CAF Act 31अध्याय VI · Miscellaneous
धारा 31 · परिसंपत्तियों, देनदारियों आदि का हस्तांतरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राष्ट्रीय प्राधिकरण के गठन की तिथि से—
(i) तदर्थ प्राधिकरण की सभी परिसंपत्तियाँ और देनदारियाँ राष्ट्रीय प्राधिकरण को हस्तांतरित हो जाएँगी और उसमें निहित हो जाएँगी;
स्पष्टीकरण. — तदर्थ प्राधिकरण की परिसंपत्तियों में सभी अधिकार और शक्तियां, सभी चल और अचल संपत्तियां, विशेष रूप से नकद शेष, जमा और ऐसी संपत्तियों में या उनसे उत्पन्न होने वाले सभी अन्य हित और अधिकार, जो तदर्थ प्राधिकरण के कब्जे में हों, और उनसे संबंधित सभी लेखा-पुस्तकें और अन्य दस्तावेज शामिल माने जाएंगे; और देनदारियों में सभी प्रकार के ऋण, देनदारियां और दायित्व शामिल होंगे;
(ii) खंड (i) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, राष्ट्रीय प्राधिकरण के गठन से ठीक पहले तदर्थ प्राधिकरण द्वारा, उसके साथ या उसके लिए किए गए सभी ऋण, दायित्व और देनदारियां, किए गए सभी अनुबंध और तदर्थ प्राधिकरण के उद्देश्य के लिए या उसके संबंध में किए जाने वाले सभी मामले और चीजें राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा, उसके साथ या उसके लिए किए गए, किए गए या किए जाने के लिए प्रतिबद्ध माने जाएंगे;
(iii) राष्ट्रीय प्राधिकरण के गठन से ठीक पहले तदर्थ प्राधिकरण को देय सभी धनराशि राष्ट्रीय प्राधिकरण को देय होगी;
(iv) तदर्थ प्राधिकरण द्वारा या उसके विरुद्ध शुरू किए गए या शुरू किए जा सकने वाले सभी मुकदमों और कानूनी कार्यवाही को राष्ट्रीय क्षतिपूर्ति प्राधिकरण द्वारा या उसके विरुद्ध जारी रखा जा सकता है या शुरू किया जा सकता है।
(2) राज्य प्राधिकरण के गठन की तिथि से—
(i) दिनांक 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण की सभी परिसंपत्तियाँ एवं देनदारियाँ राज्य प्राधिकरण को हस्तांतरित एवं उसमें निहित हो जाएँगी।
स्पष्टीकरण. —2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण की परिसंपत्तियों में सभी अधिकार एवं शक्तियां, सभी चल एवं अचल संपत्तियां, जिनमें विशेष रूप से नकद शेष, जमा और ऐसी संपत्तियों में या उनसे उत्पन्न होने वाले सभी अन्य हित एवं अधिकार शामिल हैं, जो 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के कब्जे में हों, तथा उनसे संबंधित सभी लेखा-पुस्तकें एवं अन्य दस्तावेज शामिल माने जाएंगे; और देनदारियों में सभी प्रकार के ऋण, देनदारियां और दायित्व शामिल होंगे;
(ii) खंड (i) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, इस अधिनियम के लागू होने से पहले 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण द्वारा, उसके साथ या उसके लिए किए गए सभी ऋण, दायित्व और देनदारियां, किए गए सभी अनुबंध और किए जाने वाले सभी मामले और चीजें, जो 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के उद्देश्य के लिए या उसके संबंध में किए गए हों, राज्य प्राधिकरण द्वारा, उसके साथ या उसके लिए किए गए माने जाएंगे;
(iii) राज्य प्राधिकरण के गठन से पहले 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण को देय सभी धनराशि राज्य प्राधिकरण को देय होगी;
(iv) दिनांक 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण द्वारा या उसके विरुद्ध शुरू किए गए या शुरू किए जा सकने वाले सभी मुकदमे और कानूनी कार्यवाही राज्य प्राधिकरण द्वारा या उसके विरुद्ध जारी रखी जा सकती हैं या शुरू की जा सकती हैं।
