CAF Act 27अध्याय V · Finance, Accounts, Audit and Annual Report
धारा 27 · राज्य प्राधिकरण के लेखा-जोखा एवं लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक राज्य प्राधिकरण उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगा तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से निर्धारित प्रारूप में वार्षिक लेखा विवरण तैयार करेगा।
(2) प्रत्येक राज्य प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि वह निर्दिष्ट करे तथा ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय राज्य प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक तथा राज्य प्राधिकरण के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं तथा विशेष रूप से उन्हें बही-खातों, खातों, संबंधित वाउचरों, अन्य दस्तावेजों और कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने तथा राज्य प्राधिकरण के कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या इस संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित राज्य प्राधिकरण के खाते, साथ ही उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट, राज्य प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
(5) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से छह माह की अवधि के भीतर उन सभी निधियों के लेखापरीक्षा करेगा जो तदर्थ प्राधिकरण द्वारा राज्यों में दिनांक 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरणों को हस्तांतरित की गई हैं और इस धारा के अंतर्गत राज्य सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(6) केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के माध्यम से राज्य निधि और राज्य प्राधिकरण का विशेष लेखापरीक्षा या प्रदर्शन लेखापरीक्षा करने का अधिकार होगा।
(2) प्रत्येक राज्य प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि वह निर्दिष्ट करे तथा ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय राज्य प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक तथा राज्य प्राधिकरण के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं तथा विशेष रूप से उन्हें बही-खातों, खातों, संबंधित वाउचरों, अन्य दस्तावेजों और कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने तथा राज्य प्राधिकरण के कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या इस संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित राज्य प्राधिकरण के खाते, साथ ही उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट, राज्य प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
(5) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से छह माह की अवधि के भीतर उन सभी निधियों के लेखापरीक्षा करेगा जो तदर्थ प्राधिकरण द्वारा राज्यों में दिनांक 2 जुलाई, 2009 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में गठित राज्य क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरणों को हस्तांतरित की गई हैं और इस धारा के अंतर्गत राज्य सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(6) केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के माध्यम से राज्य निधि और राज्य प्राधिकरण का विशेष लेखापरीक्षा या प्रदर्शन लेखापरीक्षा करने का अधिकार होगा।
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