The Emigration Act, 1983 14अध्याय III · Registration of Recruiting Agents
धारा 14 · किसी प्रमाणपत्र का रद्द करना, निलंबित करना आदि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) पंजीकरण प्राधिकारी निम्नलिखित में से किसी एक या अधिक आधारों पर किसी भी प्रमाण पत्र को रद्द कर सकता है, और किसी अन्य आधार पर नहीं, अर्थात्:--
(क) प्रमाण पत्र धारक द्वारा अपने व्यवसाय के संचालन के तरीके या उसकी वित्तीय स्थिति में आई गिरावट, भर्ती के लिए उसके पास उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, प्रमाण पत्र धारक प्रमाण पत्र को अपने पास रखने के लिए उपयुक्त व्यक्ति नहीं है;
(ख) कि प्रमाण पत्र धारक ने भारत के हितों के प्रतिकूल उद्देश्यों या सार्वजनिक नीति के विपरीत उद्देश्यों के लिए प्रवासियों की भर्ती की है;
(ग) कि प्रमाण पत्र धारक को प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भारत में नैतिक पतन से जुड़े किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो;
(घ) प्रमाण पत्र धारक को प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भारत में किसी न्यायालय द्वारा इस अधिनियम, उत्प्रवास अधिनियम, 1922 (7 ऑफ 1922), या पासपोर्ट, विदेशी मुद्रा, ड्रग्स, नशीले पदार्थों या तस्करी से संबंधित किसी अन्य कानून के तहत किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो और उसके संबंध में कम से कम छह महीने के कारावास की सजा सुनाई गई हो;
(ई) कि प्रमाण पत्र किसी महत्वपूर्ण तथ्य के गलत बयानी या छिपाव के आधार पर जारी या नवीनीकृत किया गया है;
(f) कि प्रमाण पत्र धारक ने प्रमाण पत्र की किसी भी शर्त और नियम का उल्लंघन किया है;
(जी) केंद्र सरकार की राय में भारत के किसी विदेशी देश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के हित में या आम जनता के हित में प्रमाण पत्र रद्द करना आवश्यक है।
(2) जहाँ पंजीकरण प्राधिकारी, लिखित में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, संतुष्ट हो कि उपधारा (1) में उल्लिखित किसी आधार पर किसी प्रमाण पत्र को रद्द करने के प्रश्न पर विचार किए जाने तक ऐसा करना आवश्यक है, तो पंजीकरण प्राधिकारी लिखित आदेश द्वारा प्रमाण पत्र के संचालन को अधिकतम तीस दिनों की अवधि के लिए निलंबित कर सकता है, जैसा कि आदेश में निर्दिष्ट किया जा सकता है, और प्रमाण पत्र धारक से ऐसे आदेश की प्राप्ति की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर कारण बताने को कह सकता है कि पंजीकरण रद्द किया जाना चाहिए या नहीं, इस प्रश्न के निर्धारण तक प्रमाण पत्र का निलंबन क्यों नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
(3) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध के लिए प्रमाण पत्र धारक को दोषी ठहराने वाला न्यायालय प्रमाण पत्र रद्द भी कर सकता है:
बशर्ते कि यदि अपील में या अन्यथा दोषसिद्धि रद्द कर दी जाती है, तो उप-धारा (3) के तहत रद्द करना शून्य हो जाएगा।
(4) उपधारा (3) के तहत किसी प्रमाण पत्र को रद्द करने का आदेश अपील न्यायालय द्वारा या पुनरीक्षण की शक्तियों का प्रयोग करने वाले न्यायालय द्वारा दिया जा सकता है।
(5) किसी प्रमाण पत्र को रद्द करने या निलंबित करने का आदेश पारित करने से पहले, पंजीकरण प्राधिकारी या न्यायालय, जैसा भी मामला हो, इस प्रश्न पर विचार करेगा कि उन प्रावधानों और व्यवस्थाओं के संबंध में क्या किया जाना चाहिए जो उन प्रवासियों और अन्य व्यक्तियों के हितों की रक्षा के लिए की जानी चाहिए जिनके साथ प्रमाण पत्र धारक ने भर्ती एजेंट के रूप में अपने व्यवसाय के दौरान कोई लेन-देन किया हो, और इस संबंध में वह ऐसे आदेश (जिनमें प्रमाण पत्र धारक को ऐसे सभी या किसी भी प्रवासी और अन्य व्यक्तियों के संबंध में अपना व्यवसाय जारी रखने की अनुमति देने वाले आदेश शामिल हैं) पारित कर सकता है जिन्हें वह आवश्यक समझे।
(6) यदि किसी व्यक्ति को जारी किया गया कोई प्रमाण पत्र इस धारा के अंतर्गत रद्द कर दिया गया है, तो ऐसा व्यक्ति इस अध्याय के अंतर्गत किसी अन्य प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के लिए तब तक पात्र नहीं होगा जब तक कि रद्द किए जाने की तिथि से दो वर्ष की अवधि समाप्त न हो जाए।
