Advocates Act 20अध्याय III · Admission and Enrolment of Advocates
धारा 20 · उच्चतम न्यायालय के कुछ अधिवक्ताओं के नामांकन के लिए विशेष उपबन्ध
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अध्याय में किसी बात के होते हुए भी, प्रत्येक ऐसा अधिवक्ता, जो नियत दिन के ठीक पूर्व उच्चतम न्यायालय में विधि व्यवसाय करने के लिए साधिकार हकदार था और जिसका नाम किसी राज्य नामावली में दर्ज नहीं है, किसी राज्य विधिज्ञ परिषद् की नामावली में अपना नाम दर्ज कराने का आशय विहित समय के भीतर, विहित प्ररूप में भारतीय विधिज्ञ परिषद् को प्रकट कर सकेगा और उसके प्राप्त हो जाने पर भारतीय विधिज्ञ परिषद् यह निदेश देगी कि ऐसे अधिवक्ता का नाम, किसी फीस के संदाय के बिना, उस राज्य विधिज्ञ परिषद् की नामावली में दर्ज किया जाए, और सम्बद्ध राज्य विधिज्ञ परिषद् ऐसे निदेश का अनुपालन करेगी ।
(2) भारतीय विधिज्ञ परिषद् के उपधारा (1) के अधीन निदेश के अनुपालन में राज्य नामावली में कोई भी प्रविष्टि धारा 17 की उपधारा (3) के उपबंधों के अनुसार अवधारित ज्येष्ठता के क्रम से की जाएगी ।
(3) जहां उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट कोई अधिवक्ता, विहित समय के भीतर अपना आशय प्रकट करने में लोप करता है या असफल रहता है वहां उसका नाम दिल्ली की राज्य विधिज्ञ परिषद् की नामावली में दर्ज किया जाएगा ।]
(2) भारतीय विधिज्ञ परिषद् के उपधारा (1) के अधीन निदेश के अनुपालन में राज्य नामावली में कोई भी प्रविष्टि धारा 17 की उपधारा (3) के उपबंधों के अनुसार अवधारित ज्येष्ठता के क्रम से की जाएगी ।
(3) जहां उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट कोई अधिवक्ता, विहित समय के भीतर अपना आशय प्रकट करने में लोप करता है या असफल रहता है वहां उसका नाम दिल्ली की राज्य विधिज्ञ परिषद् की नामावली में दर्ज किया जाएगा ।]
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