CP Act 19अध्याय III · Central Consumer Protection Authority
धारा 19 · केंद्रीय प्राधिकरण को मामले को जांच के लिए या किसी अन्य नियामक को भेजने का अधिकार है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्रीय प्राधिकरण, केंद्र सरकार से कोई सूचना, शिकायत या निर्देश प्राप्त होने पर या स्वयं पहल करके, यह पता लगाने के लिए प्रारंभिक जांच कर सकता है कि क्या किसी व्यक्ति द्वारा उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन, अनुचित व्यापार व्यवहार या झूठे या भ्रामक विज्ञापन का प्रथम दृष्टया मामला बनता है, जो जनहित या उपभोक्ताओं के हितों के लिए हानिकारक हो, और यदि वह संतुष्ट हो कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है, तो वह महानिदेशक या जिला कलेक्टर द्वारा जांच करवाएगा।
(2) जहां प्रारंभिक जांच के बाद केंद्रीय प्राधिकरण की राय है कि मामले को किसी अन्य कानून के तहत स्थापित नियामक द्वारा निपटाया जाना है, तो वह ऐसे मामले को अपनी रिपोर्ट के साथ संबंधित नियामक को भेज सकता है।
(3) उपधारा (1) के तहत जांच के प्रयोजनों के लिए, केंद्रीय प्राधिकारी, महानिदेशक या जिला कलेक्टर उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति को बुला सकता है और उसे अपने कब्जे में मौजूद कोई दस्तावेज या अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश भी दे सकता है।
(2) जहां प्रारंभिक जांच के बाद केंद्रीय प्राधिकरण की राय है कि मामले को किसी अन्य कानून के तहत स्थापित नियामक द्वारा निपटाया जाना है, तो वह ऐसे मामले को अपनी रिपोर्ट के साथ संबंधित नियामक को भेज सकता है।
(3) उपधारा (1) के तहत जांच के प्रयोजनों के लिए, केंद्रीय प्राधिकारी, महानिदेशक या जिला कलेक्टर उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति को बुला सकता है और उसे अपने कब्जे में मौजूद कोई दस्तावेज या अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश भी दे सकता है।
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