The Emigration Act, 1983 22अध्याय V · Emigration Clearance
धारा 22 · आप्रवासन मंजूरी संबंधी आवश्यकताएं आदि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) भारत का कोई भी नागरिक तब तक देश छोड़कर नहीं जाएगा जब तक कि वह इस अध्याय के अंतर्गत प्रवासी संरक्षक से निर्धारित तरीके और प्रपत्र में देश छोड़ने की अनुमति प्राप्त न कर ले (इस अनुमति को आगे से देश छोड़ने की मंजूरी कहा जाएगा)।
(2) उत्प्रवासन मंजूरी के लिए आवेदन निर्धारित प्रपत्र में होगा, उसमें निर्धारित विवरण होंगे और संबंधित उत्प्रवासी द्वारा उत्प्रवासियों के संरक्षक को किया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा आवेदन भर्ती एजेंट के माध्यम से किया जा सकता है, यदि कोई हो, जिसके माध्यम से प्रवासी की भर्ती की गई है या संबंधित नियोक्ता के माध्यम से किया जा सकता है।
(3) उपधारा (2) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन के साथ निम्नलिखित संलग्न होना चाहिए--
(क) उस रोजगार से संबंधित समझौते की एक सच्ची प्रति (निर्धारित तरीके से सत्यापित और प्रमाणित) जिसके लिए आवेदक प्रवास करने का प्रस्ताव करता है, और यदि ऐसे समझौते में सभी या किसी भी निर्धारित मामले का प्रावधान नहीं है, तो ऐसे मामलों से संबंधित विवरण देते हुए एक विवरण (निर्धारित तरीके से सत्यापित और प्रमाणित);
(ख) आवेदक को भारत वापस लाने की व्यवस्था करने की आवश्यकता पड़ने पर होने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए सुरक्षा के रूप में प्रदान किए गए प्रावधान के संबंध में एक बयान (निर्धारित तरीके से सत्यापित और प्रमाणित);
(ग) निर्धारित शुल्क के भुगतान का प्रमाण देने वाली रसीद;
(घ) ऐसे अन्य प्रासंगिक दस्तावेज या प्रासंगिक दस्तावेजों की प्रतियां, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(4) उत्प्रवासियों का संरक्षक, आवेदन में और आवेदन के साथ प्रस्तुत अन्य दस्तावेजों में उल्लिखित विवरणों की सटीकता से संतुष्ट होने के बाद, निर्धारित तरीके और प्रपत्र में आवेदक के उत्प्रवास को अधिकृत करेगा या आवेदक को या, जैसा भी मामला हो, भर्ती एजेंट या नियोक्ता को, जिसके माध्यम से आवेदन किए गए हैं, लिखित आदेश द्वारा कमियों के बारे में सूचित करेगा और उसे आदेश में निर्दिष्ट समय के भीतर ऐसी कमियों को दूर करने के लिए कहेगा या आवेदन को अस्वीकार कर देगा।
(5) इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उत्प्रवासियों का संरक्षक इस धारा के अंतर्गत उत्प्रवासन मंजूरी के लिए आवेदन को निम्नलिखित में से किसी एक या अधिक आधारों पर अस्वीकार कर सकता है, और किसी अन्य आधार पर नहीं, अर्थात्:--
(क) आवेदक द्वारा प्रस्तावित रोजगार की शर्तें और नियम भेदभावपूर्ण या शोषणकारी हैं;
(ख) आवेदक द्वारा प्रस्तावित रोजगार में ऐसा कार्य शामिल है जो भारत के कानूनों के अनुसार गैरकानूनी है या भारत की सार्वजनिक नीति के विरुद्ध है या मानवीय गरिमा और शालीनता के मानदंडों का उल्लंघन करता है;
(ग) कि आवेदक को निम्न स्तर की कार्य या जीवन स्थितियों में काम करना या रहना होगा;
(घ) आवेदक जिस देश या स्थान पर रोजगार ग्रहण करने का प्रस्ताव करता है, वहां की प्रचलित परिस्थितियों या उस नियोक्ता के पूर्ववृत्त, जिसके अधीन आवेदक रोजगार ग्रहण करने का प्रस्ताव करता है, या किसी अन्य प्रासंगिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, आवेदक के लिए प्रवास करना हित में नहीं होगा;
(ई) कि आवेदक को भारत वापस लाने की व्यवस्था करना आवश्यक हो जाने की स्थिति में होने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए कोई प्रावधान या व्यवस्था नहीं की गई है, या इस संबंध में किए गए प्रावधान या व्यवस्था इस उद्देश्य के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
