APFPEDA Act 4अध्याय II · Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority
धारा 4 · प्राधिकरण की स्थापना और गठन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में नियुक्त तिथि से, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण नामक एक प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी।
(2) प्राधिकरण उपर्युक्त नाम से निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी, और उसे चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्ति प्राप्त करने, धारण करने और निपटाने तथा अनुबंध करने का अधिकार होगा, तथा उक्त नाम से मुकदमा कर सकेगा और उस पर मुकदमा किया जा सकेगा।
(3) प्राधिकरण का प्रधान कार्यालय दिल्ली में होगा और प्राधिकरण केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से भारत के भीतर या बाहर अन्य स्थानों पर कार्यालय या एजेंसियां स्थापित कर सकता है।
(4) प्राधिकरण में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:--
(क) एक अध्यक्ष, जिसकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी;
(ख) भारत सरकार के कृषि विपणन सलाहकार, पदेन;
(ग) योजना आयोग का प्रतिनिधित्व करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक सदस्य नियुक्त किया जाएगा;
(घ) संसद के तीन सदस्य जिनमें से दो लोकसभा द्वारा और एक राज्य परिषद द्वारा निर्वाचित होंगे;
(ई) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले आठ सदस्य, जो क्रमशः केंद्र सरकार के उन मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व करेंगे जो निम्नलिखित मामलों से संबंधित हैं--
(i) कृषि एवं ग्रामीण विकास;
(ii) वाणिज्य;
(iii) वित्त;
(iv) उद्योग;
(v) भोजन;
(vi) नागरिक आपूर्ति;
(vii) नागरिक उड्डयन;
(viii) जहाजरानी एवं परिवहन;
(f) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्णमाला क्रम में बारी-बारी से पांच सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी:
बशर्ते कि इस खंड के अंतर्गत नियुक्ति संबंधित राज्य सरकार या, जैसा भी मामला हो, संबंधित केंद्र शासित प्रदेश की सिफारिश पर की जाएगी;
(g) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले सात सदस्य, जो प्रतिनिधित्व करेंगे,--
(i) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद;
(ii) राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड;
(iii) राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ;
(iv) केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान;
(v) भारतीय पैकेजिंग संस्थान;
(vi) मसाला निर्यात संवर्धन परिषद; और
(vii) काजू निर्यात संवर्धन परिषद;
(h) केंद्रीय सरकार द्वारा बारह सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी जो प्रतिनिधित्व करेंगे,--
(i) फल और सब्जी उत्पाद उद्योग;
(ii) मांस, मुर्गी पालन और दुग्ध उत्पाद उद्योग;
1 [(iii) अन्य अनुसूचित उत्पाद या विशेष उत्पाद उद्योग;]
(iv) पैकेजिंग उद्योग:
बशर्ते कि उपखंड (i) से (iii) में निर्दिष्ट उद्योगों के किसी भी समूह या उपखंड (iv) में निर्दिष्ट उद्योग का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त सदस्यों की संख्या किसी भी स्थिति में दो से कम नहीं होगी;
(i) कृषि, अर्थशास्त्र और अनुसूचित उत्पादों के विपणन के क्षेत्र में विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों में से केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले दो सदस्य।
(5) उपधारा (4) के खंड (ख) में निर्दिष्ट सदस्य के अतिरिक्त अन्य सदस्यों का कार्यकाल तथा रिक्तियों को भरने का तरीका तथा सदस्यों द्वारा अपने कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ऐसी होगी जैसी निर्धारित की जाए।
(6) केंद्र सरकार का कोई भी अधिकारी, जो प्राधिकरण का सदस्य नहीं है, जब उस सरकार द्वारा इस संबंध में प्रतिनियुक्त किया जाता है, तो उसे प्राधिकरण की बैठकों में उपस्थित होने और उसकी कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार होगा, लेकिन उसे मतदान करने का अधिकार नहीं होगा।
(7) प्राधिकरण या उसके द्वारा धारा 9 के अंतर्गत नियुक्त किसी समिति का कोई कार्य या कार्यवाही मात्र निम्नलिखित कारणों से अमान्य नहीं होगी--
(क) प्राधिकरण या ऐसी समिति में कोई रिक्ति या उसके गठन में कोई दोष; या
(ख) प्राधिकरण या ऐसी समिति के सदस्य के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति की नियुक्ति में कोई दोष; या
(ग) प्राधिकरण या ऐसी समिति की प्रक्रिया में कोई अनियमितता जो मामले के गुण-दोष को प्रभावित न करे।
