NFS Act 24अध्याय IX · Obligations of State Government for Food Security
धारा 24 · खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी योजनाओं का कार्यान्वयन और निगरानी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य सरकार केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए, प्रत्येक योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, और अपनी स्वयं की योजनाओं के लिए भी जिम्मेदार होगी, ताकि उनके राज्य में लक्षित लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
(2) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत, राज्य सरकार का यह कर्तव्य होगा कि वह—
(क) राज्य में केंद्र सरकार के नामित डिपो से अनुसूची 1 में निर्दिष्ट कीमतों पर खाद्यान्न की डिलीवरी लेना, प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान के दरवाजे पर अपने अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से आवंटित खाद्यान्न की डिलीवरी के लिए अंतर-राज्यीय आवंटन का आयोजन करना; और
(ख) अनुसूची 1 में निर्दिष्ट कीमतों पर पात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न की वास्तविक डिलीवरी या आपूर्ति सुनिश्चित करना।
(3) धारा 4, 5 और धारा 6 के तहत पात्रता के संबंध में खाद्यान्न आवश्यकताओं के लिए, राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी होगी कि वह राज्य में केंद्र सरकार के नामित डिपो से पात्र परिवारों के लिए अनुसूची 1 में निर्दिष्ट कीमतों पर खाद्यान्न की डिलीवरी ले और उपर्युक्त धाराओं में निर्दिष्ट अनुसार पात्र लाभों की वास्तविक डिलीवरी सुनिश्चित करे।
(4) अध्याय II के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न या भोजन की पात्र मात्रा की आपूर्ति न होने की स्थिति में, राज्य सरकार धारा 8 में निर्दिष्ट खाद्य सुरक्षा भत्ता के भुगतान के लिए उत्तरदायी होगी।
(5) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कुशल संचालन के लिए, प्रत्येक राज्य सरकार निम्नलिखित कार्य करेगी:—
(क) राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर वैज्ञानिक भंडारण सुविधाएं स्थापित करना और उनका रखरखाव करना, जो लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य खाद्य आधारित कल्याणकारी योजनाओं के तहत आवश्यक खाद्यान्नों को रखने के लिए पर्याप्त हों;
(ख) अपने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगमों और अन्य नामित एजेंसियों की क्षमताओं को उपयुक्त रूप से मजबूत करना;
(ग) आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) के तहत बनाए गए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2001 के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार उचित मूल्य की दुकानों के लिए संस्थागत लाइसेंसिंग व्यवस्था स्थापित करना, जैसा कि समय-समय पर संशोधित किया गया है।
(2) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत, राज्य सरकार का यह कर्तव्य होगा कि वह—
(क) राज्य में केंद्र सरकार के नामित डिपो से अनुसूची 1 में निर्दिष्ट कीमतों पर खाद्यान्न की डिलीवरी लेना, प्रत्येक उचित मूल्य की दुकान के दरवाजे पर अपने अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से आवंटित खाद्यान्न की डिलीवरी के लिए अंतर-राज्यीय आवंटन का आयोजन करना; और
(ख) अनुसूची 1 में निर्दिष्ट कीमतों पर पात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न की वास्तविक डिलीवरी या आपूर्ति सुनिश्चित करना।
(3) धारा 4, 5 और धारा 6 के तहत पात्रता के संबंध में खाद्यान्न आवश्यकताओं के लिए, राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी होगी कि वह राज्य में केंद्र सरकार के नामित डिपो से पात्र परिवारों के लिए अनुसूची 1 में निर्दिष्ट कीमतों पर खाद्यान्न की डिलीवरी ले और उपर्युक्त धाराओं में निर्दिष्ट अनुसार पात्र लाभों की वास्तविक डिलीवरी सुनिश्चित करे।
(4) अध्याय II के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न या भोजन की पात्र मात्रा की आपूर्ति न होने की स्थिति में, राज्य सरकार धारा 8 में निर्दिष्ट खाद्य सुरक्षा भत्ता के भुगतान के लिए उत्तरदायी होगी।
(5) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कुशल संचालन के लिए, प्रत्येक राज्य सरकार निम्नलिखित कार्य करेगी:—
(क) राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर वैज्ञानिक भंडारण सुविधाएं स्थापित करना और उनका रखरखाव करना, जो लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य खाद्य आधारित कल्याणकारी योजनाओं के तहत आवश्यक खाद्यान्नों को रखने के लिए पर्याप्त हों;
(ख) अपने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगमों और अन्य नामित एजेंसियों की क्षमताओं को उपयुक्त रूप से मजबूत करना;
(ग) आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (10 ऑफ 1955) के तहत बनाए गए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2001 के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार उचित मूल्य की दुकानों के लिए संस्थागत लाइसेंसिंग व्यवस्था स्थापित करना, जैसा कि समय-समय पर संशोधित किया गया है।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
