CAF Act 8अध्याय III · Constitution of National Authority and State Authorities
धारा 8 · राष्ट्रीय प्राधिकरण का संविधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में नियुक्त तिथि से, राष्ट्रीय क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण नामक एक राष्ट्रीय प्राधिकरण का गठन किया जाएगा।
(2) राष्ट्रीय प्राधिकरण इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए राष्ट्रीय निधि का प्रबंधन और उपयोग करेगा।
(3) राष्ट्रीय प्राधिकरण में एक शासी निकाय होगा और उसे एक कार्यकारी समिति, निगरानी समूह और प्रशासनिक सहायता तंत्र द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।
(4) राष्ट्रीय प्राधिकरण के शासी निकाय में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:—
(i) भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री - पदेन अध्यक्ष;
(ii) पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन, वित्त (व्यय), ग्रामीण विकास, भूमि संसाधन, कृषि, पंचायती राज, जनजातीय विकास, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और पृथ्वी विज्ञान से संबंधित मंत्रालयों के सचिव और भारत सरकार के राष्ट्रीय परिवर्तनकारी संस्थान आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी - पदेन सदस्य;
(iii) भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव — पदेन सदस्य;
(iv) अतिरिक्त महानिदेशक वन (वन संरक्षण), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार— पदेन सदस्य;
(v) अतिरिक्त महानिदेशक वन (वन्यजीव), पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार— पदेन सदस्य;
(vi) मिशन निदेशक, राष्ट्रीय हरित भारत मिशन, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार— पदेन सदस्य;
(vii) भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वित्तीय सलाहकार— पदेन सदस्य;
(viii) भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दस क्षेत्रों में से प्रत्येक से एक से अधिक न होने वाले पाँच प्रधान मुख्य वन संरक्षकों को दो वर्ष की अवधि के लिए बारी-बारी से मनोनीत किया जाएगा— पदेन सदस्य;
(ix) वन महानिरीक्षक (वन संरक्षण), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार— पदेन सदस्य;
(x) पाँच विशेषज्ञ, जिनमें से प्रत्येक पर्यावरणविद्, संरक्षणवादी, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री और सामाजिक वैज्ञानिक होंगे, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा दो वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा, जो लगातार दो कार्यकालों से अधिक नहीं होगा—सदस्य।
(5) केंद्र सरकार वन के अतिरिक्त महानिदेशक के पद के किसी अधिकारी को राष्ट्रीय प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त कर सकती है, जो राष्ट्रीय प्राधिकरण के शासी निकाय और कार्यकारी समिति का सदस्य-सचिव होगा।
(2) राष्ट्रीय प्राधिकरण इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए राष्ट्रीय निधि का प्रबंधन और उपयोग करेगा।
(3) राष्ट्रीय प्राधिकरण में एक शासी निकाय होगा और उसे एक कार्यकारी समिति, निगरानी समूह और प्रशासनिक सहायता तंत्र द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी।
(4) राष्ट्रीय प्राधिकरण के शासी निकाय में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:—
(i) भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री - पदेन अध्यक्ष;
(ii) पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन, वित्त (व्यय), ग्रामीण विकास, भूमि संसाधन, कृषि, पंचायती राज, जनजातीय विकास, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और पृथ्वी विज्ञान से संबंधित मंत्रालयों के सचिव और भारत सरकार के राष्ट्रीय परिवर्तनकारी संस्थान आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी - पदेन सदस्य;
(iii) भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव — पदेन सदस्य;
(iv) अतिरिक्त महानिदेशक वन (वन संरक्षण), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार— पदेन सदस्य;
(v) अतिरिक्त महानिदेशक वन (वन्यजीव), पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार— पदेन सदस्य;
(vi) मिशन निदेशक, राष्ट्रीय हरित भारत मिशन, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार— पदेन सदस्य;
(vii) भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वित्तीय सलाहकार— पदेन सदस्य;
(viii) भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दस क्षेत्रों में से प्रत्येक से एक से अधिक न होने वाले पाँच प्रधान मुख्य वन संरक्षकों को दो वर्ष की अवधि के लिए बारी-बारी से मनोनीत किया जाएगा— पदेन सदस्य;
(ix) वन महानिरीक्षक (वन संरक्षण), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार— पदेन सदस्य;
(x) पाँच विशेषज्ञ, जिनमें से प्रत्येक पर्यावरणविद्, संरक्षणवादी, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री और सामाजिक वैज्ञानिक होंगे, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा दो वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा, जो लगातार दो कार्यकालों से अधिक नहीं होगा—सदस्य।
(5) केंद्र सरकार वन के अतिरिक्त महानिदेशक के पद के किसी अधिकारी को राष्ट्रीय प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त कर सकती है, जो राष्ट्रीय प्राधिकरण के शासी निकाय और कार्यकारी समिति का सदस्य-सचिव होगा।
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