APFPEDA Act 8अध्याय II · Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority
धारा 8 · प्राधिकरण में कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए विशेष प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्राधिकरण की स्थापना होने पर, केंद्र सरकार के लिए यह वैध होगा कि वह प्राधिकरण की स्थापना से ठीक पहले प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात संवर्धन परिषद (जिसे इस धारा में आगे परिषद कहा गया है) में ऐसे पद पर आसीन किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी को आदेश द्वारा और आदेश में निर्दिष्ट तिथि या तिथियों से प्राधिकरण में स्थानांतरित कर दे:
बशर्ते कि प्राधिकरण में जिस पद पर ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी का स्थानांतरण किया जाता है, उस पद का वेतनमान उस पद के वेतनमान से कम नहीं होगा जो वह स्थानांतरण से ठीक पहले धारण कर रहा था, और जिस पद पर उसका स्थानांतरण किया जाता है, उस पद की सेवा की अन्य शर्तें (पेंशन, अवकाश, भविष्य निधि और चिकित्सा लाभ सहित) उस पद की सेवा की शर्तों से कम अनुकूल नहीं होंगी जो वह स्थानांतरण से ठीक पहले धारण कर रहा था।
(2) उपधारा (1) के तहत कोई आदेश इस प्रकार बनाया जा सकता है कि वह इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू हो।
(3) उपधारा (1) के तहत कोई आदेश जारी करने से पहले, परिषद के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र में और इस संबंध में निर्दिष्ट समय के भीतर, प्राधिकरण के कर्मचारी बनने की अपनी इच्छा या अनिच्छा व्यक्त करने का विकल्प दिया जाएगा, और एक बार प्रयोग किया गया ऐसा विकल्प अंतिम होगा।
बशर्ते कि उपधारा (1) के तहत कोई आदेश परिषद के किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी के संबंध में नहीं दिया जाएगा, जिसने इस संबंध में निर्दिष्ट समय के भीतर प्राधिकरण का कर्मचारी न बनने की अपनी मंशा सूचित कर दी हो:
इसके अलावा, परिषद के ऐसे अधिकारी और कर्मचारी जो इस संबंध में निर्दिष्ट समय के भीतर प्राधिकरण के कर्मचारी बनने की अपनी मंशा व्यक्त नहीं करते हैं, उनके साथ उसी तरह और उन्हीं कानूनों और स्थायी आदेशों के अनुसार व्यवहार किया जाएगा, जैसा कि इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या में कमी होने की स्थिति में परिषद के कर्मचारियों पर लागू होता था।
(4) उप-धारा (1) के तहत जारी आदेश द्वारा स्थानांतरित किया गया कोई अधिकारी या अन्य कर्मचारी, स्थानांतरण की तिथि से परिषद का कर्मचारी नहीं रहेगा और प्राधिकरण का अधिकारी या अन्य कर्मचारी बन जाएगा, जिसका पदनाम प्राधिकरण निर्धारित करेगा, और उप-धारा (1) के परंतुक के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, पारिश्रमिक और सेवा की अन्य शर्तों (पेंशन, अवकाश, भविष्य निधि और चिकित्सा लाभ सहित) के संबंध में इस अधिनियम के तहत प्राधिकरण द्वारा बनाए गए विनियमों द्वारा शासित होगा और प्राधिकरण द्वारा विधिवत रूप से उसकी नियुक्ति समाप्त किए जाने तक प्राधिकरण का अधिकारी या अन्य कर्मचारी बना रहेगा।
बशर्ते कि जब तक प्राधिकरण द्वारा अपने अधिकारियों या अन्य कर्मचारियों की सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाले उपर्युक्त विनियमों को तैयार नहीं किया जाता है, तब तक परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू संबंधित कानून और स्थायी आदेश उन पर लागू होते रहेंगे।
