IT Act 67Cअध्याय XI · Offences
धारा 67C · मध्यस्थों द्वारा सूचना का संरक्षण और प्रतिधारण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
67सी. मध्यस्थों द्वारा सूचना का संरक्षण एवं प्रतिधारण।–(1) मध्यस्थ ऐसी सूचना को ऐसी अवधि के लिए और ऐसे तरीके एवं प्रारूप में संरक्षित एवं प्रतिधारण करेगा जैसा कि केंद्र सरकार निर्धारित करे।
(2) कोई मध्यस्थ जो जानबूझकर या जानते हुए उपधारा (1) के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, वह [पच्चीस लाख रुपये तक के जुर्माने का पात्र होगा]।
(2) कोई मध्यस्थ जो जानबूझकर या जानते हुए उपधारा (1) के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, वह [पच्चीस लाख रुपये तक के जुर्माने का पात्र होगा]।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 3 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
