NDDB Act 8अध्याय III · Management of the National Dairy Development Board
धारा 8 · राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड का प्रबंधन और इसके निदेशक मंडल की संरचना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मामलों और व्यवसाय का सामान्य अधीक्षण, निर्देशन, नियंत्रण और प्रबंधन निदेशक मंडल में निहित होगा, जो सभी शक्तियों का प्रयोग करेगा और सभी कार्य और चीजें करेगा जो राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रयोग या की जा सकती हैं।
(2) राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड के निदेशक मंडल में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:--
(क) अध्यक्ष;
(ख) केंद्र सरकार के अधिकारियों में से एक निदेशक;
(ग) राज्य सहकारी डेयरी संघों के अध्यक्षों में से दो निदेशक;
(घ) राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड के सर्वोच्च श्रेणी के अधिकारियों में से पूर्णकालिक निदेशक, जिनकी संख्या तीन से अधिक न हो;
(ई) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बाहर से एक निदेशक, जो एक विशेषज्ञ हो।
(3) उपधारा (2) के खंड (ख) में निर्दिष्ट अध्यक्ष और निदेशक की मनोनीत केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी तथा उपधारा (2) के खंड (ग) , (घ) और (ङ) में निर्दिष्ट निदेशकों की मनोनीत केंद्र सरकार द्वारा अध्यक्ष से परामर्श के बाद की जाएगी।
बशर्ते कि उपधारा (2) के खंड (ई) में निर्दिष्ट अध्यक्ष और निदेशक एक या एक से अधिक विशिष्टताओं में पेशेवर रूप से योग्य व्यक्ति होंगे, जैसे कि दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, ग्रामीण अर्थशास्त्र, ग्रामीण विकास, व्यवसाय प्रशासन या बैंकिंग।
(4) बोर्ड अपने साथ, ऐसे तरीके से, ऐसी शर्तों पर और ऐसे उद्देश्यों के लिए, जैसा वह उचित समझे, किसी ऐसे व्यक्ति को संबद्ध कर सकता है जिसकी सहायता या सलाह वह इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान का अनुपालन करने में चाहे, और इस प्रकार संबद्ध व्यक्ति को बोर्ड की उन चर्चाओं में भाग लेने का अधिकार होगा जो उन उद्देश्यों से संबंधित हों जिनके लिए उसे संबद्ध किया गया है, लेकिन उसे मतदान का अधिकार नहीं होगा।
(2) राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड के निदेशक मंडल में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:--
(क) अध्यक्ष;
(ख) केंद्र सरकार के अधिकारियों में से एक निदेशक;
(ग) राज्य सहकारी डेयरी संघों के अध्यक्षों में से दो निदेशक;
(घ) राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड के सर्वोच्च श्रेणी के अधिकारियों में से पूर्णकालिक निदेशक, जिनकी संख्या तीन से अधिक न हो;
(ई) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बाहर से एक निदेशक, जो एक विशेषज्ञ हो।
(3) उपधारा (2) के खंड (ख) में निर्दिष्ट अध्यक्ष और निदेशक की मनोनीत केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी तथा उपधारा (2) के खंड (ग) , (घ) और (ङ) में निर्दिष्ट निदेशकों की मनोनीत केंद्र सरकार द्वारा अध्यक्ष से परामर्श के बाद की जाएगी।
बशर्ते कि उपधारा (2) के खंड (ई) में निर्दिष्ट अध्यक्ष और निदेशक एक या एक से अधिक विशिष्टताओं में पेशेवर रूप से योग्य व्यक्ति होंगे, जैसे कि दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, ग्रामीण अर्थशास्त्र, ग्रामीण विकास, व्यवसाय प्रशासन या बैंकिंग।
(4) बोर्ड अपने साथ, ऐसे तरीके से, ऐसी शर्तों पर और ऐसे उद्देश्यों के लिए, जैसा वह उचित समझे, किसी ऐसे व्यक्ति को संबद्ध कर सकता है जिसकी सहायता या सलाह वह इस अधिनियम के किसी भी प्रावधान का अनुपालन करने में चाहे, और इस प्रकार संबद्ध व्यक्ति को बोर्ड की उन चर्चाओं में भाग लेने का अधिकार होगा जो उन उद्देश्यों से संबंधित हों जिनके लिए उसे संबद्ध किया गया है, लेकिन उसे मतदान का अधिकार नहीं होगा।
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