IT Act 66Fअध्याय XI · Offences
धारा 66F · साइबर आतंकवाद के लिए दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई भी,--
(ए) भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा या संप्रभुता को खतरे में डालने या जनता या जनता के किसी वर्ग में आतंक फैलाने के इरादे से--
(i) किसी भी ऐसे व्यक्ति को कंप्यूटर संसाधन तक पहुंच से वंचित करना या वंचित करने का कारण बनना जिसे कंप्यूटर संसाधन तक पहुंच प्राप्त करने का अधिकार है; या
(ii) बिना अनुमति के किसी कंप्यूटर संसाधन में प्रवेश करने या उस तक पहुँचने का प्रयास करना या अधिकृत पहुँच से अधिक पहुँच प्राप्त करना; या
(iii) किसी कंप्यूटर संदूषक को प्रवेश कराना या प्रवेश कराने का कारण बनना,
और ऐसे आचरण के माध्यम से व्यक्तियों की मृत्यु या चोट का कारण बनता है या बनने की संभावना है, या संपत्ति को नुकसान या विनाश होता है, या समुदाय के जीवन के लिए आवश्यक आपूर्ति या सेवाओं को बाधित करता है या जानबूझकर नुकसान या व्यवधान उत्पन्न करने की संभावना है, या धारा 70 के तहत निर्दिष्ट महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है; या
(ख) जानबूझकर या इरादे से बिना अनुमति के या अधिकृत पहुँच से अधिक किसी कंप्यूटर संसाधन में प्रवेश करना या उस तक पहुँच प्राप्त करना, और ऐसे आचरण के माध्यम से ऐसी सूचना, डेटा या कंप्यूटर डेटाबेस तक पहुँच प्राप्त करना जो राज्य की सुरक्षा या विदेशी संबंधों के कारणों से प्रतिबंधित है; या किसी प्रतिबंधित सूचना, डेटा या कंप्यूटर डेटाबेस तक पहुँच प्राप्त करना, यह मानने के कारणों के साथ कि इस प्रकार प्राप्त की गई ऐसी सूचना, डेटा या कंप्यूटर डेटाबेस का उपयोग भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों, सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता या नैतिकता के हितों को नुकसान पहुँचाने या पहुँचाने की संभावना है, या न्यायालय की अवमानना, मानहानि या अपराध के लिए उकसाने के संबंध में, या किसी विदेशी राष्ट्र, व्यक्तियों के समूह या अन्यथा के लाभ के लिए किया जा सकता है।
साइबर आतंकवाद का अपराध करता है।
(2) जो कोई भी साइबर आतंकवाद करता है या करने की साजिश रचता है, उसे आजीवन कारावास तक की सजा दी जाएगी।
(ए) भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा या संप्रभुता को खतरे में डालने या जनता या जनता के किसी वर्ग में आतंक फैलाने के इरादे से--
(i) किसी भी ऐसे व्यक्ति को कंप्यूटर संसाधन तक पहुंच से वंचित करना या वंचित करने का कारण बनना जिसे कंप्यूटर संसाधन तक पहुंच प्राप्त करने का अधिकार है; या
(ii) बिना अनुमति के किसी कंप्यूटर संसाधन में प्रवेश करने या उस तक पहुँचने का प्रयास करना या अधिकृत पहुँच से अधिक पहुँच प्राप्त करना; या
(iii) किसी कंप्यूटर संदूषक को प्रवेश कराना या प्रवेश कराने का कारण बनना,
और ऐसे आचरण के माध्यम से व्यक्तियों की मृत्यु या चोट का कारण बनता है या बनने की संभावना है, या संपत्ति को नुकसान या विनाश होता है, या समुदाय के जीवन के लिए आवश्यक आपूर्ति या सेवाओं को बाधित करता है या जानबूझकर नुकसान या व्यवधान उत्पन्न करने की संभावना है, या धारा 70 के तहत निर्दिष्ट महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है; या
(ख) जानबूझकर या इरादे से बिना अनुमति के या अधिकृत पहुँच से अधिक किसी कंप्यूटर संसाधन में प्रवेश करना या उस तक पहुँच प्राप्त करना, और ऐसे आचरण के माध्यम से ऐसी सूचना, डेटा या कंप्यूटर डेटाबेस तक पहुँच प्राप्त करना जो राज्य की सुरक्षा या विदेशी संबंधों के कारणों से प्रतिबंधित है; या किसी प्रतिबंधित सूचना, डेटा या कंप्यूटर डेटाबेस तक पहुँच प्राप्त करना, यह मानने के कारणों के साथ कि इस प्रकार प्राप्त की गई ऐसी सूचना, डेटा या कंप्यूटर डेटाबेस का उपयोग भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों, सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता या नैतिकता के हितों को नुकसान पहुँचाने या पहुँचाने की संभावना है, या न्यायालय की अवमानना, मानहानि या अपराध के लिए उकसाने के संबंध में, या किसी विदेशी राष्ट्र, व्यक्तियों के समूह या अन्यथा के लाभ के लिए किया जा सकता है।
साइबर आतंकवाद का अपराध करता है।
(2) जो कोई भी साइबर आतंकवाद करता है या करने की साजिश रचता है, उसे आजीवन कारावास तक की सजा दी जाएगी।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- आजीवन कारावास
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
