IIM Act 25अध्याय IV · Accounts and Audit
धारा 25 · लेखा परीक्षकों की नियुक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक संस्थान का बोर्ड, प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले, और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कर्तव्य, शक्तियाँ एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 1971 (56 ऑफ 1971) या उस समय लागू किसी अन्य कानून में निहित प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, जिसमें संस्थानों द्वारा खातों के लेखापरीक्षा के प्रावधान हों, ऐसे लेखापरीक्षकों, जिनमें आंतरिक लेखापरीक्षक भी शामिल हैं, को उचित पारिश्रमिक पर नियुक्त करेगा, ताकि वे संस्थान के बैलेंस शीट और आय एवं व्यय विवरण की जांच कर सकें।
बशर्ते कि बोर्ड प्रत्येक चार वर्ष के बाद लेखा परीक्षकों को बदल देगा।
(2) प्रत्येक संस्थान का बोर्ड आंतरिक नियंत्रण प्रणाली, जोखिम प्रबंधन और लेखापरीक्षा रिपोर्ट की प्रभावशीलता पर बोर्ड को विशेषज्ञ सलाह प्रदान करने के लिए एक लेखापरीक्षा समिति का गठन करेगा।
(3) उपधारा (1) के अधीन नियुक्त लेखा परीक्षक या उसके द्वारा नियोजित किसी भी व्यक्ति का संस्थान के प्रशासन या कार्यों से संबंधित किसी भी मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हित, चाहे वह आर्थिक हो या अन्य, नहीं होगा।
बशर्ते कि बोर्ड प्रत्येक चार वर्ष के बाद लेखा परीक्षकों को बदल देगा।
(2) प्रत्येक संस्थान का बोर्ड आंतरिक नियंत्रण प्रणाली, जोखिम प्रबंधन और लेखापरीक्षा रिपोर्ट की प्रभावशीलता पर बोर्ड को विशेषज्ञ सलाह प्रदान करने के लिए एक लेखापरीक्षा समिति का गठन करेगा।
(3) उपधारा (1) के अधीन नियुक्त लेखा परीक्षक या उसके द्वारा नियोजित किसी भी व्यक्ति का संस्थान के प्रशासन या कार्यों से संबंधित किसी भी मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हित, चाहे वह आर्थिक हो या अन्य, नहीं होगा।
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