Wages Code 18अध्याय III · Payment of Wages
धारा 18 · वेतन से की जा सकने वाली कटौतियाँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती नहीं की जाएगी, सिवाय उन कटौतियों के जो इस संहिता के तहत अधिकृत हैं।
स्पष्टीकरण .--- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, ---
(क) किसी कर्मचारी द्वारा नियोक्ता या उसके प्रतिनिधि को किया गया कोई भी भुगतान उसके वेतन से कटौती माना जाएगा;
(ख) किसी कर्मचारी को उचित और पर्याप्त कारण से होने वाली मजदूरी की हानि, जो निम्नलिखित के परिणामस्वरूप हो---
(i) वेतन वृद्धि या पदोन्नति को रोकना, जिसमें वेतन वृद्धि को रोकना भी शामिल है; या
(ii) निचले पद या समय-मान में कमी; या
(iii) निलंबन को वेतन से कटौती नहीं माना जाएगा, यदि नियोक्ता द्वारा ऐसे प्रयोजनों के लिए किए गए प्रावधान इस संबंध में उपयुक्त सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
(2) किसी कर्मचारी के वेतन से कटौती इस संहिता के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी, और यह कटौती केवल निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए ही की जा सकती है, अर्थात्:---
(क) उस पर लगाए गए जुर्माने;
(ख) ड्यूटी से अनुपस्थिति के लिए कटौती;
(ग) कर्मचारी को अभिरक्षा के लिए स्पष्ट रूप से सौंपी गई वस्तुओं की क्षति या हानि के लिए कटौती; या धन की हानि जिसके लिए उसे हिसाब देना आवश्यक है, जहां ऐसी क्षति या हानि सीधे उसकी लापरवाही या चूक के कारण हुई हो;
(घ) नियोक्ता द्वारा या उपयुक्त सरकार द्वारा या किसी भी कानून के तहत स्थापित किसी आवास बोर्ड द्वारा प्रदान किए गए आवास के लिए कटौती, चाहे सरकार या ऐसा बोर्ड नियोक्ता हो या नहीं, या आवास पर सब्सिडी देने के व्यवसाय में लगे किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा, जिसे उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ई) नियोक्ता द्वारा प्रदान की गई ऐसी सुविधाओं और सेवाओं के लिए कटौती, जिसे उपयुक्त सरकार या इस संबंध में उसके द्वारा निर्दिष्ट कोई अधिकारी, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा अधिकृत कर सकता है, और ऐसी कटौती ऐसी सुविधाओं और सेवाओं के मूल्य के बराबर राशि से अधिक नहीं होगी।
स्पष्टीकरण .---इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "सेवाएं" अभिव्यक्ति में रोजगार के प्रयोजनों के लिए आवश्यक औजारों और कच्चे माल की आपूर्ति शामिल नहीं है;
(f) वसूली हेतु कटौतियाँ---
(i) किसी भी प्रकार के अग्रिम (यात्रा भत्ता या परिवहन भत्ता सहित), और उस पर देय ब्याज, या मजदूरी के अधिक भुगतान के समायोजन के लिए;
(ii) श्रम कल्याण के लिए गठित किसी निधि से दिए गए ऋण, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है, और उस पर देय ब्याज;
(जी) उपयुक्त सरकार द्वारा अनुमोदित मकान निर्माण या अन्य उद्देश्यों के लिए दिए गए ऋणों की वसूली और उस पर देय ब्याज के लिए कटौती;
(h) केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा लगाए गए आयकर या किसी अन्य वैधानिक कर की कटौती जो कर्मचारी द्वारा देय हो या न्यायालय या ऐसे आदेश देने के लिए सक्षम अन्य प्राधिकारी के आदेश द्वारा की जाने वाली कटौती;
(i) किसी भी सामाजिक सुरक्षा कोष या विधि द्वारा गठित योजना, जिसमें भविष्य निधि या पेंशन कोष या स्वास्थ्य बीमा योजना या किसी अन्य नाम से ज्ञात कोष शामिल है, में सदस्यता के लिए और उससे अग्रिम राशि की चुकौती के लिए कटौती;
(j) सहकारी समिति के भुगतान के लिए कटौती, ऐसी शर्तों के अधीन जो उपयुक्त सरकार लागू कर सकती है;
(k) कर्मचारी की लिखित अनुमति से, ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 (16 ऑफ 1926) के अंतर्गत पंजीकृत किसी ट्रेड यूनियन की सदस्यता के लिए उसके द्वारा देय शुल्क और अंशदान के भुगतान हेतु की गई कटौतियाँ;
