NDDB Act 16अध्याय IV · Powers and Functions of the National Dairy Development Board
धारा 16 · राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड की शक्तियां और कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम के प्रावधानों के अधीन रहते हुए,--
(क) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड का यह कर्तव्य और कार्य होगा कि वह डेयरी और अन्य कृषि आधारित और संबद्ध उद्योगों और जैविक उत्पादों के विकास के प्रयोजनों के लिए गहन और राष्ट्रव्यापी आधार पर कार्यक्रमों की योजना और आयोजन को बढ़ावा दे और ऐसे कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में सहायता प्रदान करे;
(ख) राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड की यह जिम्मेदारी होगी कि वह सहकारी रणनीति को अधिक प्रभावी ढंग से, गहन और राष्ट्रव्यापी आधार पर अपनाए तथा उपर्युक्त उद्देश्यों के लिए आवश्यक कदम उठाए; और
(ग) राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड उक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए और इस अधिनियम के अधीन अपनी शक्तियों के प्रयोग और अपने कार्यों एवं जिम्मेदारियों के निष्पादन के लिए ऐसे उपाय कर सकता है, जिन्हें वह आवश्यक समझे।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उसमें निर्दिष्ट उपाय निम्नलिखित के लिए प्रावधान कर सकते हैं--
(क) दुग्ध उत्पादन, प्रतिरक्षा विज्ञान, पशुपालन, कृषि और बागवानी के क्षेत्रों में अनुसंधान और प्रचार गतिविधियों को सुगम बनाना;
(ख) सहकारी या सार्वजनिक क्षेत्र में ऐसे संगठनों को तकनीकी जानकारी प्रदान करना जो दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन, खरीद, संरक्षण या विपणन में लगे हुए हैं;
(ग) प्रदान की जाने वाली तकनीकी जानकारी को आत्मसात करने और उसका उपयोग करने के लिए कर्मियों के प्रशिक्षण को सुगम बनाना;
(घ) दुग्ध उद्योग का डिजाइन तैयार करना, योजना बनाना, प्रचार करना, विकास करना, निर्माण करना, प्रायोजित करना और स्थापित करना तथा इससे संबंधित अन्य प्रचार गतिविधियों को करना, जिसमें इनका वित्तपोषण भी शामिल है;
(ई) परामर्श एवं प्रबंधकीय सेवाएं प्रदान करना तथा किसी परियोजना का टर्न-की आधार पर या अन्यथा निष्पादन करना, दूध एवं दूध उत्पादों के भंडारण, परिवहन, प्रसंस्करण, वितरण जैसी एकीकृत सेवाएं प्रदान करना तथा दूध एवं दूध उत्पादों के संदर्भ में एक अग्रणी संस्था के रूप में कार्य करना;
(f) ऐसे उपाय अपनाना जो व्यावहारिक हो--
(i) दूध और दूध उत्पादों के संरक्षण के लिए सभी चरणों में अपव्यय से बचाव करना या अन्यथा;
(ii) दूध और दूध उत्पादों के प्राथमिक उत्पादकों और सहकारी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के व्यक्तियों को प्रोत्साहन मूल्य प्राप्त करने में सहायता करना; और
(iii) राष्ट्रीय दूध ग्रिड का निर्माण करना;
(जी) आवश्यकतानुसार, सरकार को दूध की खरीद या बिक्री के लिए निर्धारित की जाने वाली अधिकतम और न्यूनतम कीमतों की सिफारिश करना और यदि आवश्यक हो, तो इसके प्रवर्तन में सहायता करना;
(h) दूध और दूध उत्पादों तथा दुधारू पशुओं या सांडों के आयात एवं निर्यात के संबंध में चैनलिंग एजेंसी के रूप में कार्य करना;
(i) वित्तीय, तकनीकी, प्रशासनिक, प्रबंधकीय या अन्य सहायता प्रदान करना या ऐसे उपाय करना जो आवश्यक हों--
(ए) उच्च उपज देने वाले पशुओं के विकास (यदि गुणवत्तापूर्ण वीर्य के आयात द्वारा आवश्यक हो) और संरक्षण के लिए;
(ख) पशुपालन की उन्नत विधियों को अपनाने के लिए;