(क) प्रमाण पत्र धारक द्वारा अपने व्यवसाय के संचालन के तरीके या उसकी वित्तीय स्थिति में आई गिरावट, भर्ती के लिए उसके पास उपलब्ध सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए, प्रमाण पत्र धारक प्रमाण पत्र को अपने पास रखने के लिए उपयुक्त व्यक्ति नहीं है;
(ख) कि प्रमाण पत्र धारक ने भारत के हितों के प्रतिकूल उद्देश्यों या सार्वजनिक नीति के विपरीत उद्देश्यों के लिए प्रवासियों की भर्ती की है;
(ग) कि प्रमाण पत्र धारक को प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भारत में नैतिक पतन से जुड़े किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो;
(घ) प्रमाण पत्र धारक को प्रमाण पत्र जारी होने के बाद भारत में किसी न्यायालय द्वारा इस अधिनियम, उत्प्रवास अधिनियम, 1922 (7 ऑफ 1922), या पासपोर्ट, विदेशी मुद्रा, ड्रग्स, नशीले पदार्थों या तस्करी से संबंधित किसी अन्य कानून के तहत किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो और उसके संबंध में कम से कम छह महीने के कारावास की सजा सुनाई गई हो;
(ई) कि प्रमाण पत्र किसी महत्वपूर्ण तथ्य के गलत बयानी या छिपाव के आधार पर जारी या नवीनीकृत किया गया है;
(f) कि प्रमाण पत्र धारक ने प्रमाण पत्र की किसी भी शर्त और नियम का उल्लंघन किया है;
(जी) केंद्र सरकार की राय में भारत के किसी विदेशी देश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के हित में या आम जनता के हित में प्रमाण पत्र रद्द करना आवश्यक है।
(2) जहाँ पंजीकरण प्राधिकारी, लिखित में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, संतुष्ट हो कि उपधारा (1) में उल्लिखित किसी आधार पर किसी प्रमाण पत्र को रद्द करने के प्रश्न पर विचार किए जाने तक ऐसा करना आवश्यक है, तो पंजीकरण प्राधिकारी लिखित आदेश द्वारा प्रमाण पत्र के संचालन को अधिकतम तीस दिनों की अवधि के लिए निलंबित कर सकता है, जैसा कि आदेश में निर्दिष्ट किया जा सकता है, और प्रमाण पत्र धारक से ऐसे आदेश की प्राप्ति की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर कारण बताने को कह सकता है कि पंजीकरण रद्द किया जाना चाहिए या नहीं, इस प्रश्न के निर्धारण तक प्रमाण पत्र का निलंबन क्यों नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
(3) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी अपराध के लिए प्रमाण पत्र धारक को दोषी ठहराने वाला न्यायालय प्रमाण पत्र रद्द भी कर सकता है:
बशर्ते कि यदि अपील में या अन्यथा दोषसिद्धि रद्द कर दी जाती है, तो उप-धारा (3) के तहत रद्द करना शून्य हो जाएगा।
(4) उपधारा (3) के तहत किसी प्रमाण पत्र को रद्द करने का आदेश अपील न्यायालय द्वारा या पुनरीक्षण की शक्तियों का प्रयोग करने वाले न्यायालय द्वारा दिया जा सकता है।
(5) किसी प्रमाण पत्र को रद्द करने या निलंबित करने का आदेश पारित करने से पहले, पंजीकरण प्राधिकारी या न्यायालय, जैसा भी मामला हो, इस प्रश्न पर विचार करेगा कि उन प्रावधानों और व्यवस्थाओं के संबंध में क्या किया जाना चाहिए जो उन प्रवासियों और अन्य व्यक्तियों के हितों की रक्षा के लिए की जानी चाहिए जिनके साथ प्रमाण पत्र धारक ने भर्ती एजेंट के रूप में अपने व्यवसाय के दौरान कोई लेन-देन किया हो, और इस संबंध में वह ऐसे आदेश (जिनमें प्रमाण पत्र धारक को ऐसे सभी या किसी भी प्रवासी और अन्य व्यक्तियों के संबंध में अपना व्यवसाय जारी रखने की अनुमति देने वाले आदेश शामिल हैं) पारित कर सकता है जिन्हें वह आवश्यक समझे।
(6) यदि किसी व्यक्ति को जारी किया गया कोई प्रमाण पत्र इस धारा के अंतर्गत रद्द कर दिया गया है, तो ऐसा व्यक्ति इस अध्याय के अंतर्गत किसी अन्य प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के लिए तब तक पात्र नहीं होगा जब तक कि रद्द किए जाने की तिथि से दो वर्ष की अवधि समाप्त न हो जाए।
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