IT Act 70अध्याय XI · Offences
धारा 70 · संरक्षित प्रणाली।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [(1) उपयुक्त सरकार, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, किसी भी कंप्यूटर संसाधन को, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना की सुविधा को प्रभावित करता है, एक संरक्षित प्रणाली घोषित कर सकती है।
स्पष्टीकरण .--इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए, "महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना" से तात्पर्य उस कंप्यूटर संसाधन से है, जिसके निष्क्रिय होने या नष्ट होने से राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य या सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।]
(2) उपयुक्त सरकार लिखित आदेश द्वारा उन व्यक्तियों को अधिकृत कर सकती है जो उपधारा (1) के अधीन अधिसूचित संरक्षित प्रणालियों तक पहुँचने के लिए अधिकृत हैं।
(3) कोई भी व्यक्ति जो इस धारा के प्रावधानों के उल्लंघन में किसी संरक्षित प्रणाली तक पहुँच प्राप्त करता है या पहुँच प्राप्त करने का प्रयास करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
2 [(4) केंद्र सरकार ऐसे संरक्षित सिस्टम के लिए सूचना सुरक्षा प्रथाओं और प्रक्रियाओं को निर्धारित करेगी।]
स्पष्टीकरण .--इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए, "महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना" से तात्पर्य उस कंप्यूटर संसाधन से है, जिसके निष्क्रिय होने या नष्ट होने से राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य या सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।]
(2) उपयुक्त सरकार लिखित आदेश द्वारा उन व्यक्तियों को अधिकृत कर सकती है जो उपधारा (1) के अधीन अधिसूचित संरक्षित प्रणालियों तक पहुँचने के लिए अधिकृत हैं।
(3) कोई भी व्यक्ति जो इस धारा के प्रावधानों के उल्लंघन में किसी संरक्षित प्रणाली तक पहुँच प्राप्त करता है या पहुँच प्राप्त करने का प्रयास करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दस वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
2 [(4) केंद्र सरकार ऐसे संरक्षित सिस्टम के लिए सूचना सुरक्षा प्रथाओं और प्रक्रियाओं को निर्धारित करेगी।]
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 10 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