(5) यदि यह प्रश्न उठता है कि प्राधिकरण द्वारा किसी भी मामले के संबंध में, जिसमें पारिश्रमिक, पेंशन, अवकाश, भविष्य निधि और चिकित्सा लाभ शामिल हैं, बनाए गए विनियमों में निर्धारित सेवा की शर्तें और नियम किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी द्वारा प्राधिकरण में स्थानांतरण से ठीक पहले धारित पद से जुड़े नियमों और नियमों की तुलना में कम अनुकूल हैं, तो इस मामले में केंद्र सरकार का निर्णय अंतिम होगा।
बशर्ते कि प्राधिकरण में जिस पद पर ऐसे अधिकारी या अन्य कर्मचारी का स्थानांतरण किया जाता है, उस पद का वेतनमान उस पद के वेतनमान से कम नहीं होगा जो वह स्थानांतरण से ठीक पहले धारण कर रहा था, और जिस पद पर उसका स्थानांतरण किया जाता है, उस पद की सेवा की अन्य शर्तें (पेंशन, अवकाश, भविष्य निधि और चिकित्सा लाभ सहित) उस पद की सेवा की शर्तों से कम अनुकूल नहीं होंगी जो वह स्थानांतरण से ठीक पहले धारण कर रहा था।
(2) उपधारा (1) के तहत कोई आदेश इस प्रकार बनाया जा सकता है कि वह इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू हो।
(3) उपधारा (1) के तहत कोई आदेश जारी करने से पहले, परिषद के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र में और इस संबंध में निर्दिष्ट समय के भीतर, प्राधिकरण के कर्मचारी बनने की अपनी इच्छा या अनिच्छा व्यक्त करने का विकल्प दिया जाएगा, और एक बार प्रयोग किया गया ऐसा विकल्प अंतिम होगा।
बशर्ते कि उपधारा (1) के तहत कोई आदेश परिषद के किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी के संबंध में नहीं दिया जाएगा, जिसने इस संबंध में निर्दिष्ट समय के भीतर प्राधिकरण का कर्मचारी न बनने की अपनी मंशा सूचित कर दी हो:
इसके अलावा, परिषद के ऐसे अधिकारी और कर्मचारी जो इस संबंध में निर्दिष्ट समय के भीतर प्राधिकरण के कर्मचारी बनने की अपनी मंशा व्यक्त नहीं करते हैं, उनके साथ उसी तरह और उन्हीं कानूनों और स्थायी आदेशों के अनुसार व्यवहार किया जाएगा, जैसा कि इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या में कमी होने की स्थिति में परिषद के कर्मचारियों पर लागू होता था।
(4) उप-धारा (1) के तहत जारी आदेश द्वारा स्थानांतरित किया गया कोई अधिकारी या अन्य कर्मचारी, स्थानांतरण की तिथि से परिषद का कर्मचारी नहीं रहेगा और प्राधिकरण का अधिकारी या अन्य कर्मचारी बन जाएगा, जिसका पदनाम प्राधिकरण निर्धारित करेगा, और उप-धारा (1) के परंतुक के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, पारिश्रमिक और सेवा की अन्य शर्तों (पेंशन, अवकाश, भविष्य निधि और चिकित्सा लाभ सहित) के संबंध में इस अधिनियम के तहत प्राधिकरण द्वारा बनाए गए विनियमों द्वारा शासित होगा और प्राधिकरण द्वारा विधिवत रूप से उसकी नियुक्ति समाप्त किए जाने तक प्राधिकरण का अधिकारी या अन्य कर्मचारी बना रहेगा।
बशर्ते कि जब तक प्राधिकरण द्वारा अपने अधिकारियों या अन्य कर्मचारियों की सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाले उपर्युक्त विनियमों को तैयार नहीं किया जाता है, तब तक परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू संबंधित कानून और स्थायी आदेश उन पर लागू होते रहेंगे।
(5) यदि यह प्रश्न उठता है कि प्राधिकरण द्वारा किसी भी मामले के संबंध में, जिसमें पारिश्रमिक, पेंशन, अवकाश, भविष्य निधि और चिकित्सा लाभ शामिल हैं, बनाए गए विनियमों में निर्धारित सेवा की शर्तें और नियम किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी द्वारा प्राधिकरण में स्थानांतरण से ठीक पहले धारित पद से जुड़े नियमों और नियमों की तुलना में कम अनुकूल हैं, तो इस मामले में केंद्र सरकार का निर्णय अंतिम होगा।
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