धारा 146 · मार्गदर्शक प्रश्न।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी प्रश्न जो उस उत्तर का संकेत देता है जिसे प्रश्न पूछने वाला व्यक्ति प्राप्त करना चाहता है या अपेक्षा करता है, उसे अग्रणी प्रश्न कहा जाता है।
(2) यदि विरोधी पक्ष आपत्ति करे तो मुख्य परीक्षा या पुनर्परीक्षा में ऐसे प्रश्न नहीं पूछे जाने चाहिए जो प्रश्न का उत्तर देने में सहायक हों, सिवाय न्यायालय की अनुमति के।
(3) न्यायालय उन मामलों के संबंध में मार्गदर्शक प्रश्न पूछने की अनुमति देगा जो परिचयात्मक या निर्विवाद हैं, या जो उसकी राय में पहले ही पर्याप्त रूप से सिद्ध हो चुके हैं।
(4) जिरह के दौरान मार्गदर्शक प्रश्न पूछे जा सकते हैं
(2) यदि विरोधी पक्ष आपत्ति करे तो मुख्य परीक्षा या पुनर्परीक्षा में ऐसे प्रश्न नहीं पूछे जाने चाहिए जो प्रश्न का उत्तर देने में सहायक हों, सिवाय न्यायालय की अनुमति के।
(3) न्यायालय उन मामलों के संबंध में मार्गदर्शक प्रश्न पूछने की अनुमति देगा जो परिचयात्मक या निर्विवाद हैं, या जो उसकी राय में पहले ही पर्याप्त रूप से सिद्ध हो चुके हैं।
(4) जिरह के दौरान मार्गदर्शक प्रश्न पूछे जा सकते हैं
पुराने कानून में
BSA 146IEA 141
141. Leading questions.
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