THOT Act 14अध्याय V · Registration of Hospitals
धारा 14 · मानव अंगों या ऊतकों या दोनों को निकालने, भंडारण करने या प्रत्यारोपण करने में लगे अस्पतालों का पंजीकरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
14. मानव अंगों या ऊतकों या दोनों के निष्कासन, भंडारण या प्रत्यारोपण में लगे अस्पतालों का पंजीकरण। --(1) 2 [कोई भी अस्पताल (मानव अंग पुनर्प्राप्ति केंद्र सहित)] इस अधिनियम के प्रारंभ होने के बाद किसी भी मानव अंग या ऊतक या दोनों के चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए निष्कासन, भंडारण या प्रत्यारोपण से संबंधित कोई भी गतिविधि प्रारंभ नहीं करेगा, जब तक कि ऐसा अस्पताल इस अधिनियम के तहत विधिवत पंजीकृत न हो:
बशर्ते कि इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले, चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए किसी भी 3 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने, भंडारण करने या प्रत्यारोपण करने से संबंधित किसी भी गतिविधि में आंशिक रूप से या विशेष रूप से संलग्न प्रत्येक अस्पताल, ऐसे प्रारंभ होने की तिथि से साठ दिनों के भीतर पंजीकरण के लिए आवेदन करेगा:
इसके अलावा, प्रत्येक अस्पताल जो किसी भी [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने, भंडारण करने या प्रत्यारोपण करने से संबंधित किसी भी गतिविधि में संलग्न है, इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से तीन महीने की समाप्ति पर ऐसी किसी भी गतिविधि में संलग्न होना बंद कर देगा, जब तक कि ऐसे अस्पताल ने पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया हो और पंजीकृत न हो गया हो, या जब तक ऐसे आवेदन का निपटारा नहीं हो जाता, जो भी पहले हो।
(2) उपधारा (1) के अधीन पंजीकरण हेतु प्रत्येक आवेदन उपयुक्त प्राधिकारी को ऐसे प्रपत्र में तथा ऐसे तरीके से किया जाएगा तथा उसके साथ ऐसे शुल्क संलग्न किए जाएंगे जो निर्धारित किए जा सकें।
(3) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी अस्पताल का पंजीकरण तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि उपयुक्त प्राधिकारी संतुष्ट न हो जाए कि ऐसा अस्पताल ऐसी विशेष सेवाएं और सुविधाएं प्रदान करने, ऐसे कुशल जनशक्ति और उपकरण रखने और ऐसे मानक बनाए रखने में सक्षम है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
4 [(4) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी अस्पताल का पंजीकरण तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक कि उपयुक्त प्राधिकारी इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि ऐसे अस्पताल ने निर्धारित योग्यता एवं अनुभव रखने वाले प्रत्यारोपण समन्वयक की नियुक्ति कर दी है।]
बशर्ते कि इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले, चिकित्सीय प्रयोजनों के लिए किसी भी 3 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने, भंडारण करने या प्रत्यारोपण करने से संबंधित किसी भी गतिविधि में आंशिक रूप से या विशेष रूप से संलग्न प्रत्येक अस्पताल, ऐसे प्रारंभ होने की तिथि से साठ दिनों के भीतर पंजीकरण के लिए आवेदन करेगा:
इसके अलावा, प्रत्येक अस्पताल जो किसी भी [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने, भंडारण करने या प्रत्यारोपण करने से संबंधित किसी भी गतिविधि में संलग्न है, इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से तीन महीने की समाप्ति पर ऐसी किसी भी गतिविधि में संलग्न होना बंद कर देगा, जब तक कि ऐसे अस्पताल ने पंजीकरण के लिए आवेदन नहीं किया हो और पंजीकृत न हो गया हो, या जब तक ऐसे आवेदन का निपटारा नहीं हो जाता, जो भी पहले हो।
(2) उपधारा (1) के अधीन पंजीकरण हेतु प्रत्येक आवेदन उपयुक्त प्राधिकारी को ऐसे प्रपत्र में तथा ऐसे तरीके से किया जाएगा तथा उसके साथ ऐसे शुल्क संलग्न किए जाएंगे जो निर्धारित किए जा सकें।
(3) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी अस्पताल का पंजीकरण तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि उपयुक्त प्राधिकारी संतुष्ट न हो जाए कि ऐसा अस्पताल ऐसी विशेष सेवाएं और सुविधाएं प्रदान करने, ऐसे कुशल जनशक्ति और उपकरण रखने और ऐसे मानक बनाए रखने में सक्षम है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
4 [(4) इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी अस्पताल का पंजीकरण तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक कि उपयुक्त प्राधिकारी इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि ऐसे अस्पताल ने निर्धारित योग्यता एवं अनुभव रखने वाले प्रत्यारोपण समन्वयक की नियुक्ति कर दी है।]
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