(6) उत्प्रवासन मंजूरी के लिए आवेदन अस्वीकार करने वाले प्रत्येक आदेश में स्पष्ट रूप से वह आधार या आधार बताए जाएंगे जिन पर आदेश दिया गया है और वे तथ्य या परिस्थितियाँ जिन पर ऐसा आधार या आधार आधारित हैं।
(2) उत्प्रवासन मंजूरी के लिए आवेदन निर्धारित प्रपत्र में होगा, उसमें निर्धारित विवरण होंगे और संबंधित उत्प्रवासी द्वारा उत्प्रवासियों के संरक्षक को किया जाएगा:
बशर्ते कि ऐसा आवेदन भर्ती एजेंट के माध्यम से किया जा सकता है, यदि कोई हो, जिसके माध्यम से प्रवासी की भर्ती की गई है या संबंधित नियोक्ता के माध्यम से किया जा सकता है।
(3) उपधारा (2) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन के साथ निम्नलिखित संलग्न होना चाहिए--
(क) उस रोजगार से संबंधित समझौते की एक सच्ची प्रति (निर्धारित तरीके से सत्यापित और प्रमाणित) जिसके लिए आवेदक प्रवास करने का प्रस्ताव करता है, और यदि ऐसे समझौते में सभी या किसी भी निर्धारित मामले का प्रावधान नहीं है, तो ऐसे मामलों से संबंधित विवरण देते हुए एक विवरण (निर्धारित तरीके से सत्यापित और प्रमाणित);
(ख) आवेदक को भारत वापस लाने की व्यवस्था करने की आवश्यकता पड़ने पर होने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए सुरक्षा के रूप में प्रदान किए गए प्रावधान के संबंध में एक बयान (निर्धारित तरीके से सत्यापित और प्रमाणित);
(ग) निर्धारित शुल्क के भुगतान का प्रमाण देने वाली रसीद;
(घ) ऐसे अन्य प्रासंगिक दस्तावेज या प्रासंगिक दस्तावेजों की प्रतियां, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(4) उत्प्रवासियों का संरक्षक, आवेदन में और आवेदन के साथ प्रस्तुत अन्य दस्तावेजों में उल्लिखित विवरणों की सटीकता से संतुष्ट होने के बाद, निर्धारित तरीके और प्रपत्र में आवेदक के उत्प्रवास को अधिकृत करेगा या आवेदक को या, जैसा भी मामला हो, भर्ती एजेंट या नियोक्ता को, जिसके माध्यम से आवेदन किए गए हैं, लिखित आदेश द्वारा कमियों के बारे में सूचित करेगा और उसे आदेश में निर्दिष्ट समय के भीतर ऐसी कमियों को दूर करने के लिए कहेगा या आवेदन को अस्वीकार कर देगा।
(5) इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उत्प्रवासियों का संरक्षक इस धारा के अंतर्गत उत्प्रवासन मंजूरी के लिए आवेदन को निम्नलिखित में से किसी एक या अधिक आधारों पर अस्वीकार कर सकता है, और किसी अन्य आधार पर नहीं, अर्थात्:--
(क) आवेदक द्वारा प्रस्तावित रोजगार की शर्तें और नियम भेदभावपूर्ण या शोषणकारी हैं;
(ख) आवेदक द्वारा प्रस्तावित रोजगार में ऐसा कार्य शामिल है जो भारत के कानूनों के अनुसार गैरकानूनी है या भारत की सार्वजनिक नीति के विरुद्ध है या मानवीय गरिमा और शालीनता के मानदंडों का उल्लंघन करता है;
(ग) कि आवेदक को निम्न स्तर की कार्य या जीवन स्थितियों में काम करना या रहना होगा;
(घ) आवेदक जिस देश या स्थान पर रोजगार ग्रहण करने का प्रस्ताव करता है, वहां की प्रचलित परिस्थितियों या उस नियोक्ता के पूर्ववृत्त, जिसके अधीन आवेदक रोजगार ग्रहण करने का प्रस्ताव करता है, या किसी अन्य प्रासंगिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, आवेदक के लिए प्रवास करना हित में नहीं होगा;
(ई) कि आवेदक को भारत वापस लाने की व्यवस्था करना आवश्यक हो जाने की स्थिति में होने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए कोई प्रावधान या व्यवस्था नहीं की गई है, या इस संबंध में किए गए प्रावधान या व्यवस्था इस उद्देश्य के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
(6) उत्प्रवासन मंजूरी के लिए आवेदन अस्वीकार करने वाले प्रत्येक आदेश में स्पष्ट रूप से वह आधार या आधार बताए जाएंगे जिन पर आदेश दिया गया है और वे तथ्य या परिस्थितियाँ जिन पर ऐसा आधार या आधार आधारित हैं।
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