Copyright Act 31Dअध्याय VI · Licences
धारा 31D · साहित्यिक और संगीतात्मक कृतियों तथा ध्वन्यंकन के प्रसारण के लिए कानूनी अनुज्ञप्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) ऐसा कोई प्रसारण संगठन, जो ऐसी किसी साहित्यिक या संगीतात्मक कृति और ध्वन्यंकन को, जिसका पहले प्रकाशन किया जा चुका है, प्रसारण के रूप में या प्रस्तुतीकरण के रूप में सार्वजनिक रूप से संसूचित करने की वांछा करता है, वह ऐसा इस धारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए कर सकेगा ।
(2) प्रसारण संगठन कृति का प्रसारण करने के अपने आशय की पूर्व सूचना, जिसमें प्रसारण की अवधि और राज्यक्षेत्रीय सीमा क्षेत्र का उल्लेख हो, ऐसी रीति में देगा, जो विहित की जाए और प्रत्येक कृति में अधिकारों के स्वामी को प्रतिलिप्यधिकार बोर्ड द्वारा नियत दर पर और रीति में स्वामिस्व का संदाय करेगा ।
(3) रेडियो प्रसारण के लिए स्वामिस्व की दरें टेलीविजन प्रसारण से भिन्न होंगी और प्रतिलिप्यधिकार बोर्ड रेडियो प्रसारण तथा टेलीविजन प्रसारण के लिए पृथक्-पृथक् दरें नियत करेगा ।
(4) उपधारा (2) के अधीन स्वामिस्व की रीति और दर नियत करने में प्रतिलिप्यधिकार बोर्ड प्रसारण संगठन से अधिकारों के स्वामियों को अग्रिम संदाय करने की अपेक्षा कर सकेगा ।
(5) कृति के रचयिताओं और मुख्य प्रस्तुतकर्ताओं के नाम, उस कृति को प्रस्तुतीकरण के रूप में संसूचित करने वाले प्रसारण संगठन की दशा के सिवाय, प्रसारण में घोषित किए जाएंगे ।
(6) किसी साहित्यिक या संगीतात्मक कृति में प्रसारण की सुविधा के लिए कृति को संक्षिप्त करने से भिन्न, नए सिरे से ऐसा कोई परिवर्तन, जो प्रसारण के प्रयोजन के लिए तकनीकी रूप से आवश्यक नहीं है, अधिकारों के स्वामियों की सहमति के बिना नहीं किया जाएगा ।
(7) प्रसारण संगठन-
(क) ऐसे अभिलेख और लेखाबहियां रखेगा और अधिकारों के स्वामियों को ऐसी रिपोर्टें और लेखे ऐसी रीति में देगा, जो विहित की जाए; और
(ख) अधिकारों के स्वामी को या उसके सम्यक् रूप से प्राधिकृत अभिकर्ता अथवा प्रतिनिधि को ऐसे प्रसारण से संबंधित सभी अभिलेखों और लेखाबहियों का, ऐसी रीति में, निरीक्षण करने की अनुज्ञा देगा, जो विहित की जाए ।
(8) इस धारा की किसी बात से प्रतिलिप्यधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2012 के प्रारंभ के पूर्व जारी किसी अनुज्ञप्ति या किए गए किसी करार के प्रवर्तन पर प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
(2) प्रसारण संगठन कृति का प्रसारण करने के अपने आशय की पूर्व सूचना, जिसमें प्रसारण की अवधि और राज्यक्षेत्रीय सीमा क्षेत्र का उल्लेख हो, ऐसी रीति में देगा, जो विहित की जाए और प्रत्येक कृति में अधिकारों के स्वामी को प्रतिलिप्यधिकार बोर्ड द्वारा नियत दर पर और रीति में स्वामिस्व का संदाय करेगा ।
(3) रेडियो प्रसारण के लिए स्वामिस्व की दरें टेलीविजन प्रसारण से भिन्न होंगी और प्रतिलिप्यधिकार बोर्ड रेडियो प्रसारण तथा टेलीविजन प्रसारण के लिए पृथक्-पृथक् दरें नियत करेगा ।
(4) उपधारा (2) के अधीन स्वामिस्व की रीति और दर नियत करने में प्रतिलिप्यधिकार बोर्ड प्रसारण संगठन से अधिकारों के स्वामियों को अग्रिम संदाय करने की अपेक्षा कर सकेगा ।
(5) कृति के रचयिताओं और मुख्य प्रस्तुतकर्ताओं के नाम, उस कृति को प्रस्तुतीकरण के रूप में संसूचित करने वाले प्रसारण संगठन की दशा के सिवाय, प्रसारण में घोषित किए जाएंगे ।
(6) किसी साहित्यिक या संगीतात्मक कृति में प्रसारण की सुविधा के लिए कृति को संक्षिप्त करने से भिन्न, नए सिरे से ऐसा कोई परिवर्तन, जो प्रसारण के प्रयोजन के लिए तकनीकी रूप से आवश्यक नहीं है, अधिकारों के स्वामियों की सहमति के बिना नहीं किया जाएगा ।
(7) प्रसारण संगठन-
(क) ऐसे अभिलेख और लेखाबहियां रखेगा और अधिकारों के स्वामियों को ऐसी रिपोर्टें और लेखे ऐसी रीति में देगा, जो विहित की जाए; और
(ख) अधिकारों के स्वामी को या उसके सम्यक् रूप से प्राधिकृत अभिकर्ता अथवा प्रतिनिधि को ऐसे प्रसारण से संबंधित सभी अभिलेखों और लेखाबहियों का, ऐसी रीति में, निरीक्षण करने की अनुज्ञा देगा, जो विहित की जाए ।
(8) इस धारा की किसी बात से प्रतिलिप्यधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2012 के प्रारंभ के पूर्व जारी किसी अनुज्ञप्ति या किए गए किसी करार के प्रवर्तन पर प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
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