IIM Act 39अध्याय VI · Miscellaneous
धारा 39 · संक्रमणकालीन प्रावधानों।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी:---
(क) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले कार्यरत प्रत्येक संस्थान का बोर्ड इस अधिनियम के अंतर्गत उस संस्थान के लिए नए बोर्ड के गठन तक उसी प्रकार कार्य करता रहेगा, परन्तु इस अधिनियम के अंतर्गत नए बोर्ड के गठन पर, ऐसे गठन से पहले पद धारण करने वाले बोर्ड के सदस्य पद धारण करना छोड़ देंगे;
(ख) प्रत्येक संस्थान के संबंध में इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पूर्व गठित प्रत्येक अकादमिक परिषद या संकाय परिषद, जैसा भी मामला हो, को इस अधिनियम के तहत गठित अकादमिक परिषद माना जाएगा, जब तक कि उस संस्थान के लिए इस अधिनियम के तहत एक अकादमिक परिषद का गठन नहीं हो जाता, लेकिन इस अधिनियम के तहत नई अकादमिक परिषद के गठन पर, अकादमिक परिषद या संकाय परिषद, जैसा भी मामला हो, के सदस्य, जो ऐसे गठन से पहले पद धारण कर रहे थे, पद धारण करना छोड़ देंगे;
(ग) इस अधिनियम के तहत पहले नियम बनाए जाने तक, प्रत्येक संस्थान के नियम और उपनियम, जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू थे, संस्थान पर लागू होते रहेंगे, बशर्ते कि वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत न हों।
1 [(घ) राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई का बोर्ड, जो भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने से ठीक पहले इस प्रकार कार्य कर रहा था, इस अधिनियम के तहत उस संस्थान के लिए एक नए बोर्ड के गठन तक इस प्रकार कार्य करता रहेगा, लेकिन इस अधिनियम के तहत एक नए बोर्ड के गठन पर, ऐसे गठन से पहले पद धारण करने वाले बोर्ड के सदस्य पद धारण करना बंद कर देंगे;
(ई) भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने से पहले राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई के संबंध में गठित अकादमिक परिषद इस अधिनियम के तहत उस संस्थान के लिए एक नई अकादमिक परिषद के गठन तक कार्य करती रहेगी, लेकिन इस अधिनियम के तहत एक नई अकादमिक परिषद के गठन पर, राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई की अकादमिक परिषद का कार्य समाप्त हो जाएगा;
(f) जब तक इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई से संबंधित प्रथम विनियम नहीं बनाए जाते, तब तक भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई के नियम और उपनियम आवश्यक संशोधनों और अनुकूलनों के साथ राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई पर लागू रहेंगे, बशर्ते कि वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत न हों।]
2 [(जी) जब तक इस अधिनियम के तहत गुवाहाटी स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान के पहले बोर्ड का गठन नहीं हो जाता, तब तक वे सभी शक्तियां और कार्य जो इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रारंभ होने पर ऐसे बोर्ड द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निष्पादित किए जा सकते हैं, ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रयोग और निष्पादित किए जाएंगे जिन्हें केंद्र सरकार इस संबंध में निर्देशित करे।]
(2) केंद्र सरकार, इस अधिनियम के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, यदि वह आवश्यक और उचित समझे, तो अधिसूचना द्वारा ऐसे उपाय कर सकती है, जो मौजूदा संस्थान को संगत संस्थान में सुचारू रूप से स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक हों।
(क) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले कार्यरत प्रत्येक संस्थान का बोर्ड इस अधिनियम के अंतर्गत उस संस्थान के लिए नए बोर्ड के गठन तक उसी प्रकार कार्य करता रहेगा, परन्तु इस अधिनियम के अंतर्गत नए बोर्ड के गठन पर, ऐसे गठन से पहले पद धारण करने वाले बोर्ड के सदस्य पद धारण करना छोड़ देंगे;
(ख) प्रत्येक संस्थान के संबंध में इस अधिनियम के प्रारंभ होने से पूर्व गठित प्रत्येक अकादमिक परिषद या संकाय परिषद, जैसा भी मामला हो, को इस अधिनियम के तहत गठित अकादमिक परिषद माना जाएगा, जब तक कि उस संस्थान के लिए इस अधिनियम के तहत एक अकादमिक परिषद का गठन नहीं हो जाता, लेकिन इस अधिनियम के तहत नई अकादमिक परिषद के गठन पर, अकादमिक परिषद या संकाय परिषद, जैसा भी मामला हो, के सदस्य, जो ऐसे गठन से पहले पद धारण कर रहे थे, पद धारण करना छोड़ देंगे;
(ग) इस अधिनियम के तहत पहले नियम बनाए जाने तक, प्रत्येक संस्थान के नियम और उपनियम, जो इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू थे, संस्थान पर लागू होते रहेंगे, बशर्ते कि वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत न हों।
1 [(घ) राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई का बोर्ड, जो भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने से ठीक पहले इस प्रकार कार्य कर रहा था, इस अधिनियम के तहत उस संस्थान के लिए एक नए बोर्ड के गठन तक इस प्रकार कार्य करता रहेगा, लेकिन इस अधिनियम के तहत एक नए बोर्ड के गठन पर, ऐसे गठन से पहले पद धारण करने वाले बोर्ड के सदस्य पद धारण करना बंद कर देंगे;
(ई) भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने से पहले राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई के संबंध में गठित अकादमिक परिषद इस अधिनियम के तहत उस संस्थान के लिए एक नई अकादमिक परिषद के गठन तक कार्य करती रहेगी, लेकिन इस अधिनियम के तहत एक नई अकादमिक परिषद के गठन पर, राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई की अकादमिक परिषद का कार्य समाप्त हो जाएगा;
(f) जब तक इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई से संबंधित प्रथम विनियम नहीं बनाए जाते, तब तक भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रारंभ होने से ठीक पहले लागू राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई के नियम और उपनियम आवश्यक संशोधनों और अनुकूलनों के साथ राष्ट्रीय औद्योगिक अभियांत्रिकी संस्थान, मुंबई पर लागू रहेंगे, बशर्ते कि वे इस अधिनियम के प्रावधानों के साथ असंगत न हों।]
2 [(जी) जब तक इस अधिनियम के तहत गुवाहाटी स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान के पहले बोर्ड का गठन नहीं हो जाता, तब तक वे सभी शक्तियां और कार्य जो इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रारंभ होने पर ऐसे बोर्ड द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निष्पादित किए जा सकते हैं, ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रयोग और निष्पादित किए जाएंगे जिन्हें केंद्र सरकार इस संबंध में निर्देशित करे।]
(2) केंद्र सरकार, इस अधिनियम के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, यदि वह आवश्यक और उचित समझे, तो अधिसूचना द्वारा ऐसे उपाय कर सकती है, जो मौजूदा संस्थान को संगत संस्थान में सुचारू रूप से स्थानांतरित करने के लिए आवश्यक हों।
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