(सी) चारे सहित बेहतर और उन्नत पशु आहार के उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ाने के लिए; और
(घ) सामान्यतः देश की पशुधन संपदा में वृद्धि के लिए;
(j) उपलब्ध संस्थानों के उपयोग या अन्यथा, बोर्ड द्वारा उचित समझे जाने वाले तरीके से दूध और दूध उत्पादों में तकनीकी, औद्योगिक या आर्थिक अनुसंधान का प्रसंस्करण, प्रचार या वित्तपोषण करना;
(k) सहकारी संघों, सहकारी संघों या सहकारी उद्यमों या सहकारी या सार्वजनिक क्षेत्र में किसी भी योजना का वित्तपोषण, जैसा कि बोर्ड उचित समझे (पूंजी में योगदान सहित), जिसका उद्देश्य राष्ट्रव्यापी स्तर पर दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन, संरक्षण, वितरण और उपभोग को प्रोत्साहित करना है;
(एल) डेयरी और संबद्ध उद्योगों को विनियमित करना और केंद्र सरकार द्वारा आवश्यकतानुसार उनके लिए नियामक प्राधिकरण के रूप में कार्य करना;
(m) दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन में संगठनों के विकास और समन्वय के लिए उपाय अपनाना ताकि इसके प्राथमिक उत्पादक डेयरी और संबद्ध उद्योगों के विकास और वृद्धि में भागीदार और लाभार्थी बन सकें;
(n) राष्ट्रीय दूध ग्रिड और राष्ट्रीय दुग्ध पशुधन के कुशल प्रबंधन के लिए आवश्यक प्रासंगिक डेटा और सांख्यिकी का संग्रह और संकलन करना तथा डेयरी और संबद्ध उद्योगों से संबंधित किसी अन्य मामले पर कार्य करना;
(ओ) दुग्ध उत्पादन एवं संबद्ध उद्योगों के अनुसंधान एवं विकास पर प्रचार-प्रसार करना;
(पी) देश के विभिन्न भागों में दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन, वर्गीकरण और विपणन को बढ़ावा देना और विकसित करना;
(q) अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और विदेशी विशेषज्ञों के साथ सहयोग करना तथा दूध और दूध उत्पादों तथा अन्य खाद्य पदार्थों के किसी भी उपहार के स्वागत, उपयोग और वितरण के लिए केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में कार्य करना;
(आर) बुनियादी वस्तुओं के बफर स्टॉक का भंडार बनाना;
(एस) दूध और दूध उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना, जहां बोर्ड की राय में, बर्बादी से बचने या अन्यथा सार्वजनिक हित की सेवा करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है और सामान्यतः इसके द्वारा उत्पादित, संसाधित या प्रचारित किसी भी वस्तु के निर्यात के लिए;
(टी) अपने व्यवसाय के प्रयोजनों के लिए किसी संपत्ति का अधिग्रहण करना, उसे धारण करना और उसका निपटान करना;
(u) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सहायता प्राप्त करने वाले किसी भी संगठन के संबंध में अपने प्रबंधकीय, तकनीकी या अन्य कार्यों के संपूर्ण या किसी भाग को प्राप्तकर्ता संगठन को हस्तांतरित करना;
(v) चल या अचल संपत्ति की सुरक्षा पर या अन्यथा धन देना या उधार देना;
(w) बोर्ड द्वारा उचित समझे जाने वाले तरीके से और ऐसी सुरक्षा पर धन उधार लेना;
(x) स्वयं द्वारा या किसी अन्य संगठन के माध्यम से, किसी अन्य व्यवसाय या व्यवसाय वर्ग का संचालन करना, ऐसे मामले में जहां ऐसा व्यवसाय या व्यवसाय वर्ग नियुक्त दिन से ठीक पहले सोसायटी या भंग की गई कंपनी द्वारा किया जा रहा था;
(y) दूध और दूध उत्पादों तथा अन्य खाद्य पदार्थों के उत्पादन में लगे लोगों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देना और प्रोत्साहित करना;
(ज़) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा दी गई किसी भी सहायता या प्रदान की गई सेवाओं के लिए शुल्क या अन्य प्रभार लगाना;
