NCISM Act 51अध्याय VIII · Miscellaneous
धारा 51 · आयोग को निरस्त करने की केंद्रीय सरकार की शक्ति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी भी समय केंद्र सरकार की यह राय हो कि--
(क) आयोग इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत या उसके द्वारा उस पर लगाए गए कार्यों और कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है; या
(ख) आयोग ने इस अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा जारी किसी भी निर्देश का अनुपालन करने में या इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत उस पर लगाए गए कार्यों और कर्तव्यों के निर्वहन में लगातार चूक की है।
केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा आयोग को अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, प्रतिस्थापित कर सकती है।
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत अधिसूचना जारी करने से पहले, केंद्र सरकार आयोग को यह कारण बताने का उचित अवसर देगी कि उसे क्यों निरस्त नहीं किया जाना चाहिए और आयोग के स्पष्टीकरण और आपत्तियों (यदि कोई हो) पर विचार करेगी।
(2) उपधारा (1) के तहत आयोग को निरस्त करने वाली अधिसूचना के प्रकाशन पर,--
(क) सभी सदस्य, पदच्युति की तिथि से, अपने पद रिक्त कर देंगे;
(ख) वे सभी शक्तियाँ, कार्य और कर्तव्य जो इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत आयोग द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निर्वहन किए जा सकते हैं, जब तक कि उपधारा (3) के तहत आयोग का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएँगे जैसा कि केंद्र सरकार निर्देशित करे;
(ग) आयोग के स्वामित्व वाली या उसके नियंत्रण वाली सभी संपत्ति, जब तक उपधारा (3) के तहत आयोग का पुनर्गठन नहीं हो जाता, केंद्र सरकार में निहित रहेगी।
(3) उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट निरस्तीकरण की अवधि समाप्त होने पर, केंद्र सरकार,--
(क) अधिक अवधि के लिए, छह महीने से अधिक न होने वाली, किसी भी अतिरिक्त अवधि के लिए, जैसा वह आवश्यक समझे, अधिक्रनता की अवधि बढ़ा सकता है; या
(ख) आयोग का पुनर्गठन नई नियुक्तियों द्वारा किया जाए और ऐसे मामले में उपधारा (2) के खंड (क) के तहत अपने पद खाली करने वाले सदस्य नियुक्ति के लिए अयोग्य नहीं माने जाएंगे।
बशर्ते कि केंद्र सरकार, उपधारा (1) के तहत मूल रूप से निर्दिष्ट या इस उपधारा के तहत विस्तारित, निरस्तीकरण की अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय, इस उपधारा के खंड (ख) के तहत कार्रवाई कर सकती है।
(4) केंद्र सरकार उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना और इस धारा के तहत की गई किसी भी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तथा ऐसी कार्रवाई की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों को संसद के दोनों सदनों के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करवाएगी।
(क) आयोग इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत या उसके द्वारा उस पर लगाए गए कार्यों और कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है; या
(ख) आयोग ने इस अधिनियम के तहत केंद्र सरकार द्वारा जारी किसी भी निर्देश का अनुपालन करने में या इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत उस पर लगाए गए कार्यों और कर्तव्यों के निर्वहन में लगातार चूक की है।
केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा आयोग को अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, प्रतिस्थापित कर सकती है।
बशर्ते कि इस उपधारा के तहत अधिसूचना जारी करने से पहले, केंद्र सरकार आयोग को यह कारण बताने का उचित अवसर देगी कि उसे क्यों निरस्त नहीं किया जाना चाहिए और आयोग के स्पष्टीकरण और आपत्तियों (यदि कोई हो) पर विचार करेगी।
(2) उपधारा (1) के तहत आयोग को निरस्त करने वाली अधिसूचना के प्रकाशन पर,--
(क) सभी सदस्य, पदच्युति की तिथि से, अपने पद रिक्त कर देंगे;
(ख) वे सभी शक्तियाँ, कार्य और कर्तव्य जो इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत आयोग द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निर्वहन किए जा सकते हैं, जब तक कि उपधारा (3) के तहत आयोग का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएँगे जैसा कि केंद्र सरकार निर्देशित करे;
(ग) आयोग के स्वामित्व वाली या उसके नियंत्रण वाली सभी संपत्ति, जब तक उपधारा (3) के तहत आयोग का पुनर्गठन नहीं हो जाता, केंद्र सरकार में निहित रहेगी।
(3) उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट निरस्तीकरण की अवधि समाप्त होने पर, केंद्र सरकार,--
(क) अधिक अवधि के लिए, छह महीने से अधिक न होने वाली, किसी भी अतिरिक्त अवधि के लिए, जैसा वह आवश्यक समझे, अधिक्रनता की अवधि बढ़ा सकता है; या
(ख) आयोग का पुनर्गठन नई नियुक्तियों द्वारा किया जाए और ऐसे मामले में उपधारा (2) के खंड (क) के तहत अपने पद खाली करने वाले सदस्य नियुक्ति के लिए अयोग्य नहीं माने जाएंगे।
बशर्ते कि केंद्र सरकार, उपधारा (1) के तहत मूल रूप से निर्दिष्ट या इस उपधारा के तहत विस्तारित, निरस्तीकरण की अवधि की समाप्ति से पहले किसी भी समय, इस उपधारा के खंड (ख) के तहत कार्रवाई कर सकती है।
(4) केंद्र सरकार उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना और इस धारा के तहत की गई किसी भी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तथा ऐसी कार्रवाई की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों को संसद के दोनों सदनों के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करवाएगी।
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