NDPS Act 29अध्याय IV · Offences and Penalties
धारा 29 · अपराध में उकसाने और आपराधिक साजिश रचने के लिए दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जो कोई भी इस अध्याय के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए उकसाता है, या किसी आपराधिक षड्यंत्र में भागीदार होता है, तो चाहे ऐसा अपराध उकसाने के परिणामस्वरूप या ऐसे आपराधिक षड्यंत्र के अनुसरण में किया गया हो या न किया गया हो, और भारतीय दंड संहिता (45 ऑफ 1860) की धारा 116 में किसी बात के होते हुए भी, उस अपराध के लिए निर्धारित दंड से दंडित किया जाएगा।
(2) कोई व्यक्ति, इस धारा के अर्थ में किसी अपराध को करने के लिए उकसाता है, या आपराधिक षड्यंत्र में भागीदार होता है, जो भारत में, भारत के बाहर किसी स्थान पर किसी ऐसे कृत्य को अंजाम देने के लिए उकसाता है या आपराधिक षड्यंत्र में भागीदार होता है, जो--
(क) यदि भारत के भीतर किया जाता तो अपराध होता; या
(ख) ऐसे स्थान के कानूनों के तहत, मादक पदार्थों या मनोरोगी पदार्थों से संबंधित अपराध, जिसमें इस तरह का अपराध गठित करने के लिए आवश्यक सभी कानूनी शर्तें मौजूद हों, वही या उसके अनुरूप कानूनी शर्तें हों जो भारत के भीतर किए जाने पर इस अध्याय के तहत दंडनीय अपराध गठित करने के लिए आवश्यक हों।
(2) कोई व्यक्ति, इस धारा के अर्थ में किसी अपराध को करने के लिए उकसाता है, या आपराधिक षड्यंत्र में भागीदार होता है, जो भारत में, भारत के बाहर किसी स्थान पर किसी ऐसे कृत्य को अंजाम देने के लिए उकसाता है या आपराधिक षड्यंत्र में भागीदार होता है, जो--
(क) यदि भारत के भीतर किया जाता तो अपराध होता; या
(ख) ऐसे स्थान के कानूनों के तहत, मादक पदार्थों या मनोरोगी पदार्थों से संबंधित अपराध, जिसमें इस तरह का अपराध गठित करने के लिए आवश्यक सभी कानूनी शर्तें मौजूद हों, वही या उसके अनुरूप कानूनी शर्तें हों जो भारत के भीतर किए जाने पर इस अध्याय के तहत दंडनीय अपराध गठित करने के लिए आवश्यक हों।
अपराध एक नज़र में
- दंड
- इस अधिनियम के अधीन किए गए अपराध के अनुसार दंडनीय (धारा देखें)। वर्गीकरण उसी अपराध के अनुसार।
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