APFPEDA Act 33अध्याय VI · Miscellaneous
धारा 33 · नियम बनाने की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्राधिकरण, केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के प्रावधानों के साथ असंगत न होने वाले विनियम बना सकता है, ताकि उन सभी मामलों के लिए प्रावधान किया जा सके जिनके लिए इस अधिनियम के प्रावधानों को प्रभावी बनाने के प्रयोजन से प्रावधान करना आवश्यक या उपयुक्त हो।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे विनियम निम्नलिखित सभी या इनमें से किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) प्राधिकरण या उसकी किसी समिति की बैठकें किस समय और किस स्थान पर आयोजित की जाएंगी तथा उनमें अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और धारा 4 की उपधारा (8) के अंतर्गत बैठक में कोरम बनाने वाले सदस्यों की संख्या;
(ख) धारा 7 की उपधारा (3) के अधीन प्राधिकरण के किसी भी अधिकारी और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की विधि, सेवा की शर्तें और वेतनमान एवं भत्ते;
(ग) सामान्यतः प्राधिकरण के कार्यों के कुशल संचालन के लिए।
(3) केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा अपने द्वारा स्वीकृत किसी भी नियम को संशोधित या निरस्त कर सकती है और इस प्रकार संशोधित या निरस्त नियम केवल संशोधित रूप में ही प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण, संशोधन या निरस्तीकरण से पहले नियम के अंतर्गत किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे विनियम निम्नलिखित सभी या इनमें से किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) प्राधिकरण या उसकी किसी समिति की बैठकें किस समय और किस स्थान पर आयोजित की जाएंगी तथा उनमें अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और धारा 4 की उपधारा (8) के अंतर्गत बैठक में कोरम बनाने वाले सदस्यों की संख्या;
(ख) धारा 7 की उपधारा (3) के अधीन प्राधिकरण के किसी भी अधिकारी और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की विधि, सेवा की शर्तें और वेतनमान एवं भत्ते;
(ग) सामान्यतः प्राधिकरण के कार्यों के कुशल संचालन के लिए।
(3) केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा अपने द्वारा स्वीकृत किसी भी नियम को संशोधित या निरस्त कर सकती है और इस प्रकार संशोधित या निरस्त नियम केवल संशोधित रूप में ही प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण, संशोधन या निरस्तीकरण से पहले नियम के अंतर्गत किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
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