धारा 157 · पक्षकार द्वारा अपने ही गवाह से प्रश्न पूछना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) न्यायालय अपने विवेक से किसी गवाह को बुलाने वाले व्यक्ति को उससे कोई भी प्रश्न पूछने की अनुमति दे सकता है जो विरोधी पक्ष द्वारा जिरह में पूछा जा सकता है।
(2) इस धारा में कोई बात उपधारा (1) के अधीन अनुमति प्राप्त व्यक्ति को ऐसे गवाह के साक्ष्य के किसी भाग पर भरोसा करने से वंचित नहीं करेगी।
(2) इस धारा में कोई बात उपधारा (1) के अधीन अनुमति प्राप्त व्यक्ति को ऐसे गवाह के साक्ष्य के किसी भाग पर भरोसा करने से वंचित नहीं करेगी।
पुराने कानून में
BSA 157IEA 154
154. Question by party to his own witness.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