(i) तदर्थ प्राधिकरण की सभी परिसंपत्तियाँ और देनदारियाँ राष्ट्रीय प्राधिकरण को हस्तांतरित हो जाएँगी और उसमें निहित हो जाएँगी;
स्पष्टीकरण. — तदर्थ प्राधिकरण की परिसंपत्तियों में सभी अधिकार और शक्तियां, सभी चल और अचल संपत्तियां, विशेष रूप से नकद शेष, जमा और ऐसी संपत्तियों में या उनसे उत्पन्न होने वाले सभी अन्य हित और अधिकार, जो तदर्थ प्राधिकरण के कब्जे में हों, और उनसे संबंधित सभी लेखा-पुस्तकें और अन्य दस्तावेज शामिल माने जाएंगे; और देनदारियों में सभी प्रकार के ऋण, देनदारियां और दायित्व शामिल होंगे;
(ii) खंड (i) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, राष्ट्रीय प्राधिकरण के गठन से ठीक पहले तदर्थ प्राधिकरण द्वारा, उसके साथ या उसके लिए किए गए सभी ऋण, दायित्व और देनदारियां, किए गए सभी अनुबंध और तदर्थ प्राधिकरण के उद्देश्य के लिए या उसके संबंध में किए जाने वाले सभी मामले और चीजें राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा, उसके साथ या उसके लिए किए गए, किए गए या किए जाने के लिए प्रतिबद्ध माने जाएंगे;
(iii) राष्ट्रीय प्राधिकरण के गठन से ठीक पहले तदर्थ प्राधिकरण को देय सभी धनराशि राष्ट्रीय प्राधिकरण को देय होगी;
(iv) तदर्थ प्राधिकरण द्वारा या उसके विरुद्ध शुरू किए गए या शुरू किए जा सकने वाले सभी मुकदमों और कानूनी कार्यवाही को राष्ट्रीय क्षतिपूर्ति प्राधिकरण द्वारा या उसके विरुद्ध जारी रखा जा सकता है या शुरू किया जा सकता है।
(2) राज्य प्राधिकरण के गठन की तिथि से—
(i) दिनांक 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण की सभी परिसंपत्तियाँ एवं देनदारियाँ राज्य प्राधिकरण को हस्तांतरित एवं उसमें निहित हो जाएँगी।
स्पष्टीकरण. —2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण की परिसंपत्तियों में सभी अधिकार एवं शक्तियां, सभी चल एवं अचल संपत्तियां, जिनमें विशेष रूप से नकद शेष, जमा और ऐसी संपत्तियों में या उनसे उत्पन्न होने वाले सभी अन्य हित एवं अधिकार शामिल हैं, जो 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के कब्जे में हों, तथा उनसे संबंधित सभी लेखा-पुस्तकें एवं अन्य दस्तावेज शामिल माने जाएंगे; और देनदारियों में सभी प्रकार के ऋण, देनदारियां और दायित्व शामिल होंगे;
(ii) खंड (i) के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, इस अधिनियम के लागू होने से पहले 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण द्वारा, उसके साथ या उसके लिए किए गए सभी ऋण, दायित्व और देनदारियां, किए गए सभी अनुबंध और किए जाने वाले सभी मामले और चीजें, जो 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के उद्देश्य के लिए या उसके संबंध में किए गए हों, राज्य प्राधिकरण द्वारा, उसके साथ या उसके लिए किए गए माने जाएंगे;
(iii) राज्य प्राधिकरण के गठन से पहले 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण को देय सभी धनराशि राज्य प्राधिकरण को देय होगी;
(iv) दिनांक 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में ऐसे राज्य में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण द्वारा या उसके विरुद्ध शुरू किए गए या शुरू किए जा सकने वाले सभी मुकदमे और कानूनी कार्यवाही राज्य प्राधिकरण द्वारा या उसके विरुद्ध जारी रखी जा सकती हैं या शुरू की जा सकती हैं।
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