(ज़) कोई अन्य व्यवसाय करना या कोई अन्य कार्य या चीज़ करना जो इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक, आनुषंगिक या सहायक हो।
(3) यदि नियुक्ति तिथि से ठीक पहले, समिति या भंग की गई कंपनी दूध और दूध उत्पादों या डेयरी उद्योग के अलावा किसी अन्य वस्तु या उत्पाद के संबंध में उत्पादन, अनुसंधान एवं विकास, प्रसंस्करण, विपणन, आयात, निर्यात या अन्य गतिविधियों में लगी हुई थी, या कोई सेवा या सहायता प्रदान कर रही थी, तो इस अधिनियम या किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड उक्त वस्तु या उत्पाद के संबंध में उत्पादन, अनुसंधान एवं विकास, प्रसंस्करण, विपणन, आयात, निर्यात या अन्य गतिविधियों में संलग्न हो सकता है, या ऐसी अन्य सेवाएं या सहायता प्रदान कर सकता है, जैसी आवश्यक हो, और उप-धारा (1) और (2) के प्रावधान, जहां तक संभव हो, उस वस्तु या उत्पाद के संबंध में इस प्रकार लागू होंगे, मानो उसमें दूध और दूध उत्पादों या डेयरी और संबद्ध उद्योगों का कोई संदर्भ उस वस्तु या उत्पाद या सेवा या गतिविधि का संदर्भ हो।
(4) जहाँ केंद्र सरकार या किसी राज्य की सरकार यह समझती है कि राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड की विशेष विशेषज्ञता और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, पूर्वोक्त उप-धाराओं के अंतर्गत आने वाली गतिविधियों के अलावा किसी अन्य गतिविधि के लिए राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड को कार्यभार सौंपना आवश्यक या उचित है, तो वह ऐसी गतिविधि राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड को सौंप सकती है, जिसके बाद राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड ऐसी गतिविधि को संचालित करने के लिए सक्षम होगा।
(5) पूर्वोक्त शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से किसी अन्य संगठन में वित्तीय, प्रबंधकीय या किसी अन्य तरीके से भाग लेने के लिए सक्षम होगा।
(क) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड का यह कर्तव्य और कार्य होगा कि वह डेयरी और अन्य कृषि आधारित और संबद्ध उद्योगों और जैविक उत्पादों के विकास के प्रयोजनों के लिए गहन और राष्ट्रव्यापी आधार पर कार्यक्रमों की योजना और आयोजन को बढ़ावा दे और ऐसे कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में सहायता प्रदान करे;
(ख) राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड की यह जिम्मेदारी होगी कि वह सहकारी रणनीति को अधिक प्रभावी ढंग से, गहन और राष्ट्रव्यापी आधार पर अपनाए तथा उपर्युक्त उद्देश्यों के लिए आवश्यक कदम उठाए; और
(ग) राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड उक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए और इस अधिनियम के अधीन अपनी शक्तियों के प्रयोग और अपने कार्यों एवं जिम्मेदारियों के निष्पादन के लिए ऐसे उपाय कर सकता है, जिन्हें वह आवश्यक समझे।
(2) विशेष रूप से, और पूर्वोक्त प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, उसमें निर्दिष्ट उपाय निम्नलिखित के लिए प्रावधान कर सकते हैं--
(क) दुग्ध उत्पादन, प्रतिरक्षा विज्ञान, पशुपालन, कृषि और बागवानी के क्षेत्रों में अनुसंधान और प्रचार गतिविधियों को सुगम बनाना;
(ख) सहकारी या सार्वजनिक क्षेत्र में ऐसे संगठनों को तकनीकी जानकारी प्रदान करना जो दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन, खरीद, संरक्षण या विपणन में लगे हुए हैं;
(ग) प्रदान की जाने वाली तकनीकी जानकारी को आत्मसात करने और उसका उपयोग करने के लिए कर्मियों के प्रशिक्षण को सुगम बनाना;
