RGNIYD Act 6अध्याय II · Rajiv Gandhi National Institute of Youth Development
धारा 6 · संस्थान के उद्देश्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
संस्थान के उद्देश्य निम्नलिखित होंगे:--
(क) युवाओं को भविष्य के लिए तैयार और सशक्त बनाने हेतु युवा विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण विकसित करना और उसे प्राप्त करना, जिसके द्वारा--
(i) नीति निर्माण के लिए कार्रवाईोन्मुखी अनुसंधान संबंधी जानकारी प्रदान करना;
(ii) विस्तार और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से नीति का कार्यान्वयन;
(iii) मूल्यांकन और प्रभाव अध्ययन को बढ़ावा देना तथा शिक्षण, प्रशिक्षण और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन करना;
(ख) अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत राष्ट्रीय युवा संसाधन केंद्र स्थापित करना, जिसमें युवाओं से संबंधित सभी मुद्दों और मामलों पर व्यापक और वैज्ञानिक रूप से विश्लेषित आंकड़े उपलब्ध कराए जाएं, साथ ही पर्याप्त पुस्तकालय सुविधा, प्रलेखन और प्रकाशन की व्यवस्था हो;
(ग) विस्तार एवं आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास तथा ज्ञान के प्रसार के लिए प्रावधान करना;
(घ) युवा निकायों, संगठनों और युवाओं से संबंधित एजेंसियों सहित हितधारकों की क्षमता निर्माण के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना;
(ई) युवाओं को समावेशी विकास और राष्ट्र निर्माण में भाग लेने के लिए सशक्त बनाना;
(f) युवाओं के क्षेत्र में उन्नत अध्ययन के संस्थान के रूप में विकसित होना तथा इस उद्देश्य के लिए आवश्यक व्यावसायिक उत्कृष्टता विकसित करना;
(जी) स्नातकोत्तर स्तर पर रोजगारोन्मुखी और अंतःविषयक पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवा विकास के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्रदान करना।
(क) युवाओं को भविष्य के लिए तैयार और सशक्त बनाने हेतु युवा विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण विकसित करना और उसे प्राप्त करना, जिसके द्वारा--
(i) नीति निर्माण के लिए कार्रवाईोन्मुखी अनुसंधान संबंधी जानकारी प्रदान करना;
(ii) विस्तार और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से नीति का कार्यान्वयन;
(iii) मूल्यांकन और प्रभाव अध्ययन को बढ़ावा देना तथा शिक्षण, प्रशिक्षण और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन करना;
(ख) अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नत राष्ट्रीय युवा संसाधन केंद्र स्थापित करना, जिसमें युवाओं से संबंधित सभी मुद्दों और मामलों पर व्यापक और वैज्ञानिक रूप से विश्लेषित आंकड़े उपलब्ध कराए जाएं, साथ ही पर्याप्त पुस्तकालय सुविधा, प्रलेखन और प्रकाशन की व्यवस्था हो;
(ग) विस्तार एवं आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास तथा ज्ञान के प्रसार के लिए प्रावधान करना;
(घ) युवा निकायों, संगठनों और युवाओं से संबंधित एजेंसियों सहित हितधारकों की क्षमता निर्माण के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करना;
(ई) युवाओं को समावेशी विकास और राष्ट्र निर्माण में भाग लेने के लिए सशक्त बनाना;
(f) युवाओं के क्षेत्र में उन्नत अध्ययन के संस्थान के रूप में विकसित होना तथा इस उद्देश्य के लिए आवश्यक व्यावसायिक उत्कृष्टता विकसित करना;
(जी) स्नातकोत्तर स्तर पर रोजगारोन्मुखी और अंतःविषयक पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवा विकास के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्रदान करना।
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