CP Act 36अध्याय IV · Consumer Disputes Redressal Commission
धारा 36 · जिला आयोग के समक्ष कार्यवाही।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जिला आयोग के समक्ष प्रत्येक कार्यवाही उस आयोग के अध्यक्ष और उसके कम से कम एक सदस्य द्वारा एक साथ बैठकर संचालित की जाएगी:
बशर्ते कि यदि कोई सदस्य किसी कारणवश कार्यवाही पूरी होने तक उसका संचालन करने में असमर्थ हो, तो अध्यक्ष और दूसरा सदस्य कार्यवाही को उस चरण से जारी रखेंगे जहां से पिछली बार पिछले सदस्य द्वारा इसकी सुनवाई की गई थी।
(2) धारा 35 के तहत प्राप्त शिकायत पर जिला आयोग आदेश द्वारा शिकायत को कार्यवाही के लिए स्वीकार कर सकता है या उसे अस्वीकार कर सकता है:
परंतु इस धारा के अंतर्गत किसी शिकायत को तब तक खारिज नहीं किया जाएगा जब तक कि शिकायतकर्ता को सुनवाई का अवसर न दिया गया हो:
इसके अलावा, शिकायत की स्वीकार्यता पर सामान्यतः शिकायत दर्ज होने की तारीख से इक्कीस दिनों के भीतर निर्णय लिया जाएगा।
(3) यदि जिला आयोग निर्धारित अवधि के भीतर शिकायत की स्वीकार्यता के मुद्दे पर निर्णय नहीं लेता है, तो उसे स्वीकार किया हुआ माना जाएगा।
बशर्ते कि यदि कोई सदस्य किसी कारणवश कार्यवाही पूरी होने तक उसका संचालन करने में असमर्थ हो, तो अध्यक्ष और दूसरा सदस्य कार्यवाही को उस चरण से जारी रखेंगे जहां से पिछली बार पिछले सदस्य द्वारा इसकी सुनवाई की गई थी।
(2) धारा 35 के तहत प्राप्त शिकायत पर जिला आयोग आदेश द्वारा शिकायत को कार्यवाही के लिए स्वीकार कर सकता है या उसे अस्वीकार कर सकता है:
परंतु इस धारा के अंतर्गत किसी शिकायत को तब तक खारिज नहीं किया जाएगा जब तक कि शिकायतकर्ता को सुनवाई का अवसर न दिया गया हो:
इसके अलावा, शिकायत की स्वीकार्यता पर सामान्यतः शिकायत दर्ज होने की तारीख से इक्कीस दिनों के भीतर निर्णय लिया जाएगा।
(3) यदि जिला आयोग निर्धारित अवधि के भीतर शिकायत की स्वीकार्यता के मुद्दे पर निर्णय नहीं लेता है, तो उसे स्वीकार किया हुआ माना जाएगा।
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