Advocates Act 28अध्याय III · Admission and Enrolment of Advocates
धारा 28 · नियम बनाने की शक्ति
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अध्याय के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए राज्य विधिज्ञ परिषद् नियम बना सकेगी ।
(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात्: -
(क) वह समय जिसके भीतर और वह प्ररूप, जिसमें कोई अधिवक्ता धारा 20 के अधीन किसी राज्य विधिज्ञ परिषद् की नामावली में अपना नाम दर्ज कराने का अपना आशय प्रकट करेगा;
(ग) वह प्ररूप जिसमें विधिज्ञ परिषद् को, उसकी नामावली में अधिवक्ता के रूप में प्रवेश के लिए आवेदन किया जाएगा और वह रीति, जिससे ऐसे आवेदन का विधिज्ञ परिषद् की नामांकन समिति द्वारा निपटारा किया जाएगा;
(घ) वे शर्तें जिनके अधीन रहते हुए, कोई व्यक्ति ऐसी किसी नामावली में अधिवक्ता के रूप में प्रविष्ट किया जा सकेगा;
(ङ) वे किस्तें जिनमें नामांकन फीस दी जा सकेगी ।
(3) इस अध्याय के अधीन बनाए गए नियम तब तक प्रभावी नहीं होंगे जब तक वे भारतीय विधिज्ञ परिषद् द्वारा अनुमोदित न कर दिए गए हों ।]
(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात्: -
(क) वह समय जिसके भीतर और वह प्ररूप, जिसमें कोई अधिवक्ता धारा 20 के अधीन किसी राज्य विधिज्ञ परिषद् की नामावली में अपना नाम दर्ज कराने का अपना आशय प्रकट करेगा;
(ग) वह प्ररूप जिसमें विधिज्ञ परिषद् को, उसकी नामावली में अधिवक्ता के रूप में प्रवेश के लिए आवेदन किया जाएगा और वह रीति, जिससे ऐसे आवेदन का विधिज्ञ परिषद् की नामांकन समिति द्वारा निपटारा किया जाएगा;
(घ) वे शर्तें जिनके अधीन रहते हुए, कोई व्यक्ति ऐसी किसी नामावली में अधिवक्ता के रूप में प्रविष्ट किया जा सकेगा;
(ङ) वे किस्तें जिनमें नामांकन फीस दी जा सकेगी ।
(3) इस अध्याय के अधीन बनाए गए नियम तब तक प्रभावी नहीं होंगे जब तक वे भारतीय विधिज्ञ परिषद् द्वारा अनुमोदित न कर दिए गए हों ।]
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