RGNIYD Act 36अध्याय V · Finance, Accounts and Audit
धारा 36 · मध्यस्थता न्यायाधिकरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) संस्थान और उसके किसी कर्मचारी के बीच अनुबंध से उत्पन्न कोई भी विवाद, संबंधित कर्मचारी के अनुरोध पर या संस्थान के आग्रह पर, एक मध्यस्थता न्यायाधिकरण को भेजा जाएगा जिसमें संस्थान द्वारा नियुक्त एक सदस्य, कर्मचारी द्वारा नामित एक सदस्य और आगंतुक द्वारा नियुक्त एक निर्णायक शामिल होंगे।
(2) न्यायाधिकरण का निर्णय अंतिम होगा और किसी भी न्यायालय में इस पर प्रश्न नहीं उठाया जाएगा।
(3) किसी भी न्यायालय में किसी ऐसे मामले के संबंध में कोई मुकदमा या कार्यवाही नहीं होगी, जिसे उपधारा (1) के अनुसार मध्यस्थता न्यायाधिकरण को संदर्भित किया जाना आवश्यक है।
(4) मध्यस्थता न्यायाधिकरण को अपनी प्रक्रिया को विनियमित करने का अधिकार होगा।
(5) मध्यस्थता से संबंधित किसी भी कानून में निहित कोई भी बात इस धारा के अंतर्गत मध्यस्थता पर लागू नहीं होगी।
(2) न्यायाधिकरण का निर्णय अंतिम होगा और किसी भी न्यायालय में इस पर प्रश्न नहीं उठाया जाएगा।
(3) किसी भी न्यायालय में किसी ऐसे मामले के संबंध में कोई मुकदमा या कार्यवाही नहीं होगी, जिसे उपधारा (1) के अनुसार मध्यस्थता न्यायाधिकरण को संदर्भित किया जाना आवश्यक है।
(4) मध्यस्थता न्यायाधिकरण को अपनी प्रक्रिया को विनियमित करने का अधिकार होगा।
(5) मध्यस्थता से संबंधित किसी भी कानून में निहित कोई भी बात इस धारा के अंतर्गत मध्यस्थता पर लागू नहीं होगी।
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