(घ) दुग्ध उद्योग का डिजाइन तैयार करना, योजना बनाना, प्रचार करना, विकास करना, निर्माण करना, प्रायोजित करना और स्थापित करना तथा इससे संबंधित अन्य प्रचार गतिविधियों को करना, जिसमें इनका वित्तपोषण भी शामिल है;
(ई) परामर्श एवं प्रबंधकीय सेवाएं प्रदान करना तथा किसी परियोजना का टर्न-की आधार पर या अन्यथा निष्पादन करना, दूध एवं दूध उत्पादों के भंडारण, परिवहन, प्रसंस्करण, वितरण जैसी एकीकृत सेवाएं प्रदान करना तथा दूध एवं दूध उत्पादों के संदर्भ में एक अग्रणी संस्था के रूप में कार्य करना;
(f) ऐसे उपाय अपनाना जो व्यावहारिक हो--
(i) दूध और दूध उत्पादों के संरक्षण के लिए सभी चरणों में अपव्यय से बचाव करना या अन्यथा;
(ii) दूध और दूध उत्पादों के प्राथमिक उत्पादकों और सहकारी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के व्यक्तियों को प्रोत्साहन मूल्य प्राप्त करने में सहायता करना; और
(iii) राष्ट्रीय दूध ग्रिड का निर्माण करना;
(जी) आवश्यकतानुसार, सरकार को दूध की खरीद या बिक्री के लिए निर्धारित की जाने वाली अधिकतम और न्यूनतम कीमतों की सिफारिश करना और यदि आवश्यक हो, तो इसके प्रवर्तन में सहायता करना;
(h) दूध और दूध उत्पादों तथा दुधारू पशुओं या सांडों के आयात एवं निर्यात के संबंध में चैनलिंग एजेंसी के रूप में कार्य करना;
(i) वित्तीय, तकनीकी, प्रशासनिक, प्रबंधकीय या अन्य सहायता प्रदान करना या ऐसे उपाय करना जो आवश्यक हों--
(ए) उच्च उपज देने वाले पशुओं के विकास (यदि गुणवत्तापूर्ण वीर्य के आयात द्वारा आवश्यक हो) और संरक्षण के लिए;
(ख) पशुपालन की उन्नत विधियों को अपनाने के लिए;
(सी) चारे सहित बेहतर और उन्नत पशु आहार के उत्पादन और आपूर्ति को बढ़ाने के लिए; और
(घ) सामान्यतः देश की पशुधन संपदा में वृद्धि के लिए;
(j) उपलब्ध संस्थानों के उपयोग या अन्यथा, बोर्ड द्वारा उचित समझे जाने वाले तरीके से दूध और दूध उत्पादों में तकनीकी, औद्योगिक या आर्थिक अनुसंधान का प्रसंस्करण, प्रचार या वित्तपोषण करना;
(k) सहकारी संघों, सहकारी संघों या सहकारी उद्यमों या सहकारी या सार्वजनिक क्षेत्र में किसी भी योजना का वित्तपोषण, जैसा कि बोर्ड उचित समझे (पूंजी में योगदान सहित), जिसका उद्देश्य राष्ट्रव्यापी स्तर पर दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन, संरक्षण, वितरण और उपभोग को प्रोत्साहित करना है;
(एल) डेयरी और संबद्ध उद्योगों को विनियमित करना और केंद्र सरकार द्वारा आवश्यकतानुसार उनके लिए नियामक प्राधिकरण के रूप में कार्य करना;
(m) दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन में संगठनों के विकास और समन्वय के लिए उपाय अपनाना ताकि इसके प्राथमिक उत्पादक डेयरी और संबद्ध उद्योगों के विकास और वृद्धि में भागीदार और लाभार्थी बन सकें;
(n) राष्ट्रीय दूध ग्रिड और राष्ट्रीय दुग्ध पशुधन के कुशल प्रबंधन के लिए आवश्यक प्रासंगिक डेटा और सांख्यिकी का संग्रह और संकलन करना तथा डेयरी और संबद्ध उद्योगों से संबंधित किसी अन्य मामले पर कार्य करना;
(ओ) दुग्ध उत्पादन एवं संबद्ध उद्योगों के अनुसंधान एवं विकास पर प्रचार-प्रसार करना;
(पी) देश के विभिन्न भागों में दूध और दूध उत्पादों के उत्पादन, वर्गीकरण और विपणन को बढ़ावा देना और विकसित करना;
(q) अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और विदेशी विशेषज्ञों के साथ सहयोग करना तथा दूध और दूध उत्पादों तथा अन्य खाद्य पदार्थों के किसी भी उपहार के स्वागत, उपयोग और वितरण के लिए केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में कार्य करना;
(आर) बुनियादी वस्तुओं के बफर स्टॉक का भंडार बनाना;
