The Emigration Act, 1983 24अध्याय VII · Offences and Penalties
धारा 24 · अपराध और दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई भी--
(क) इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप को छोड़कर कोई भी व्यक्ति देश छोड़कर पलायन करता है; या
(ख) धारा 10 या धारा 16 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है; या
(ग) जानबूझकर कोई झूठी जानकारी देकर या किसी महत्वपूर्ण जानकारी को छुपाकर इस अधिनियम के तहत कोई प्रमाण पत्र, परमिट या उत्प्रवासन मंजूरी प्राप्त करता है; या
(घ) वैध प्राधिकार के बिना इस अधिनियम के तहत जारी या बनाए गए किसी प्रमाण पत्र या परमिट या किसी दस्तावेज या उत्प्रविष्टि में कोई परिवर्तन करता है या करवाता है; या
(ई) इस अधिनियम के अंतर्गत उत्प्रवासियों के संरक्षक के किसी आदेश का उल्लंघन करता है या उसका पालन करने में लापरवाही बरतता है; या
(f) किसी प्रवासी से इस अधिनियम के तहत निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क वसूलता है; या
(जी) किसी प्रवासी को धोखा देता है;
इसके लिए दो वर्ष तक के कारावास और दो हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।
बशर्ते कि न्यायालय के निर्णय में उल्लेखित किए जाने वाले विपरीत किसी विशेष और पर्याप्त कारण के अभाव में, ऐसा कारावास छह महीने से कम नहीं होगा और ऐसा जुर्माना एक हजार रुपये से कम नहीं होगा।
(2) जो कोई उपधारा (1) के अधीन कोई अपराध करने का प्रयास करेगा, उसे उस उपधारा के अधीन ऐसे अपराध के लिए निर्धारित दंड से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी इस अधिनियम के तहत किसी उत्प्रवासन मंजूरी के अधीन किसी शर्त या नियम का उल्लंघन करता है, यदि इस अधिनियम में कहीं और ऐसे उल्लंघन के लिए कोई अन्य दंड निर्धारित नहीं है, तो उसे एक वर्ष तक के कारावास या दो हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी इस अधिनियम के तहत दंडनीय किसी अपराध का उकसाता है, यदि उकसाने के परिणामस्वरूप वह कार्य किया जाता है, तो उसे उस अपराध के लिए निर्धारित दंड से दंडित किया जाएगा।
(5) जो कोई इस अधिनियम के किसी प्रावधान के तहत किसी अपराध का दोषी पाया गया हो और फिर उसी प्रावधान के तहत किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो उसे दूसरे और उसके बाद के प्रत्येक अपराध के लिए उस अपराध के लिए निर्धारित दंड से दुगुना दंड दिया जाएगा।
(क) इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप को छोड़कर कोई भी व्यक्ति देश छोड़कर पलायन करता है; या
(ख) धारा 10 या धारा 16 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है; या
(ग) जानबूझकर कोई झूठी जानकारी देकर या किसी महत्वपूर्ण जानकारी को छुपाकर इस अधिनियम के तहत कोई प्रमाण पत्र, परमिट या उत्प्रवासन मंजूरी प्राप्त करता है; या
(घ) वैध प्राधिकार के बिना इस अधिनियम के तहत जारी या बनाए गए किसी प्रमाण पत्र या परमिट या किसी दस्तावेज या उत्प्रविष्टि में कोई परिवर्तन करता है या करवाता है; या
(ई) इस अधिनियम के अंतर्गत उत्प्रवासियों के संरक्षक के किसी आदेश का उल्लंघन करता है या उसका पालन करने में लापरवाही बरतता है; या
(f) किसी प्रवासी से इस अधिनियम के तहत निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क वसूलता है; या
(जी) किसी प्रवासी को धोखा देता है;
इसके लिए दो वर्ष तक के कारावास और दो हजार रुपये तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।
बशर्ते कि न्यायालय के निर्णय में उल्लेखित किए जाने वाले विपरीत किसी विशेष और पर्याप्त कारण के अभाव में, ऐसा कारावास छह महीने से कम नहीं होगा और ऐसा जुर्माना एक हजार रुपये से कम नहीं होगा।
(2) जो कोई उपधारा (1) के अधीन कोई अपराध करने का प्रयास करेगा, उसे उस उपधारा के अधीन ऐसे अपराध के लिए निर्धारित दंड से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी इस अधिनियम के तहत किसी उत्प्रवासन मंजूरी के अधीन किसी शर्त या नियम का उल्लंघन करता है, यदि इस अधिनियम में कहीं और ऐसे उल्लंघन के लिए कोई अन्य दंड निर्धारित नहीं है, तो उसे एक वर्ष तक के कारावास या दो हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(4) जो कोई भी इस अधिनियम के तहत दंडनीय किसी अपराध का उकसाता है, यदि उकसाने के परिणामस्वरूप वह कार्य किया जाता है, तो उसे उस अपराध के लिए निर्धारित दंड से दंडित किया जाएगा।
(5) जो कोई इस अधिनियम के किसी प्रावधान के तहत किसी अपराध का दोषी पाया गया हो और फिर उसी प्रावधान के तहत किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो उसे दूसरे और उसके बाद के प्रत्येक अपराध के लिए उस अपराध के लिए निर्धारित दंड से दुगुना दंड दिया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 2 वर्ष
- न्यूनतम दंड (विधिक)
- 6 माह
- जुर्माना
- ₹2,000
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
