NCISM Act 19अध्याय V · Autonomous Boards
धारा 19 · स्वायत्त बोर्डों की संरचना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) स्वायत्त बोर्डों की संरचना निम्नानुसार होगी, अर्थात्:--
(क) आयुर्वेद बोर्ड में एक अध्यक्ष और भारतीय चिकित्सा प्रणाली के आयुर्वेद अनुशासन से चार सदस्य होंगे;
(ख) यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा बोर्ड में भारतीय चिकित्सा प्रणाली के यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा विषयों में से प्रत्येक से एक अध्यक्ष और दो सदस्य होंगे;
(ग) भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड में एक अध्यक्ष और आठ सदस्य होंगे:
बशर्ते कि अध्यक्ष और आठ सदस्यों में से छह सदस्य भारतीय चिकित्सा प्रणाली के आयुर्वेद, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और यूनानी विषयों से इस प्रकार चुने जाएंगे कि कम से कम एक सदस्य प्रत्येक विषय का अलग-अलग प्रतिनिधित्व करे, और शेष दो सदस्य प्रत्यायन विशेषज्ञ होंगे;
(घ) भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए आचार एवं पंजीकरण बोर्ड में एक अध्यक्ष और आठ सदस्य होंगे:
बशर्ते कि अध्यक्ष और आठ सदस्यों में से छह सदस्य भारतीय चिकित्सा प्रणाली के आयुर्वेद, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और यूनानी विषयों से इस प्रकार चुने जाएंगे कि कम से कम एक सदस्य प्रत्येक विषय का अलग-अलग प्रतिनिधित्व करे, और शेष दो सदस्य गुणवत्ता आश्वासन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, कानून या रोगी वकालत के किसी भी विषय से चुने जाएंगे।
(2) उपधारा ( 1 ) के अधीन चुने जाने वाले स्वायत्त बोर्डों के अध्यक्ष और सदस्य असाधारण योग्यता, सिद्ध प्रशासनिक क्षमता और सत्यनिष्ठा वाले व्यक्ति होंगे, जिनके पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री हो और संबंधित क्षेत्रों में कम से कम पंद्रह वर्ष का अनुभव हो, जिसमें से कम से कम सात वर्ष नेतृत्व का अनुभव हो।
बशर्ते कि भारतीय चिकित्सा प्रणाली से अध्यक्ष और सदस्य के रूप में सात वर्ष का कार्यकाल भारतीय चिकित्सा प्रणाली में स्वास्थ्य, विकास और शिक्षा के विस्तार के क्षेत्र में होना चाहिए।
(क) आयुर्वेद बोर्ड में एक अध्यक्ष और भारतीय चिकित्सा प्रणाली के आयुर्वेद अनुशासन से चार सदस्य होंगे;
(ख) यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा बोर्ड में भारतीय चिकित्सा प्रणाली के यूनानी, सिद्ध और सोवा-रिग्पा विषयों में से प्रत्येक से एक अध्यक्ष और दो सदस्य होंगे;
(ग) भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड में एक अध्यक्ष और आठ सदस्य होंगे:
बशर्ते कि अध्यक्ष और आठ सदस्यों में से छह सदस्य भारतीय चिकित्सा प्रणाली के आयुर्वेद, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और यूनानी विषयों से इस प्रकार चुने जाएंगे कि कम से कम एक सदस्य प्रत्येक विषय का अलग-अलग प्रतिनिधित्व करे, और शेष दो सदस्य प्रत्यायन विशेषज्ञ होंगे;
(घ) भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए आचार एवं पंजीकरण बोर्ड में एक अध्यक्ष और आठ सदस्य होंगे:
बशर्ते कि अध्यक्ष और आठ सदस्यों में से छह सदस्य भारतीय चिकित्सा प्रणाली के आयुर्वेद, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और यूनानी विषयों से इस प्रकार चुने जाएंगे कि कम से कम एक सदस्य प्रत्येक विषय का अलग-अलग प्रतिनिधित्व करे, और शेष दो सदस्य गुणवत्ता आश्वासन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, कानून या रोगी वकालत के किसी भी विषय से चुने जाएंगे।
(2) उपधारा ( 1 ) के अधीन चुने जाने वाले स्वायत्त बोर्डों के अध्यक्ष और सदस्य असाधारण योग्यता, सिद्ध प्रशासनिक क्षमता और सत्यनिष्ठा वाले व्यक्ति होंगे, जिनके पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबंधित विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री हो और संबंधित क्षेत्रों में कम से कम पंद्रह वर्ष का अनुभव हो, जिसमें से कम से कम सात वर्ष नेतृत्व का अनुभव हो।
बशर्ते कि भारतीय चिकित्सा प्रणाली से अध्यक्ष और सदस्य के रूप में सात वर्ष का कार्यकाल भारतीय चिकित्सा प्रणाली में स्वास्थ्य, विकास और शिक्षा के विस्तार के क्षेत्र में होना चाहिए।
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