(एल) कर्मचारी द्वारा नकली या घटिया सिक्कों या कटे-फटे या जाली नोटों को स्वीकार करने के कारण रेलवे प्रशासन को हुए नुकसान की वसूली के लिए कटौती;
(m) कर्मचारी द्वारा रेलवे प्रशासन को देय उचित शुल्कों का चालान जारी करने, बिल बनाने, वसूल करने या हिसाब देने में विफलता के कारण रेलवे प्रशासन को हुए नुकसान की वसूली के लिए कटौती, चाहे वह किराया, माल भाड़ा, विलंब शुल्क, घाट शुल्क और क्रेन शुल्क के संबंध में हो या खानपान प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की बिक्री के संबंध में हो या अनाज की दुकानों में वस्तुओं के संबंध में हो या अन्यथा;
(n) कर्मचारी द्वारा गलत तरीके से दी गई किसी भी छूट या वापसी के कारण रेलवे प्रशासन को हुए नुकसान की वसूली के लिए कटौती, जहां ऐसा नुकसान सीधे तौर पर उसकी लापरवाही या चूक के कारण हुआ हो;
(ओ) कर्मचारी की लिखित अनुमति से की गई कटौतियाँ, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष या ऐसे अन्य कोष में अंशदान के लिए, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है।
(3) इस संहिता में किसी बात के होते हुए भी और किसी अन्य कानून के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, किसी कर्मचारी के वेतन से किसी वेतन अवधि में उपधारा ( 2 ) के तहत की जाने वाली कुल कटौती की राशि ऐसे वेतन के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
(4) जहाँ उपधारा ( 2 ) के अधीन अधिकृत कुल कटौतियाँ मजदूरी के पचास प्रतिशत से अधिक हो जाती हैं, तो अतिरिक्त राशि को ऐसे तरीके से वसूल किया जा सकता है, जैसा कि निर्धारित किया जा सके।
(5) यदि नियोक्ता द्वारा इस धारा के अंतर्गत किसी कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती की जाती है, लेकिन उसे ट्रस्ट या सरकारी निधि या किसी अन्य खाते में जमा नहीं किया जाता है, जैसा कि उस समय लागू कानून के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक है, तो ऐसे कर्मचारी को नियोक्ता की इस चूक के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जाएगा।
स्पष्टीकरण .--- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, ---
(क) किसी कर्मचारी द्वारा नियोक्ता या उसके प्रतिनिधि को किया गया कोई भी भुगतान उसके वेतन से कटौती माना जाएगा;
(ख) किसी कर्मचारी को उचित और पर्याप्त कारण से होने वाली मजदूरी की हानि, जो निम्नलिखित के परिणामस्वरूप हो---
(i) वेतन वृद्धि या पदोन्नति को रोकना, जिसमें वेतन वृद्धि को रोकना भी शामिल है; या
(ii) निचले पद या समय-मान में कमी; या
(iii) निलंबन को वेतन से कटौती नहीं माना जाएगा, यदि नियोक्ता द्वारा ऐसे प्रयोजनों के लिए किए गए प्रावधान इस संबंध में उपयुक्त सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
(2) किसी कर्मचारी के वेतन से कटौती इस संहिता के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी, और यह कटौती केवल निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए ही की जा सकती है, अर्थात्:---
(क) उस पर लगाए गए जुर्माने;
(ख) ड्यूटी से अनुपस्थिति के लिए कटौती;
(ग) कर्मचारी को अभिरक्षा के लिए स्पष्ट रूप से सौंपी गई वस्तुओं की क्षति या हानि के लिए कटौती; या धन की हानि जिसके लिए उसे हिसाब देना आवश्यक है, जहां ऐसी क्षति या हानि सीधे उसकी लापरवाही या चूक के कारण हुई हो;
(घ) नियोक्ता द्वारा या उपयुक्त सरकार द्वारा या किसी भी कानून के तहत स्थापित किसी आवास बोर्ड द्वारा प्रदान किए गए आवास के लिए कटौती, चाहे सरकार या ऐसा बोर्ड नियोक्ता हो या नहीं, या आवास पर सब्सिडी देने के व्यवसाय में लगे किसी अन्य प्राधिकरण द्वारा, जिसे उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ई) नियोक्ता द्वारा प्रदान की गई ऐसी सुविधाओं और सेवाओं के लिए कटौती, जिसे उपयुक्त सरकार या इस संबंध में उसके द्वारा निर्दिष्ट कोई अधिकारी, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा अधिकृत कर सकता है, और ऐसी कटौती ऐसी सुविधाओं और सेवाओं के मूल्य के बराबर राशि से अधिक नहीं होगी।
