Wages Code 13अध्याय II · Minimum Wages
धारा 13 · सामान्य कार्यदिवस के लिए काम के घंटे निर्धारित करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहां इस संहिता के अधीन न्यूनतम मजदूरी दरें निर्धारित की गई हैं, वहां उपयुक्त सरकार—
(क) कार्य के घंटों की संख्या निर्धारित करना जो एक या एक से अधिक निर्दिष्ट अंतरालों सहित एक सामान्य कार्य दिवस का गठन करेगी;
(ख) प्रत्येक सात दिनों की अवधि में एक विश्राम दिवस का प्रावधान करना, जो सभी कर्मचारियों या कर्मचारियों के किसी निर्दिष्ट वर्ग को दिया जाएगा, और ऐसे विश्राम दिवसों के लिए पारिश्रमिक का भुगतान करना;
(ग) विश्राम दिवस पर किए गए कार्य के लिए ओवरटाइम दर से कम दर पर भुगतान का प्रावधान करना।
(2) उपधारा ( 1 ) के प्रावधान निम्नलिखित वर्गों के कर्मचारियों के संबंध में केवल उसी सीमा तक और ऐसी शर्तों के अधीन लागू होंगे, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, अर्थात्:--
(क) ऐसे कर्मचारी जो किसी ऐसी आपात स्थिति में लगे हों जिसकी भविष्यवाणी या रोकथाम नहीं की जा सकती थी;
(ख) तैयारी या पूरक कार्य की प्रकृति के काम में लगे कर्मचारी, जिसे संबंधित रोजगार में सामान्य कार्य के लिए निर्धारित सीमाओं के बाहर करना आवश्यक है;
(ग) वे कर्मचारी जिनका रोजगार मूलतः अस्थाई होता है;
(घ) ऐसे कर्मचारी जो किसी ऐसे कार्य में लगे हों जिसे तकनीकी कारणों से ड्यूटी समाप्त होने से पहले पूरा करना हो; और
(ई) ऐसे कर्मचारी जो ऐसे कार्य में लगे हों जिसे प्राकृतिक शक्तियों की अनियमित क्रिया पर निर्भर समय को छोड़कर जारी नहीं रखा जा सकता।
(3) उपधारा ( 2 ) के खंड ( सी ) के प्रयोजनों के लिए, किसी कर्मचारी का रोजगार अनिवार्य रूप से आंतरायिक माना जाएगा, जब उपयुक्त सरकार द्वारा इसे इस आधार पर घोषित किया जाता है कि कर्मचारी के दैनिक कार्य समय में, या यदि कर्मचारी के लिए कोई दैनिक कार्य समय निर्धारित नहीं है, तो कार्य समय में सामान्यतः निष्क्रियता की अवधि शामिल होती है, जिसके दौरान कर्मचारी ड्यूटी पर तो हो सकता है, लेकिन उससे न तो शारीरिक गतिविधि प्रदर्शित करने की अपेक्षा की जाती है और न ही निरंतर ध्यान देने की।
(क) कार्य के घंटों की संख्या निर्धारित करना जो एक या एक से अधिक निर्दिष्ट अंतरालों सहित एक सामान्य कार्य दिवस का गठन करेगी;
(ख) प्रत्येक सात दिनों की अवधि में एक विश्राम दिवस का प्रावधान करना, जो सभी कर्मचारियों या कर्मचारियों के किसी निर्दिष्ट वर्ग को दिया जाएगा, और ऐसे विश्राम दिवसों के लिए पारिश्रमिक का भुगतान करना;
(ग) विश्राम दिवस पर किए गए कार्य के लिए ओवरटाइम दर से कम दर पर भुगतान का प्रावधान करना।
(2) उपधारा ( 1 ) के प्रावधान निम्नलिखित वर्गों के कर्मचारियों के संबंध में केवल उसी सीमा तक और ऐसी शर्तों के अधीन लागू होंगे, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, अर्थात्:--
(क) ऐसे कर्मचारी जो किसी ऐसी आपात स्थिति में लगे हों जिसकी भविष्यवाणी या रोकथाम नहीं की जा सकती थी;
(ख) तैयारी या पूरक कार्य की प्रकृति के काम में लगे कर्मचारी, जिसे संबंधित रोजगार में सामान्य कार्य के लिए निर्धारित सीमाओं के बाहर करना आवश्यक है;
(ग) वे कर्मचारी जिनका रोजगार मूलतः अस्थाई होता है;
(घ) ऐसे कर्मचारी जो किसी ऐसे कार्य में लगे हों जिसे तकनीकी कारणों से ड्यूटी समाप्त होने से पहले पूरा करना हो; और
(ई) ऐसे कर्मचारी जो ऐसे कार्य में लगे हों जिसे प्राकृतिक शक्तियों की अनियमित क्रिया पर निर्भर समय को छोड़कर जारी नहीं रखा जा सकता।
(3) उपधारा ( 2 ) के खंड ( सी ) के प्रयोजनों के लिए, किसी कर्मचारी का रोजगार अनिवार्य रूप से आंतरायिक माना जाएगा, जब उपयुक्त सरकार द्वारा इसे इस आधार पर घोषित किया जाता है कि कर्मचारी के दैनिक कार्य समय में, या यदि कर्मचारी के लिए कोई दैनिक कार्य समय निर्धारित नहीं है, तो कार्य समय में सामान्यतः निष्क्रियता की अवधि शामिल होती है, जिसके दौरान कर्मचारी ड्यूटी पर तो हो सकता है, लेकिन उससे न तो शारीरिक गतिविधि प्रदर्शित करने की अपेक्षा की जाती है और न ही निरंतर ध्यान देने की।
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