(8) प्राधिकरण ऐसे समय और स्थानों पर बैठक करेगा तथा अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पालन करेगा (जिसमें बैठकों में कोरम भी शामिल है) जैसा कि विनियमों द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(2) प्राधिकरण उपर्युक्त नाम से निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी, और उसे चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्ति प्राप्त करने, धारण करने और निपटाने तथा अनुबंध करने का अधिकार होगा, तथा उक्त नाम से मुकदमा कर सकेगा और उस पर मुकदमा किया जा सकेगा।
(3) प्राधिकरण का प्रधान कार्यालय दिल्ली में होगा और प्राधिकरण केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से भारत के भीतर या बाहर अन्य स्थानों पर कार्यालय या एजेंसियां स्थापित कर सकता है।
(4) प्राधिकरण में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:--
(क) एक अध्यक्ष, जिसकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी;
(ख) भारत सरकार के कृषि विपणन सलाहकार, पदेन;
(ग) योजना आयोग का प्रतिनिधित्व करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक सदस्य नियुक्त किया जाएगा;
(घ) संसद के तीन सदस्य जिनमें से दो लोकसभा द्वारा और एक राज्य परिषद द्वारा निर्वाचित होंगे;
(ई) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले आठ सदस्य, जो क्रमशः केंद्र सरकार के उन मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व करेंगे जो निम्नलिखित मामलों से संबंधित हैं--
(i) कृषि एवं ग्रामीण विकास;
(ii) वाणिज्य;
(iii) वित्त;
(iv) उद्योग;
(v) भोजन;
(vi) नागरिक आपूर्ति;
(vii) नागरिक उड्डयन;
(viii) जहाजरानी एवं परिवहन;
(f) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्णमाला क्रम में बारी-बारी से पांच सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी:
बशर्ते कि इस खंड के अंतर्गत नियुक्ति संबंधित राज्य सरकार या, जैसा भी मामला हो, संबंधित केंद्र शासित प्रदेश की सिफारिश पर की जाएगी;
(g) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले सात सदस्य, जो प्रतिनिधित्व करेंगे,--
(i) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद;
(ii) राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड;
(iii) राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ;
(iv) केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान;
(v) भारतीय पैकेजिंग संस्थान;
(vi) मसाला निर्यात संवर्धन परिषद; और
(vii) काजू निर्यात संवर्धन परिषद;
(h) केंद्रीय सरकार द्वारा बारह सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी जो प्रतिनिधित्व करेंगे,--
(i) फल और सब्जी उत्पाद उद्योग;
(ii) मांस, मुर्गी पालन और दुग्ध उत्पाद उद्योग;
1 [(iii) अन्य अनुसूचित उत्पाद या विशेष उत्पाद उद्योग;]
(iv) पैकेजिंग उद्योग:
बशर्ते कि उपखंड (i) से (iii) में निर्दिष्ट उद्योगों के किसी भी समूह या उपखंड (iv) में निर्दिष्ट उद्योग का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त सदस्यों की संख्या किसी भी स्थिति में दो से कम नहीं होगी;
(i) कृषि, अर्थशास्त्र और अनुसूचित उत्पादों के विपणन के क्षेत्र में विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों में से केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले दो सदस्य।
(5) उपधारा (4) के खंड (ख) में निर्दिष्ट सदस्य के अतिरिक्त अन्य सदस्यों का कार्यकाल तथा रिक्तियों को भरने का तरीका तथा सदस्यों द्वारा अपने कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ऐसी होगी जैसी निर्धारित की जाए।
(6) केंद्र सरकार का कोई भी अधिकारी, जो प्राधिकरण का सदस्य नहीं है, जब उस सरकार द्वारा इस संबंध में प्रतिनियुक्त किया जाता है, तो उसे प्राधिकरण की बैठकों में उपस्थित होने और उसकी कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार होगा, लेकिन उसे मतदान करने का अधिकार नहीं होगा।
(7) प्राधिकरण या उसके द्वारा धारा 9 के अंतर्गत नियुक्त किसी समिति का कोई कार्य या कार्यवाही मात्र निम्नलिखित कारणों से अमान्य नहीं होगी--
(क) प्राधिकरण या ऐसी समिति में कोई रिक्ति या उसके गठन में कोई दोष; या
(ख) प्राधिकरण या ऐसी समिति के सदस्य के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति की नियुक्ति में कोई दोष; या
(ग) प्राधिकरण या ऐसी समिति की प्रक्रिया में कोई अनियमितता जो मामले के गुण-दोष को प्रभावित न करे।
(8) प्राधिकरण ऐसे समय और स्थानों पर बैठक करेगा तथा अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पालन करेगा (जिसमें बैठकों में कोरम भी शामिल है) जैसा कि विनियमों द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
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