DV Act 9अध्याय III · Powers and Duties of Protection Officers, Service Providers, etc.
धारा 9 · सुरक्षा अधिकारियों के कर्तव्य और कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) संरक्षण अधिकारी का यह कर्तव्य होगा--
(क) इस अधिनियम के अंतर्गत अपने कार्यों के निर्वहन में मजिस्ट्रेट की सहायता करना;
(ख) घरेलू हिंसा की शिकायत प्राप्त होने पर मजिस्ट्रेट को निर्धारित प्रपत्र और तरीके से घरेलू घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत करना और उसकी प्रतियां उस पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुलिस अधिकारी को भेजना, जिसके अधिकार क्षेत्र की स्थानीय सीमा के भीतर घरेलू हिंसा होने का आरोप है और उस क्षेत्र के सेवा प्रदाताओं को भेजना;
(ग) यदि पीड़ित व्यक्ति चाहे तो संरक्षण आदेश जारी करने की राहत का दावा करते हुए मजिस्ट्रेट को निर्धारित प्रपत्र और तरीके से आवेदन करना;
(घ) यह सुनिश्चित करना कि पीड़ित व्यक्ति को विधि सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (39 ऑफ 1987) के तहत कानूनी सहायता प्रदान की जाए और शिकायत दर्ज करने के लिए निर्धारित प्रपत्र निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए;
(ई) मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत किसी स्थानीय क्षेत्र में कानूनी सहायता या परामर्श, आश्रय गृह और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने वाले सभी सेवा प्रदाताओं की सूची बनाए रखना;
(f) पीड़ित व्यक्ति की आवश्यकता होने पर एक सुरक्षित आश्रय गृह उपलब्ध कराना और पीड़ित व्यक्ति को आश्रय गृह में ठहराने की अपनी रिपोर्ट की एक प्रति पुलिस स्टेशन और उस क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में रहने वाले मजिस्ट्रेट को भेजना जहां आश्रय गृह स्थित है;
(g) यदि पीड़ित व्यक्ति को शारीरिक चोटें आई हों तो उसकी चिकित्सकीय जांच करवाना और चिकित्सा रिपोर्ट की एक प्रति पुलिस स्टेशन और उस क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में रहने वाले मजिस्ट्रेट को भेजना जहां घरेलू हिंसा होने का आरोप है;
(h) यह सुनिश्चित करना कि धारा 20 के तहत मौद्रिक राहत के आदेश का अनुपालन और निष्पादन दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए;
(i) ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करना जो निर्धारित किए जा सकें।
(2) संरक्षण अधिकारी मजिस्ट्रेट के नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अधीन होगा, और वह इस अधिनियम के तहत या इसके द्वारा मजिस्ट्रेट और सरकार द्वारा उस पर लगाए गए कर्तव्यों का पालन करेगा।
(क) इस अधिनियम के अंतर्गत अपने कार्यों के निर्वहन में मजिस्ट्रेट की सहायता करना;
(ख) घरेलू हिंसा की शिकायत प्राप्त होने पर मजिस्ट्रेट को निर्धारित प्रपत्र और तरीके से घरेलू घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत करना और उसकी प्रतियां उस पुलिस स्टेशन के प्रभारी पुलिस अधिकारी को भेजना, जिसके अधिकार क्षेत्र की स्थानीय सीमा के भीतर घरेलू हिंसा होने का आरोप है और उस क्षेत्र के सेवा प्रदाताओं को भेजना;
(ग) यदि पीड़ित व्यक्ति चाहे तो संरक्षण आदेश जारी करने की राहत का दावा करते हुए मजिस्ट्रेट को निर्धारित प्रपत्र और तरीके से आवेदन करना;
(घ) यह सुनिश्चित करना कि पीड़ित व्यक्ति को विधि सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (39 ऑफ 1987) के तहत कानूनी सहायता प्रदान की जाए और शिकायत दर्ज करने के लिए निर्धारित प्रपत्र निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए;
(ई) मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत किसी स्थानीय क्षेत्र में कानूनी सहायता या परामर्श, आश्रय गृह और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने वाले सभी सेवा प्रदाताओं की सूची बनाए रखना;
(f) पीड़ित व्यक्ति की आवश्यकता होने पर एक सुरक्षित आश्रय गृह उपलब्ध कराना और पीड़ित व्यक्ति को आश्रय गृह में ठहराने की अपनी रिपोर्ट की एक प्रति पुलिस स्टेशन और उस क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में रहने वाले मजिस्ट्रेट को भेजना जहां आश्रय गृह स्थित है;
(g) यदि पीड़ित व्यक्ति को शारीरिक चोटें आई हों तो उसकी चिकित्सकीय जांच करवाना और चिकित्सा रिपोर्ट की एक प्रति पुलिस स्टेशन और उस क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में रहने वाले मजिस्ट्रेट को भेजना जहां घरेलू हिंसा होने का आरोप है;
(h) यह सुनिश्चित करना कि धारा 20 के तहत मौद्रिक राहत के आदेश का अनुपालन और निष्पादन दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (2 ऑफ 1974) के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाए;
(i) ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करना जो निर्धारित किए जा सकें।
(2) संरक्षण अधिकारी मजिस्ट्रेट के नियंत्रण और पर्यवेक्षण के अधीन होगा, और वह इस अधिनियम के तहत या इसके द्वारा मजिस्ट्रेट और सरकार द्वारा उस पर लगाए गए कर्तव्यों का पालन करेगा।
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