CAF Act 22अध्याय V · Finance, Accounts, Audit and Annual Report
धारा 22 · राष्ट्रीय प्राधिकरण के लेखा-जोखा एवं लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राष्ट्रीय प्राधिकरण उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगा तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से निर्धारित प्रारूप में वार्षिक लेखा विवरण तैयार करेगा।
(2) राष्ट्रीय प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक तथा राष्ट्रीय प्राधिकरण के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं तथा विशेष रूप से उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागज़ातों को प्रस्तुत करने की मांग करने तथा राष्ट्रीय प्राधिकरण के कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या इस संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित राष्ट्रीय प्राधिकरण के खाते, साथ ही उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट, राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
(5) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से छह माह की अवधि के भीतर राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों द्वारा एकत्र किए गए उन सभी धनों के लेखापरीक्षा करेगा, जिन्हें तदर्थ प्राधिकरण के अधीन रखा गया है तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा किया गया है, और इस धारा के अंतर्गत केंद्र सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(6) केंद्र सरकार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के माध्यम से राष्ट्रीय निधि और राष्ट्रीय प्राधिकरण का विशेष लेखापरीक्षा या प्रदर्शन लेखापरीक्षा करने का अधिकार होगा।
(2) राष्ट्रीय प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक तथा राष्ट्रीय प्राधिकरण के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं तथा विशेष रूप से उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागज़ातों को प्रस्तुत करने की मांग करने तथा राष्ट्रीय प्राधिकरण के कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या इस संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित राष्ट्रीय प्राधिकरण के खाते, साथ ही उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट, राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
(5) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से छह माह की अवधि के भीतर राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों द्वारा एकत्र किए गए उन सभी धनों के लेखापरीक्षा करेगा, जिन्हें तदर्थ प्राधिकरण के अधीन रखा गया है तथा राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा किया गया है, और इस धारा के अंतर्गत केंद्र सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(6) केंद्र सरकार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के माध्यम से राष्ट्रीय निधि और राष्ट्रीय प्राधिकरण का विशेष लेखापरीक्षा या प्रदर्शन लेखापरीक्षा करने का अधिकार होगा।
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