THOT Act 24अध्याय VII · Miscellaneous
धारा 24 · नियम बनाने की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नियम बना सकती है। (2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:--
(क) वह तरीका और वे शर्तें जिनके अधीन कोई दाता अपनी मृत्यु से पहले धारा 3 की उपधारा (1क) के तहत अपने शरीर के किसी [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने की अनुमति दे सकता है;
2 [(अ) मानव अंग या ऊतक या दोनों जिनके संबंध में पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी पर कर्तव्य निर्धारित किया गया है, उपधारा 3 के खंड (i) के तहत प्राधिकरण के दस्तावेजीकरण प्राप्त करने का तरीका;
(एबी) धारा 3 की उपधारा (1ए) के खंड (iii) के तहत मानव अंग पुनर्प्राप्ति केंद्र को सूचित करने का तरीका;
(एसी) वह तिथि जिससे उपधारा (1ए) में उल्लिखित कर्तव्य धारा 3 की उपधारा (1बी) के अंतर्गत अपंजीकृत अस्पताल में कार्यरत पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी पर लागू होते हैं;
(ए) धारा 3 की उपधारा (4) के परंतुक के अधीन तकनीशियन की योग्यता एवं अनुभव;]
(ख) मस्तिष्क-तना मृत्यु को प्रमाणित करने का प्रपत्र और तरीका तथा धारा 3 की उपधारा (6) के अंतर्गत उस उद्देश्य के लिए संतुष्ट की जाने वाली शर्तें और आवश्यकताएँ;
3 [(ख) धारा 3 की उपधारा (6) के खंड (iii) के परंतुक के अधीन चिकित्सा विशेषज्ञों के बोर्ड में शामिल किए जाने वाले सर्जन या चिकित्सक तथा एनेस्थेटिस्ट या इंटेंसिविस्ट के नामांकन की शर्तें;]
(ग) वह प्रपत्र और वह तरीका जिससे माता-पिता में से कोई भी नाबालिग की मस्तिष्क-तना मृत्यु की स्थिति में धारा 3 की उपधारा (7) के तहत किसी 4 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को हटाने के लिए प्राधिकरण दे सकता है;
(घ) वह प्रपत्र जिसमें धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन अस्पताल या कारागार के प्रबंधन या नियंत्रण के प्रभारी व्यक्ति द्वारा किसी लावारिस मृत शरीर से किसी 4 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को हटाने के लिए प्राधिकरण दिया जा सकता है;
(ई) धारा 7 के तहत किसी व्यक्ति के शरीर से निकाले गए 4 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] के संरक्षण के लिए उठाए जाने वाले कदम;
3 [(ईए) धारा 9 की उपधारा (1बी) के तहत प्रत्यारोपण के लिए किसी नाबालिग की मृत्यु से पहले उसके शरीर से मानव अंगों या ऊतकों या दोनों को निकालने का तरीका;
(ईबी) धारा 9 की उपधारा (4) के अधीन प्राधिकरण समितियों की संरचना;]
(f) धारा 9 की उपधारा (5) के अधीन दाता और प्राप्तकर्ता द्वारा संयुक्त रूप से आवेदन करने का प्रपत्र और तरीका;
(जी) धारा 12 के तहत पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा दाता और प्राप्तकर्ता को निष्कासन और प्रत्यारोपण से जुड़े सभी संभावित प्रभावों, जटिलताओं और खतरों को समझाने का तरीका;
(h) धारा 13 की उपधारा (3) के खंड (iii) के तहत किसी 4 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को हटाने, भंडारण या प्रत्यारोपण में लगे अस्पतालों के लिए उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा लागू किए जाने वाले मानक;
(i) धारा 13 की उपधारा (3) के खंड (vi) के अधीन अपने कार्यों के निष्पादन में उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा किए जाने वाले अन्य उपाय;
3 [(ia) चिकित्सा विशेषज्ञों की योग्यताएं और धारा 13ए की उपधारा (2) और (3) के तहत सलाहकार समिति में नियुक्ति के लिए नियम एवं शर्तें;
(ib) धारा 13B के खंड (d) के अधीन किसी अन्य मामले में उपयुक्त प्राधिकारी की शक्ति;
(आईसी) राष्ट्रीय मानव अंग एवं ऊतक निष्कासन एवं भंडारण नेटवर्क तथा क्षेत्रीय नेटवर्क की स्थापना का तरीका और धारा 13सी के अंतर्गत उनके द्वारा किए जाने वाले कार्य;
