाठ्यक्रमों और परीक्षाओं के लिए लिए जाने वाले शुल्क को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(n) विनियमों द्वारा शिक्षण विभाग के गठन की विधि निर्दिष्ट करना;
(ओ) फेलोशिप, छात्रवृत्ति, प्रदर्शनियों, पदकों और पुरस्कारों की संस्था को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(पी) संस्थान के शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य कर्मचारियों की योग्यता, वर्गीकरण, कार्यकाल और नियुक्ति की विधि को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(q) शैक्षणिक, प्रशासनिक, तकनीकी और अन्य कर्मचारियों के लाभ के लिए पेंशन, बीमा और भविष्य निधि की संरचना को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(आर) विनियमों द्वारा भवनों की स्थापना और रखरखाव निर्दिष्ट करना;
(एस) विनियमों द्वारा संस्थान के छात्रों के निवास की शर्तों और छात्रावासों और हॉस्टलों में रहने के लिए शुल्क तथा अन्य शुल्कों के निर्धारण को निर्दिष्ट करना;
(टी) बोर्ड के आदेशों और निर्णयों के प्रमाणीकरण के तरीके को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(u) बोर्ड, अकादमिक परिषद या किसी भी समिति की बैठकों के लिए कोरम और उनके कामकाज के संचालन में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को विनियमों द्वारा निर्दिष्ट करना;
(v) विनियमों द्वारा संस्थान की वित्तीय जवाबदेही निर्दिष्ट करना; और
(w) इस अधिनियम या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों द्वारा इसे प्रदत्त या आरोपित की गई ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करना और ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करना।
(3) इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, बोर्ड विनियमों द्वारा निदेशक को बोर्ड की ऐसी शक्तियाँ और कार्य सौंप सकता है, जिन्हें वह उचित समझे।
(4) बोर्ड संस्थान के उद्देश्यों की प्राप्ति के संदर्भ में निदेशक के प्रदर्शन की वार्षिक समीक्षा करेगा:
बशर्ते कि ऐसी समीक्षा में संस्थान के संकाय सदस्यों के प्रदर्शन की समीक्षा शामिल होगी, जो बोर्ड द्वारा निर्धारित मापदंडों, आवधिकता और संदर्भ की शर्तों के आधार पर की जाएगी।
(5) बोर्ड, किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेषज्ञों के समूह के माध्यम से, संस्थान के निगमन की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के भीतर, और उसके बाद कम से कम प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार, संस्थानों की दीर्घकालिक रणनीति और रोलिंग योजनाओं के मापदंडों और बोर्ड द्वारा निर्धारित अन्य मापदंडों के आधार पर, संस्थानों के संकाय सहित, संस्थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन और समीक्षा करेगा, और ऐसी समीक्षा की रिपोर्ट सार्वजनिक डोमेन में रखी जाएगी।
(6) उपधारा (5) में निर्दिष्ट स्वतंत्र एजेंसी या विशेषज्ञों के समूह की योग्यता, अनुभव और चयन का तरीका ऐसा होगा जैसा विनियमों द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(7) उपधारा (5) के तहत मूल्यांकन और समीक्षा की रिपोर्ट बोर्ड द्वारा केंद्रीय सरकार को उस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत की जाएगी।
(8) यदि अध्यक्ष या निदेशक की राय में स्थिति इतनी अत्यावश्यक हो कि संस्थान के हित में तत्काल निर्णय लेना आवश्यक हो, तो अध्यक्ष, निदेशक से परामर्श करके, अपनी राय के आधारों को दर्ज करते हुए, ऐसे आदेश जारी कर सकता है जो आवश्यक हों:
बशर्ते कि ऐसे आदेश अगली बैठक में बोर्ड द्वारा अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे।
(9) इस अधिनियम के अधीन अपनी शक्तियों का प्रयोग करने और अपने कार्यों का निर्वहन करने में बोर्ड केंद्र सरकार के प्रति उत्तरदायी होगा।
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