THOT Act 6अध्याय II · Authority for the Removal of Human Organs or Tissues or Both
धारा 6 · चिकित्सा-कानूनी या रोग संबंधी उद्देश्यों के लिए पोस्टमार्टम जांच हेतु भेजे गए शवों से मानव अंगों या ऊतकों या दोनों को निकालने का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
6. चिकित्सा-कानूनी या रोग संबंधी उद्देश्यों के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शवों से [मानव अंगों या ऊतकों या दोनों] को निकालने का अधिकार। -- जहां किसी व्यक्ति का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया हो--
(क) चिकित्सा-कानूनी प्रयोजनों के लिए, ऐसे व्यक्ति की मृत्यु दुर्घटना या किसी अन्य अप्राकृतिक कारण से हुई हो; या
(ख) रोग संबंधी उद्देश्यों के लिए,
इस अधिनियम के तहत किसी मृत शरीर से किसी 2 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने की अनुमति देने के लिए सक्षम व्यक्ति, यदि उसे यह विश्वास करने का कारण है कि ऐसे 2 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] की आवश्यकता उस उद्देश्य के लिए नहीं होगी जिसके लिए शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, तो चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए मृतक व्यक्ति के उस 2 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने की अनुमति दे सकता है, बशर्ते कि वह संतुष्ट हो कि मृतक ने अपनी मृत्यु से पहले, अपने किसी भी 3 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] के चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए उसकी मृत्यु के बाद उपयोग किए जाने पर कोई आपत्ति व्यक्त नहीं की थी, या यदि उसने अपने किसी भी 3 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] के चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए उसकी मृत्यु के बाद उपयोग करने की अनुमति दी थी, तो उसने अपनी मृत्यु से पहले उस अनुमति को रद्द नहीं किया था।
(क) चिकित्सा-कानूनी प्रयोजनों के लिए, ऐसे व्यक्ति की मृत्यु दुर्घटना या किसी अन्य अप्राकृतिक कारण से हुई हो; या
(ख) रोग संबंधी उद्देश्यों के लिए,
इस अधिनियम के तहत किसी मृत शरीर से किसी 2 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने की अनुमति देने के लिए सक्षम व्यक्ति, यदि उसे यह विश्वास करने का कारण है कि ऐसे 2 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] की आवश्यकता उस उद्देश्य के लिए नहीं होगी जिसके लिए शरीर को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, तो चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए मृतक व्यक्ति के उस 2 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने की अनुमति दे सकता है, बशर्ते कि वह संतुष्ट हो कि मृतक ने अपनी मृत्यु से पहले, अपने किसी भी 3 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] के चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए उसकी मृत्यु के बाद उपयोग किए जाने पर कोई आपत्ति व्यक्त नहीं की थी, या यदि उसने अपने किसी भी 3 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] के चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए उसकी मृत्यु के बाद उपयोग करने की अनुमति दी थी, तो उसने अपनी मृत्यु से पहले उस अनुमति को रद्द नहीं किया था।
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