(आईडी) मानव अंगों और ऊतकों के दाताओं और प्राप्तकर्ताओं के राष्ट्रीय रजिस्टर में मौजूद जानकारी और धारा 13डी के अंतर्गत सभी जानकारी;]
(जे) पंजीकरण हेतु आवेदन करने का प्रपत्र एवं विधि तथा धारा 14 की उपधारा (2) के अधीन संलग्न शुल्क;
(k) धारा 14 की उपधारा (3) के अंतर्गत पंजीकरण हेतु किसी अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली विशिष्ट सेवाएं और सुविधाएं, कुशल जनशक्ति और रखे जाने वाले उपकरण तथा बनाए रखे जाने वाले मानक;
3 [(क) धारा 14 की उपधारा (4) के अधीन प्रत्यारोपण समन्वयक की योग्यता और अनुभव;
(केबी) धारा 14ए की उपधारा (2) के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन करने का प्रपत्र और तरीका तथा साथ में देय शुल्क;
(केसी) धारा 14ए की उपधारा (3) के अंतर्गत टिशू बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली विशिष्ट सेवा और सुविधाएं, कुशल जनशक्ति और रखे जाने वाले उपकरण तथा बनाए रखे जाने वाले मानक;]
(एल) वह प्रपत्र, वह अवधि जिसके लिए और वे शर्तें जिनके अधीन धारा 15 की उपधारा (1) के अंतर्गत किसी [अस्पताल या ऊतक बैंक] को पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान किया जाना है;
(m) वह तरीका और वह शुल्क जिसके भुगतान पर धारा 15 की उपधारा (3) के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र का नवीनीकरण किया जाना है;
(n) धारा 17 के अधीन अपील किस प्रकार की जा सकती है;
(ओ) धारा 22 की उपधारा (1) के खंड (ख) के तहत कथित अपराध और न्यायालय में शिकायत करने के अपने इरादे की सूचना उपयुक्त प्राधिकारी को किस प्रकार देनी होगी; और
(पी) कोई अन्य मामला जिसे निर्धारित करना आवश्यक है, या निर्धारित किया जा सकता है।
(3) इस अधिनियम के तहत बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम के तहत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
(क) वह तरीका और वे शर्तें जिनके अधीन कोई दाता अपनी मृत्यु से पहले धारा 3 की उपधारा (1क) के तहत अपने शरीर के किसी [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को निकालने की अनुमति दे सकता है;
2 [(अ) मानव अंग या ऊतक या दोनों जिनके संबंध में पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी पर कर्तव्य निर्धारित किया गया है, उपधारा 3 के खंड (i) के तहत प्राधिकरण के दस्तावेजीकरण प्राप्त करने का तरीका;
(एबी) धारा 3 की उपधारा (1ए) के खंड (iii) के तहत मानव अंग पुनर्प्राप्ति केंद्र को सूचित करने का तरीका;
(एसी) वह तिथि जिससे उपधारा (1ए) में उल्लिखित कर्तव्य धारा 3 की उपधारा (1बी) के अंतर्गत अपंजीकृत अस्पताल में कार्यरत पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी पर लागू होते हैं;
(ए) धारा 3 की उपधारा (4) के परंतुक के अधीन तकनीशियन की योग्यता एवं अनुभव;]
(ख) मस्तिष्क-तना मृत्यु को प्रमाणित करने का प्रपत्र और तरीका तथा धारा 3 की उपधारा (6) के अंतर्गत उस उद्देश्य के लिए संतुष्ट की जाने वाली शर्तें और आवश्यकताएँ;
3 [(ख) धारा 3 की उपधारा (6) के खंड (iii) के परंतुक के अधीन चिकित्सा विशेषज्ञों के बोर्ड में शामिल किए जाने वाले सर्जन या चिकित्सक तथा एनेस्थेटिस्ट या इंटेंसिविस्ट के नामांकन की शर्तें;]
(ग) वह प्रपत्र और वह तरीका जिससे माता-पिता में से कोई भी नाबालिग की मस्तिष्क-तना मृत्यु की स्थिति में धारा 3 की उपधारा (7) के तहत किसी 4 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को हटाने के लिए प्राधिकरण दे सकता है;
(घ) वह प्रपत्र जिसमें धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन अस्पताल या कारागार के प्रबंधन या नियंत्रण के प्रभारी व्यक्ति द्वारा किसी लावारिस मृत शरीर से किसी 4 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को हटाने के लिए प्राधिकरण दिया जा सकता है;
(ई) धारा 7 के तहत किसी व्यक्ति के शरीर से निकाले गए 4 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] के संरक्षण के लिए उठाए जाने वाले कदम;
