NCISM Act 4अध्याय · National Commission for Indian System of Medicine
धारा 4 · आयोग की संरचना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) आयोग में निम्नलिखित व्यक्ति शामिल होंगे, अर्थात्:--
(क) अध्यक्ष;
(ख) पंद्रह पदेन सदस्य; और
(ग) तेईस अंशकालिक सदस्य।
(2) अध्यक्ष एक उत्कृष्ट योग्यता, सिद्ध प्रशासनिक क्षमता और सत्यनिष्ठा वाला व्यक्ति होगा, जिसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से भारतीय चिकित्सा प्रणाली के किसी भी विषय में स्नातकोत्तर डिग्री हो और भारतीय चिकित्सा प्रणाली के किसी भी क्षेत्र में कम से कम बीस वर्ष का अनुभव हो, जिसमें से कम से कम दस वर्ष स्वास्थ्य सेवा वितरण, भारतीय चिकित्सा प्रणाली के विकास और वृद्धि या इसकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नेता के रूप में हों।
(3) केंद्र सरकार द्वारा निम्नलिखित व्यक्तियों को आयोग के पदेन सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) आयुर्वेद बोर्ड के अध्यक्ष;
(ख) यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा बोर्ड के अध्यक्ष;
(ग) भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष;
(घ) भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए आचार एवं पंजीकरण बोर्ड के अध्यक्ष;
(ई) आयुष मंत्रालय में आयुर्वेद के प्रभारी सलाहकार (आयुर्वेद) या भारत सरकार के संयुक्त सचिव तथा यूनानी के प्रभारी सलाहकार (यूनानी) या भारत सरकार के संयुक्त सचिव;
(f) निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली;
(जी) महानिदेशक, केंद्रीय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली;
(h) महानिदेशक, केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली;
(i) महानिदेशक, केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद, चेन्नई;
(जे) निदेशक, राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान, चेन्नई;
(k) निदेशक, राष्ट्रीय यूनानी संस्थान, बेंगलुरु;
(एल) निदेशक, उत्तर पूर्वी आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान, शिलांग;
(m) आयुर्वेद में स्नातकोत्तर शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जामनगर के निदेशक; और
(n) निदेशक, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर।
(4) केंद्र सरकार द्वारा निम्नलिखित व्यक्तियों को आयोग के अंशकालिक सदस्यों के रूप में नियुक्त किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) भारतीय चिकित्सा प्रणाली, संस्कृत, उर्दू, तमिल, प्रबंधन, कानून, स्वास्थ्य अनुसंधान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा अर्थशास्त्र के किसी भी विषय में विशेष ज्ञान और व्यावसायिक अनुभव रखने वाले योग्य, सत्यनिष्ठ और प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से चार सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी;
(ख) भारतीय चिकित्सा प्रणाली सलाहकार परिषद में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नामित व्यक्तियों में से दस सदस्यों को दो वर्ष की अवधि के लिए रोटेशन के आधार पर नियुक्त किया जाएगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
(ग) भारतीय चिकित्सा प्रणाली सलाहकार परिषद में आयुर्वेद से छह सदस्य, सिद्ध, यूनानी और सोवा-रिग्पा से एक-एक सदस्य, धारा 11 की उपधारा ( 2 ) के खंड ( घ ) के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नामित व्यक्तियों में से दो वर्ष की अवधि के लिए इस प्रकार नियुक्त किए जाएंगे, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
बशर्ते कि कोई भी सदस्य स्वयं या अपने परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी निजी या गैर-सरकारी चिकित्सा संस्थान के प्रबंध निकाय का स्वामित्व नहीं रखेगा, उससे संबद्ध नहीं होगा या उसके साथ किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं करेगा, जो इस अधिनियम के अंतर्गत विनियमित है।
स्पष्टीकरण .--इस धारा और धारा 19 के प्रयोजन के लिए, "नेता" शब्द का अर्थ विभाग प्रमुख या संगठन प्रमुख है।
(क) अध्यक्ष;
(ख) पंद्रह पदेन सदस्य; और
(ग) तेईस अंशकालिक सदस्य।
(2) अध्यक्ष एक उत्कृष्ट योग्यता, सिद्ध प्रशासनिक क्षमता और सत्यनिष्ठा वाला व्यक्ति होगा, जिसके पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से भारतीय चिकित्सा प्रणाली के किसी भी विषय में स्नातकोत्तर डिग्री हो और भारतीय चिकित्सा प्रणाली के किसी भी क्षेत्र में कम से कम बीस वर्ष का अनुभव हो, जिसमें से कम से कम दस वर्ष स्वास्थ्य सेवा वितरण, भारतीय चिकित्सा प्रणाली के विकास और वृद्धि या इसकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नेता के रूप में हों।
(3) केंद्र सरकार द्वारा निम्नलिखित व्यक्तियों को आयोग के पदेन सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) आयुर्वेद बोर्ड के अध्यक्ष;
(ख) यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा बोर्ड के अध्यक्ष;
(ग) भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष;
(घ) भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए आचार एवं पंजीकरण बोर्ड के अध्यक्ष;
(ई) आयुष मंत्रालय में आयुर्वेद के प्रभारी सलाहकार (आयुर्वेद) या भारत सरकार के संयुक्त सचिव तथा यूनानी के प्रभारी सलाहकार (यूनानी) या भारत सरकार के संयुक्त सचिव;
(f) निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली;
(जी) महानिदेशक, केंद्रीय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली;
(h) महानिदेशक, केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली;
(i) महानिदेशक, केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद, चेन्नई;
(जे) निदेशक, राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान, चेन्नई;
(k) निदेशक, राष्ट्रीय यूनानी संस्थान, बेंगलुरु;
(एल) निदेशक, उत्तर पूर्वी आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान, शिलांग;
(m) आयुर्वेद में स्नातकोत्तर शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, जामनगर के निदेशक; और
(n) निदेशक, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर।
(4) केंद्र सरकार द्वारा निम्नलिखित व्यक्तियों को आयोग के अंशकालिक सदस्यों के रूप में नियुक्त किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) भारतीय चिकित्सा प्रणाली, संस्कृत, उर्दू, तमिल, प्रबंधन, कानून, स्वास्थ्य अनुसंधान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा अर्थशास्त्र के किसी भी विषय में विशेष ज्ञान और व्यावसायिक अनुभव रखने वाले योग्य, सत्यनिष्ठ और प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से चार सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी;
(ख) भारतीय चिकित्सा प्रणाली सलाहकार परिषद में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नामित व्यक्तियों में से दस सदस्यों को दो वर्ष की अवधि के लिए रोटेशन के आधार पर नियुक्त किया जाएगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;
(ग) भारतीय चिकित्सा प्रणाली सलाहकार परिषद में आयुर्वेद से छह सदस्य, सिद्ध, यूनानी और सोवा-रिग्पा से एक-एक सदस्य, धारा 11 की उपधारा ( 2 ) के खंड ( घ ) के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नामित व्यक्तियों में से दो वर्ष की अवधि के लिए इस प्रकार नियुक्त किए जाएंगे, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
बशर्ते कि कोई भी सदस्य स्वयं या अपने परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी निजी या गैर-सरकारी चिकित्सा संस्थान के प्रबंध निकाय का स्वामित्व नहीं रखेगा, उससे संबद्ध नहीं होगा या उसके साथ किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं करेगा, जो इस अधिनियम के अंतर्गत विनियमित है।
स्पष्टीकरण .--इस धारा और धारा 19 के प्रयोजन के लिए, "नेता" शब्द का अर्थ विभाग प्रमुख या संगठन प्रमुख है।
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