The Emigration Act, 1983 17अध्याय IV · Permits for Recruitment by Employers
धारा 17 · परमिट प्राप्त करने की प्रक्रिया।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अध्याय के अंतर्गत परमिट प्राप्त करने के इच्छुक नियोक्ता इस संबंध में निर्धारित प्रपत्र में सक्षम प्राधिकारी को आवेदन कर सकते हैं।
(2) ऐसा आवेदन प्राप्त होने पर, सक्षम प्राधिकारी, इस संबंध में बनाए गए किसी भी नियम के अधीन रहते हुए, ऐसी जांच करेगा जिसे वह आवश्यक समझे और आवेदनित परमिट प्रदान करेगा या आवेदन अस्वीकार करेगा:
बशर्ते कि परमिट जारी करने से पहले सक्षम प्राधिकारी आवेदक से ऐसी शर्तों का पालन करने की अपेक्षा कर सकता है, जिनमें सुरक्षा प्रदान करने संबंधी शर्तें और ऐसी अन्य शर्तें शामिल हैं, जिन्हें वह प्राधिकारी लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, आवेदक द्वारा भर्ती किए जाने वाले भारत के नागरिकों के हित में आवश्यक समझे।
(3) इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अधीन रहते हुए, सक्षम प्राधिकारी उपधारा (1) के अंतर्गत आवेदन को निम्नलिखित में से किसी एक या अधिक आधारों पर अस्वीकार कर सकता है, और किसी अन्य आधार पर नहीं, अर्थात्:--
(क) कि आवेदन सभी दृष्टियों से पूर्ण नहीं है या आवेदन में दी गई कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी सत्य नहीं है;
(ख) कि आवेदक द्वारा भर्ती किए गए या भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों को प्रस्तावित रोजगार की शर्तें और नियम भेदभावपूर्ण या शोषणकारी हैं;
(ग) आवेदक द्वारा प्रस्तावित रोजगार में ऐसा कार्य शामिल है जो भारत के कानूनों के अनुसार गैरकानूनी है या भारत की सार्वजनिक नीति के विरुद्ध है या मानवीय गरिमा और शालीनता के मानदंडों का उल्लंघन करता है;
(घ) आवेदक के पूर्ववृत्त, उसकी वित्तीय स्थिति, उसके पास उपलब्ध सुविधाओं, अतीत में उसके द्वारा नियोजित व्यक्तियों की कार्य और जीवन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, उसे परमिट जारी करना सार्वजनिक हित में या उसके द्वारा भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के हित में नहीं होगा;
(ई) कि देश में या उस स्थान पर जहां आवेदक अपने द्वारा भर्ती किए गए व्यक्तियों को नियोजित करने का प्रस्ताव करता है, प्रचलित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, भारत के किसी भी नागरिक के लिए इस तरह के रोजगार के लिए प्रवास करना हित में नहीं होगा।
(4) जहां सक्षम प्राधिकारी उपधारा (2) के अंतर्गत किसी आवेदन को अस्वीकार करने का आदेश देता है, तो वह ऐसे आदेश देने के कारणों का संक्षिप्त विवरण लिखित रूप में दर्ज करेगा और आवेदक को मांग पर उसकी एक प्रति उपलब्ध कराएगा।
बशर्ते कि यदि सक्षम प्राधिकारी की राय में किसी विदेशी देश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के हित में या आम जनता के हित में ऐसा करना आवश्यक या उचित हो, तो वह ऐसी प्रति प्रदान करने से इनकार कर सकता है या, जैसा भी मामला हो, विवरण के केवल उन्हीं भागों की प्रति प्रदान कर सकता है जिन्हें वह उचित समझे।
(2) ऐसा आवेदन प्राप्त होने पर, सक्षम प्राधिकारी, इस संबंध में बनाए गए किसी भी नियम के अधीन रहते हुए, ऐसी जांच करेगा जिसे वह आवश्यक समझे और आवेदनित परमिट प्रदान करेगा या आवेदन अस्वीकार करेगा:
बशर्ते कि परमिट जारी करने से पहले सक्षम प्राधिकारी आवेदक से ऐसी शर्तों का पालन करने की अपेक्षा कर सकता है, जिनमें सुरक्षा प्रदान करने संबंधी शर्तें और ऐसी अन्य शर्तें शामिल हैं, जिन्हें वह प्राधिकारी लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, आवेदक द्वारा भर्ती किए जाने वाले भारत के नागरिकों के हित में आवश्यक समझे।
(3) इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अधीन रहते हुए, सक्षम प्राधिकारी उपधारा (1) के अंतर्गत आवेदन को निम्नलिखित में से किसी एक या अधिक आधारों पर अस्वीकार कर सकता है, और किसी अन्य आधार पर नहीं, अर्थात्:--
(क) कि आवेदन सभी दृष्टियों से पूर्ण नहीं है या आवेदन में दी गई कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी सत्य नहीं है;
(ख) कि आवेदक द्वारा भर्ती किए गए या भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों को प्रस्तावित रोजगार की शर्तें और नियम भेदभावपूर्ण या शोषणकारी हैं;
(ग) आवेदक द्वारा प्रस्तावित रोजगार में ऐसा कार्य शामिल है जो भारत के कानूनों के अनुसार गैरकानूनी है या भारत की सार्वजनिक नीति के विरुद्ध है या मानवीय गरिमा और शालीनता के मानदंडों का उल्लंघन करता है;
(घ) आवेदक के पूर्ववृत्त, उसकी वित्तीय स्थिति, उसके पास उपलब्ध सुविधाओं, अतीत में उसके द्वारा नियोजित व्यक्तियों की कार्य और जीवन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, उसे परमिट जारी करना सार्वजनिक हित में या उसके द्वारा भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के हित में नहीं होगा;
(ई) कि देश में या उस स्थान पर जहां आवेदक अपने द्वारा भर्ती किए गए व्यक्तियों को नियोजित करने का प्रस्ताव करता है, प्रचलित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, भारत के किसी भी नागरिक के लिए इस तरह के रोजगार के लिए प्रवास करना हित में नहीं होगा।
(4) जहां सक्षम प्राधिकारी उपधारा (2) के अंतर्गत किसी आवेदन को अस्वीकार करने का आदेश देता है, तो वह ऐसे आदेश देने के कारणों का संक्षिप्त विवरण लिखित रूप में दर्ज करेगा और आवेदक को मांग पर उसकी एक प्रति उपलब्ध कराएगा।
बशर्ते कि यदि सक्षम प्राधिकारी की राय में किसी विदेशी देश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के हित में या आम जनता के हित में ऐसा करना आवश्यक या उचित हो, तो वह ऐसी प्रति प्रदान करने से इनकार कर सकता है या, जैसा भी मामला हो, विवरण के केवल उन्हीं भागों की प्रति प्रदान कर सकता है जिन्हें वह उचित समझे।
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