3 [(ईए) धारा 9 की उपधारा (1बी) के तहत प्रत्यारोपण के लिए किसी नाबालिग की मृत्यु से पहले उसके शरीर से मानव अंगों या ऊतकों या दोनों को निकालने का तरीका;
(ईबी) धारा 9 की उपधारा (4) के अधीन प्राधिकरण समितियों की संरचना;]
(f) धारा 9 की उपधारा (5) के अधीन दाता और प्राप्तकर्ता द्वारा संयुक्त रूप से आवेदन करने का प्रपत्र और तरीका;
(जी) धारा 12 के तहत पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा दाता और प्राप्तकर्ता को निष्कासन और प्रत्यारोपण से जुड़े सभी संभावित प्रभावों, जटिलताओं और खतरों को समझाने का तरीका;
(h) धारा 13 की उपधारा (3) के खंड (iii) के तहत किसी 4 [मानव अंग या ऊतक या दोनों] को हटाने, भंडारण या प्रत्यारोपण में लगे अस्पतालों के लिए उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा लागू किए जाने वाले मानक;
(i) धारा 13 की उपधारा (3) के खंड (vi) के अधीन अपने कार्यों के निष्पादन में उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा किए जाने वाले अन्य उपाय;
3 [(ia) चिकित्सा विशेषज्ञों की योग्यताएं और धारा 13ए की उपधारा (2) और (3) के तहत सलाहकार समिति में नियुक्ति के लिए नियम एवं शर्तें;
(ib) धारा 13B के खंड (d) के अधीन किसी अन्य मामले में उपयुक्त प्राधिकारी की शक्ति;
(आईसी) राष्ट्रीय मानव अंग एवं ऊतक निष्कासन एवं भंडारण नेटवर्क तथा क्षेत्रीय नेटवर्क की स्थापना का तरीका और धारा 13सी के अंतर्गत उनके द्वारा किए जाने वाले कार्य;
(आईडी) मानव अंगों और ऊतकों के दाताओं और प्राप्तकर्ताओं के राष्ट्रीय रजिस्टर में मौजूद जानकारी और धारा 13डी के अंतर्गत सभी जानकारी;]
(जे) पंजीकरण हेतु आवेदन करने का प्रपत्र एवं विधि तथा धारा 14 की उपधारा (2) के अधीन संलग्न शुल्क;
(k) धारा 14 की उपधारा (3) के अंतर्गत पंजीकरण हेतु किसी अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली विशिष्ट सेवाएं और सुविधाएं, कुशल जनशक्ति और रखे जाने वाले उपकरण तथा बनाए रखे जाने वाले मानक;
3 [(क) धारा 14 की उपधारा (4) के अधीन प्रत्यारोपण समन्वयक की योग्यता और अनुभव;
(केबी) धारा 14ए की उपधारा (2) के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन करने का प्रपत्र और तरीका तथा साथ में देय शुल्क;
(केसी) धारा 14ए की उपधारा (3) के अंतर्गत टिशू बैंक द्वारा प्रदान की जाने वाली विशिष्ट सेवा और सुविधाएं, कुशल जनशक्ति और रखे जाने वाले उपकरण तथा बनाए रखे जाने वाले मानक;]
(एल) वह प्रपत्र, वह अवधि जिसके लिए और वे शर्तें जिनके अधीन धारा 15 की उपधारा (1) के अंतर्गत किसी [अस्पताल या ऊतक बैंक] को पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान किया जाना है;
(m) वह तरीका और वह शुल्क जिसके भुगतान पर धारा 15 की उपधारा (3) के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र का नवीनीकरण किया जाना है;
(n) धारा 17 के अधीन अपील किस प्रकार की जा सकती है;
(ओ) धारा 22 की उपधारा (1) के खंड (ख) के तहत कथित अपराध और न्यायालय में शिकायत करने के अपने इरादे की सूचना उपयुक्त प्राधिकारी को किस प्रकार देनी होगी; और
(पी) कोई अन्य मामला जिसे निर्धारित करना आवश्यक है, या निर्धारित किया जा सकता है।
(3) इस अधिनियम के तहत बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखा जाएगा, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन नियम में कोई संशोधन करने पर सहमत हों या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो नियम इसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगा या अप्रभावी होगा, जैसा भी मामला हो; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम के तहत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।
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