बीएसए → आईईए
6 प्रविष्टियाँ
मार्गदर्शक प्रश्न।
(1) कोई भी प्रश्न जो उस उत्तर का संकेत देता है जिसे प्रश्न पूछने वाला व्यक्ति प्राप्त करना चाहता है या अपेक्षा करता है, उसे अग्रणी प्रश्न कहा जाता है। (2) यदि विरोधी पक्ष आपत्ति करे तो मुख्य परीक्षा या पुनर्परीक्षा में ऐसे प्रश्न नहीं पूछे जाने चाहिए जो प्रश्न का उत्तर देने में सहायक हों, सिवाय न्यायालय की अनुमति के।…
पूरा पढ़ेंसूचक प्रश्न
कोई प्रश्न, जो उस उत्तर को सुझाता है जिसे पुछने वाला व्यक्ति पाना चाहता है या पाने की आशा करता है, सूचक प्रश्न कहा जाता है ।
पूरा पढ़ेंमार्गदर्शक प्रश्न।
(1) कोई भी प्रश्न जो उस उत्तर का संकेत देता है जिसे प्रश्न पूछने वाला व्यक्ति प्राप्त करना चाहता है या अपेक्षा करता है, उसे अग्रणी प्रश्न कहा जाता है। (2) यदि विरोधी पक्ष आपत्ति करे तो मुख्य परीक्षा या पुनर्परीक्षा में ऐसे प्रश्न नहीं पूछे जाने चाहिए जो प्रश्न का उत्तर देने में सहायक हों, सिवाय न्यायालय की अनुमति के।…
पूरा पढ़ेंसूचक प्रश्न
कोई प्रश्न, जो उस उत्तर को सुझाता है जिसे पुछने वाला व्यक्ति पाना चाहता है या पाने की आशा करता है, सूचक प्रश्न कहा जाता है ।
पूरा पढ़ेंमार्गदर्शक प्रश्न।
(1) कोई भी प्रश्न जो उस उत्तर का संकेत देता है जिसे प्रश्न पूछने वाला व्यक्ति प्राप्त करना चाहता है या अपेक्षा करता है, उसे अग्रणी प्रश्न कहा जाता है। (2) यदि विरोधी पक्ष आपत्ति करे तो मुख्य परीक्षा या पुनर्परीक्षा में ऐसे प्रश्न नहीं पूछे जाने चाहिए जो प्रश्न का उत्तर देने में सहायक हों, सिवाय न्यायालय की अनुमति के।…
पूरा पढ़ेंउन्हें कब नहीं पूछना चाहिए
सूचक प्रश्न मुख्य परीक्षा में या पुन:परीक्षा में, यदि विरोधी पक्षकार द्वारा आक्षेप किया जाता है,न्यायालय की अनुज्ञा के बिना नहीं पूछे जाने चाहिए । न्यायालय उन बातों के बारे में, जो पुन: स्थापना के रुप में या निर्विवाद है या जो उसकी राय में पहले से ही पर्याप्त रुप से साबित हो चुके है, सूचक प्रश्नों के लिए अनुज्ञा देगा ।
पूरा पढ़ेंमार्गदर्शक प्रश्न।
(1) कोई भी प्रश्न जो उस उत्तर का संकेत देता है जिसे प्रश्न पूछने वाला व्यक्ति प्राप्त करना चाहता है या अपेक्षा करता है, उसे अग्रणी प्रश्न कहा जाता है। (2) यदि विरोधी पक्ष आपत्ति करे तो मुख्य परीक्षा या पुनर्परीक्षा में ऐसे प्रश्न नहीं पूछे जाने चाहिए जो प्रश्न का उत्तर देने में सहायक हों, सिवाय न्यायालय की अनुमति के।…
पूरा पढ़ेंउन्हें कब नहीं पूछना चाहिए
सूचक प्रश्न मुख्य परीक्षा में या पुन:परीक्षा में, यदि विरोधी पक्षकार द्वारा आक्षेप किया जाता है,न्यायालय की अनुज्ञा के बिना नहीं पूछे जाने चाहिए । न्यायालय उन बातों के बारे में, जो पुन: स्थापना के रुप में या निर्विवाद है या जो उसकी राय में पहले से ही पर्याप्त रुप से साबित हो चुके है, सूचक प्रश्नों के लिए अनुज्ञा देगा ।
पूरा पढ़ेंमार्गदर्शक प्रश्न।
(1) कोई भी प्रश्न जो उस उत्तर का संकेत देता है जिसे प्रश्न पूछने वाला व्यक्ति प्राप्त करना चाहता है या अपेक्षा करता है, उसे अग्रणी प्रश्न कहा जाता है। (2) यदि विरोधी पक्ष आपत्ति करे तो मुख्य परीक्षा या पुनर्परीक्षा में ऐसे प्रश्न नहीं पूछे जाने चाहिए जो प्रश्न का उत्तर देने में सहायक हों, सिवाय न्यायालय की अनुमति के।…
पूरा पढ़ेंजिरह के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्न वैध होते हैं।
जब किसी गवाह से जिरह की जाती है, तो उससे ऊपर उल्लिखित प्रश्नों के अतिरिक्त, कोई भी ऐसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं जो— (क) उसकी सत्यता की परीक्षा लेने के लिए; या (ख) यह पता लगाना कि वह कौन है और जीवन में उसकी क्या स्थिति है; या (ग) उसके चरित्र को नुकसान पहुंचाकर उसकी साख को धूमिल करना, भले ही ऐसे प्रश्नों के उत्तर…
पूरा पढ़ेंप्रतिपरीक्षा में विधिपूर्ण प्रश्न
जबकि किसी साक्षी से प्रतिपरीक्षा की जाती है, तब उससे एतस्मिनपूर्व निर्दिष्ट प्रश्नों के अतिरिक्त ऐसे कोई भी प्रश्न पूछे जा सकेंगे, जिनकी प्रवृत्ति - १)उसकी सत्यवादिता परखने की है, २)यह पता चलाने की है वह कौन है और जीवन में उसकी स्थिति क्या है, अथवा ३)उसके शील को दोष लगाकर उसकी विश्वसनीयता को धक्का पहुंचाने की है, चाहे…
पूरा पढ़ें- BSA §146IEA §141बदलाव हुआ
मार्गदर्शक प्रश्न।
सूचक प्रश्न
- BSA §146IEA §141
मार्गदर्शक प्रश्न।
सूचक प्रश्न
- BSA §146IEA §142
मार्गदर्शक प्रश्न।
उन्हें कब नहीं पूछना चाहिए
- BSA §146IEA §142
मार्गदर्शक प्रश्न।
उन्हें कब नहीं पूछना चाहिए
- BSA §146IEA §143
मार्गदर्शक प्रश्न।
उन्हें कब पूछा जा सकेगा
- BSA §149IEA §146
जिरह के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्न वैध होते हैं।
प्रतिपरीक्षा में विधिपूर्ण प्रश्न