(एस) दूध और दूध उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना, जहां बोर्ड की राय में, बर्बादी से बचने या अन्यथा सार्वजनिक हित की सेवा करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है और सामान्यतः इसके द्वारा उत्पादित, संसाधित या प्रचारित किसी भी वस्तु के निर्यात के लिए;
(टी) अपने व्यवसाय के प्रयोजनों के लिए किसी संपत्ति का अधिग्रहण करना, उसे धारण करना और उसका निपटान करना;
(u) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सहायता प्राप्त करने वाले किसी भी संगठन के संबंध में अपने प्रबंधकीय, तकनीकी या अन्य कार्यों के संपूर्ण या किसी भाग को प्राप्तकर्ता संगठन को हस्तांतरित करना;
(v) चल या अचल संपत्ति की सुरक्षा पर या अन्यथा धन देना या उधार देना;
(w) बोर्ड द्वारा उचित समझे जाने वाले तरीके से और ऐसी सुरक्षा पर धन उधार लेना;
(x) स्वयं द्वारा या किसी अन्य संगठन के माध्यम से, किसी अन्य व्यवसाय या व्यवसाय वर्ग का संचालन करना, ऐसे मामले में जहां ऐसा व्यवसाय या व्यवसाय वर्ग नियुक्त दिन से ठीक पहले सोसायटी या भंग की गई कंपनी द्वारा किया जा रहा था;
(y) दूध और दूध उत्पादों तथा अन्य खाद्य पदार्थों के उत्पादन में लगे लोगों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों को बढ़ावा देना और प्रोत्साहित करना;
(ज़) राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा दी गई किसी भी सहायता या प्रदान की गई सेवाओं के लिए शुल्क या अन्य प्रभार लगाना;
(ज़) कोई अन्य व्यवसाय करना या कोई अन्य कार्य या चीज़ करना जो इस अधिनियम के तहत राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक, आनुषंगिक या सहायक हो।
(3) यदि नियुक्ति तिथि से ठीक पहले, समिति या भंग की गई कंपनी दूध और दूध उत्पादों या डेयरी उद्योग के अलावा किसी अन्य वस्तु या उत्पाद के संबंध में उत्पादन, अनुसंधान एवं विकास, प्रसंस्करण, विपणन, आयात, निर्यात या अन्य गतिविधियों में लगी हुई थी, या कोई सेवा या सहायता प्रदान कर रही थी, तो इस अधिनियम या किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड उक्त वस्तु या उत्पाद के संबंध में उत्पादन, अनुसंधान एवं विकास, प्रसंस्करण, विपणन, आयात, निर्यात या अन्य गतिविधियों में संलग्न हो सकता है, या ऐसी अन्य सेवाएं या सहायता प्रदान कर सकता है, जैसी आवश्यक हो, और उप-धारा (1) और (2) के प्रावधान, जहां तक संभव हो, उस वस्तु या उत्पाद के संबंध में इस प्रकार लागू होंगे, मानो उसमें दूध और दूध उत्पादों या डेयरी और संबद्ध उद्योगों का कोई संदर्भ उस वस्तु या उत्पाद या सेवा या गतिविधि का संदर्भ हो।
(4) जहाँ केंद्र सरकार या किसी राज्य की सरकार यह समझती है कि राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड की विशेष विशेषज्ञता और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, पूर्वोक्त उप-धाराओं के अंतर्गत आने वाली गतिविधियों के अलावा किसी अन्य गतिविधि के लिए राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड को कार्यभार सौंपना आवश्यक या उचित है, तो वह ऐसी गतिविधि राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड को सौंप सकती है, जिसके बाद राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड ऐसी गतिविधि को संचालित करने के लिए सक्षम होगा।
(5) पूर्वोक्त शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से किसी अन्य संगठन में वित्तीय, प्रबंधकीय या किसी अन्य तरीके से भाग लेने के लिए सक्षम होगा।
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