स्पष्टीकरण .---इस खंड के प्रयोजनों के लिए, "सेवाएं" अभिव्यक्ति में रोजगार के प्रयोजनों के लिए आवश्यक औजारों और कच्चे माल की आपूर्ति शामिल नहीं है;
(f) वसूली हेतु कटौतियाँ---
(i) किसी भी प्रकार के अग्रिम (यात्रा भत्ता या परिवहन भत्ता सहित), और उस पर देय ब्याज, या मजदूरी के अधिक भुगतान के समायोजन के लिए;
(ii) श्रम कल्याण के लिए गठित किसी निधि से दिए गए ऋण, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है, और उस पर देय ब्याज;
(जी) उपयुक्त सरकार द्वारा अनुमोदित मकान निर्माण या अन्य उद्देश्यों के लिए दिए गए ऋणों की वसूली और उस पर देय ब्याज के लिए कटौती;
(h) केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा लगाए गए आयकर या किसी अन्य वैधानिक कर की कटौती जो कर्मचारी द्वारा देय हो या न्यायालय या ऐसे आदेश देने के लिए सक्षम अन्य प्राधिकारी के आदेश द्वारा की जाने वाली कटौती;
(i) किसी भी सामाजिक सुरक्षा कोष या विधि द्वारा गठित योजना, जिसमें भविष्य निधि या पेंशन कोष या स्वास्थ्य बीमा योजना या किसी अन्य नाम से ज्ञात कोष शामिल है, में सदस्यता के लिए और उससे अग्रिम राशि की चुकौती के लिए कटौती;
(j) सहकारी समिति के भुगतान के लिए कटौती, ऐसी शर्तों के अधीन जो उपयुक्त सरकार लागू कर सकती है;
(k) कर्मचारी की लिखित अनुमति से, ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926 (16 ऑफ 1926) के अंतर्गत पंजीकृत किसी ट्रेड यूनियन की सदस्यता के लिए उसके द्वारा देय शुल्क और अंशदान के भुगतान हेतु की गई कटौतियाँ;
(एल) कर्मचारी द्वारा नकली या घटिया सिक्कों या कटे-फटे या जाली नोटों को स्वीकार करने के कारण रेलवे प्रशासन को हुए नुकसान की वसूली के लिए कटौती;
(m) कर्मचारी द्वारा रेलवे प्रशासन को देय उचित शुल्कों का चालान जारी करने, बिल बनाने, वसूल करने या हिसाब देने में विफलता के कारण रेलवे प्रशासन को हुए नुकसान की वसूली के लिए कटौती, चाहे वह किराया, माल भाड़ा, विलंब शुल्क, घाट शुल्क और क्रेन शुल्क के संबंध में हो या खानपान प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की बिक्री के संबंध में हो या अनाज की दुकानों में वस्तुओं के संबंध में हो या अन्यथा;
(n) कर्मचारी द्वारा गलत तरीके से दी गई किसी भी छूट या वापसी के कारण रेलवे प्रशासन को हुए नुकसान की वसूली के लिए कटौती, जहां ऐसा नुकसान सीधे तौर पर उसकी लापरवाही या चूक के कारण हुआ हो;
(ओ) कर्मचारी की लिखित अनुमति से की गई कटौतियाँ, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष या ऐसे अन्य कोष में अंशदान के लिए, जिसे केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है।
(3) इस संहिता में किसी बात के होते हुए भी और किसी अन्य कानून के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, किसी कर्मचारी के वेतन से किसी वेतन अवधि में उपधारा ( 2 ) के तहत की जाने वाली कुल कटौती की राशि ऐसे वेतन के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
(4) जहाँ उपधारा ( 2 ) के अधीन अधिकृत कुल कटौतियाँ मजदूरी के पचास प्रतिशत से अधिक हो जाती हैं, तो अतिरिक्त राशि को ऐसे तरीके से वसूल किया जा सकता है, जैसा कि निर्धारित किया जा सके।
(5) यदि नियोक्ता द्वारा इस धारा के अंतर्गत किसी कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती की जाती है, लेकिन उसे ट्रस्ट या सरकारी निधि या किसी अन्य खाते में जमा नहीं किया जाता है, जैसा कि उस समय लागू कानून के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक है, तो ऐसे कर्मचारी को नियोक्ता की इस चूक के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जाएगा।
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