IT Act 66अध्याय XI · Offences
धारा 66 · कंप्यूटर संबंधी अपराध।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [66. कंप्यूटर संबंधी अपराध। -- यदि कोई व्यक्ति बेईमानी से या कपटपूर्वक धारा 43 में निर्दिष्ट कोई कार्य करता है, तो उसे तीन वर्ष तक के कारावास या पाँच लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
स्पष्टीकरण .--इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए,--
(क) "बेईमानी से" शब्द का वही अर्थ होगा जो भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 24 में दिया गया है;
(ख) "धोखाधड़ी से" शब्द का वही अर्थ होगा जो भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 25 में दिया गया है।]
स्पष्टीकरण .--इस अनुभाग के प्रयोजनों के लिए,--
(क) "बेईमानी से" शब्द का वही अर्थ होगा जो भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 24 में दिया गया है;
(ख) "धोखाधड़ी से" शब्द का वही अर्थ होगा जो भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 25 में दिया गया है।]
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 3 वर्ष
- जुर्माना
- ₹5,00,000
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इसी अधिनियम के अपने उपबंध के अनुसार
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
