Copyright Act 19अध्याय IV · Ownership of Copyright and the Rights of the Owner
धारा 19 · समनुदेशन का ढंग
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी कृति में प्रतिलिप्यधिकार का कोई समनुदेशन तब तक विधिमान्य नहीं होगा जब तक वह लिखित रूप में और समनुदेशिती द्वारा या उसके सम्यक्तः प्राधिकृत अभिकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित न हो ।
(2) किसी कृति में प्रतिलिप्यधिकार का समनुदेशन ऐसी कृति को परिलक्षित करेगा तथा समनुदेशित अधिकारों और ऐसे समनुदेशन की कालावधि तथा राज्यक्षेत्रीय विस्तार को विनिर्दिष्ट करेगा ।
(3) किसी कृति में प्रतिलिप्यधिकार के समनुदेशन में, समनुदेशन के चालू रहने के दौरान रचयिता या उसके विधिक वारिसों को संदेय स्वामिस्व और किसी अन्य प्रतिफल की रकम भी, विनिर्दिष्ट की जाएगी और समनुदेशन पक्षकारों द्वारा परस्पर करार पाए गए निबंधनों पर पुनरीक्षित, विस्तारित या पर्यवसित किए जाने के अधीन होगा ।
(4) जहां समनुदेशिती, समनुदेशन की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर इस धारा की किन्हीं अन्य उपधाराओं के अधीन उसे समनुदेशित अधिकारों का प्रयोग नहीं करता है वहां ऐसे अधिकारों की बाबत समनुदेशन के बारे में यह समझा जाएगा कि वह उक्त अवधि के अवसान के पश्चात् जब तक कि समनुदेशन में अन्यथा विनिर्दिष्ट नहीं किया जाता है, व्यपगत हो गया है ।
(5) यदि समनुदेशन की अवधि कथित नहीं की जाती है तो उसे समनुदेशन की तारीख से पांच वर्ष समझा जाएगा ।
(6) यदि अधिकारों के समनुदेशन का राज्यक्षेत्रीय विस्तार विनिर्दिष्ट नहीं किया जाता है तो यह उपधारणा की जाएगी कि उसका विस्तार भारत के भीतर है ।
(7) उपधारा (2) या उपधारा (3) या उपधारा (4) या उपधारा (5) या उपधारा (6) की कोई बात, प्रतिलिप्यधिकार (संशोधन) अधिनियम, 1994 के प्रवृत्त होने के पूर्व किए गए समनुदेशनों को लागू नहीं होगी ।
(8) ऐसी किसी प्रतिलिप्यधिकार सोसाइटी को, जिसमें कृति का रचयिता सदस्य है, पहले से किसी समनुदिष्ट अधिकारों के निबंधनों और शर्तों के प्रतिकूल किसी कृति में प्रतिलिप्यधिकार का समनुदेशन शून्य होगा ।
(9) चिलचित्र फिल्म बनाने के लिए किसी कृति में प्रतिलिप्यधिकार के किसी समनुदेशन से, किसी सिनेमा हाल में चलचित्र फिल्म के साथ सार्वजनिक रूप से किसी कृति को संसूचित करने से भिन्न किसी रूप में कृति के उपयोग की दशा में संदेय स्वामिस्वों और प्रतिफल के समान अंश का दावा करने के लिए कृति के रचयिता के अधिकार पर प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
(10) ध्वन्यंकन की किसी कृति में, जो किसी चलचित्र फिल्म के भागरूप नहीं है, प्रतिलिप्यधिकार के किसी समनुदेशन से किसी रूप में ऐसी कृति के किसी उपयोग के लिए संदेय स्वामिस्वों और प्रतिफल के समान अंश का दावा करने के लिए किसी कृति के रचयिता के अधिकार पर प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
(2) किसी कृति में प्रतिलिप्यधिकार का समनुदेशन ऐसी कृति को परिलक्षित करेगा तथा समनुदेशित अधिकारों और ऐसे समनुदेशन की कालावधि तथा राज्यक्षेत्रीय विस्तार को विनिर्दिष्ट करेगा ।
(3) किसी कृति में प्रतिलिप्यधिकार के समनुदेशन में, समनुदेशन के चालू रहने के दौरान रचयिता या उसके विधिक वारिसों को संदेय स्वामिस्व और किसी अन्य प्रतिफल की रकम भी, विनिर्दिष्ट की जाएगी और समनुदेशन पक्षकारों द्वारा परस्पर करार पाए गए निबंधनों पर पुनरीक्षित, विस्तारित या पर्यवसित किए जाने के अधीन होगा ।
(4) जहां समनुदेशिती, समनुदेशन की तारीख से एक वर्ष की अवधि के भीतर इस धारा की किन्हीं अन्य उपधाराओं के अधीन उसे समनुदेशित अधिकारों का प्रयोग नहीं करता है वहां ऐसे अधिकारों की बाबत समनुदेशन के बारे में यह समझा जाएगा कि वह उक्त अवधि के अवसान के पश्चात् जब तक कि समनुदेशन में अन्यथा विनिर्दिष्ट नहीं किया जाता है, व्यपगत हो गया है ।
(5) यदि समनुदेशन की अवधि कथित नहीं की जाती है तो उसे समनुदेशन की तारीख से पांच वर्ष समझा जाएगा ।
(6) यदि अधिकारों के समनुदेशन का राज्यक्षेत्रीय विस्तार विनिर्दिष्ट नहीं किया जाता है तो यह उपधारणा की जाएगी कि उसका विस्तार भारत के भीतर है ।
(7) उपधारा (2) या उपधारा (3) या उपधारा (4) या उपधारा (5) या उपधारा (6) की कोई बात, प्रतिलिप्यधिकार (संशोधन) अधिनियम, 1994 के प्रवृत्त होने के पूर्व किए गए समनुदेशनों को लागू नहीं होगी ।
(8) ऐसी किसी प्रतिलिप्यधिकार सोसाइटी को, जिसमें कृति का रचयिता सदस्य है, पहले से किसी समनुदिष्ट अधिकारों के निबंधनों और शर्तों के प्रतिकूल किसी कृति में प्रतिलिप्यधिकार का समनुदेशन शून्य होगा ।
(9) चिलचित्र फिल्म बनाने के लिए किसी कृति में प्रतिलिप्यधिकार के किसी समनुदेशन से, किसी सिनेमा हाल में चलचित्र फिल्म के साथ सार्वजनिक रूप से किसी कृति को संसूचित करने से भिन्न किसी रूप में कृति के उपयोग की दशा में संदेय स्वामिस्वों और प्रतिफल के समान अंश का दावा करने के लिए कृति के रचयिता के अधिकार पर प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
(10) ध्वन्यंकन की किसी कृति में, जो किसी चलचित्र फिल्म के भागरूप नहीं है, प्रतिलिप्यधिकार के किसी समनुदेशन से किसी रूप में ऐसी कृति के किसी उपयोग के लिए संदेय स्वामिस्वों और प्रतिफल के समान अंश का दावा करने के लिए किसी कृति के रचयिता के अधिकार पर प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
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