DV Act 19अध्याय IV · Procedure for Obtaining Orders of Reliefs
धारा 19 · निवास संबंधी आदेश।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 12 की उपधारा (1) के तहत आवेदन का निपटारा करते समय, मजिस्ट्रेट घरेलू हिंसा होने से संतुष्ट होने पर निवास आदेश पारित कर सकता है--
(क) प्रतिवादी को पीड़ित व्यक्ति को साझा घर से बेदखल करने या किसी अन्य तरीके से उसके कब्जे में बाधा डालने से रोकना, चाहे प्रतिवादी का साझा घर में कोई कानूनी या न्यायसंगत हित हो या न हो;
(ख) प्रतिवादी को साझा घर से बाहर निकलने का निर्देश देना;
(ग) पीड़ित व्यक्ति जिस साझा घर में रहता है, उसके किसी भी हिस्से में प्रतिवादी या उसके किसी भी रिश्तेदार को प्रवेश करने से रोकना;
(घ) प्रतिवादी को साझा घर को बेचने या उसका निपटान करने या उस पर भार डालने से रोकना;
(ई) मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना प्रतिवादी को साझा घर में अपने अधिकारों का त्याग करने से रोकना; या
(f) प्रतिवादी को निर्देश देना कि वह पीड़ित व्यक्ति के लिए साझा आवास में प्राप्त किए गए समान स्तर का वैकल्पिक आवास सुरक्षित करे या यदि परिस्थितियाँ ऐसी हों तो उसके लिए किराया अदा करे:
परंतु यह कि खंड (ख) के अंतर्गत कोई आदेश किसी महिला के विरुद्ध पारित नहीं किया जाएगा।
(2) मजिस्ट्रेट पीड़ित व्यक्ति या ऐसे पीड़ित व्यक्ति के किसी बच्चे की सुरक्षा या संरक्षा के लिए यथोचित रूप से आवश्यक समझे तो कोई अतिरिक्त शर्तें लगा सकता है या कोई अन्य निर्देश पारित कर सकता है।
(3) मजिस्ट्रेट घरेलू हिंसा को रोकने के लिए प्रतिवादी से जमानतदारों के साथ या बिना जमानतदारों के बांड निष्पादित करने की मांग कर सकता है।
(4) उपधारा (3) के तहत जारी आदेश दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के अध्याय VIII के तहत जारी आदेश माना जाएगा और तदनुसार निपटा जाएगा।
(5) उपधारा (1) , उपधारा (2) या उपधारा (3) के तहत आदेश पारित करते समय, न्यायालय निकटतम पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को पीड़ित व्यक्ति को संरक्षण देने या आदेश के कार्यान्वयन में उसकी या उसकी ओर से आवेदन करने वाले व्यक्ति की सहायता करने का निर्देश देने वाला आदेश भी पारित कर सकता है।
(6) उपधारा (1) के तहत आदेश देते समय, मजिस्ट्रेट पक्षकारों की वित्तीय आवश्यकताओं और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए, प्रतिवादी पर किराया और अन्य भुगतानों के निर्वहन से संबंधित दायित्व लगा सकता है।
(7) मजिस्ट्रेट उस पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को निर्देश दे सकता है जिसके अधिकार क्षेत्र में मजिस्ट्रेट से संपर्क किया गया है कि वह सुरक्षा आदेश के कार्यान्वयन में सहायता करे।
(8) मजिस्ट्रेट प्रतिवादी को निर्देश दे सकता है कि वह पीड़ित व्यक्ति को उसका स्त्रीधन या कोई अन्य संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति लौटा दे, जिस पर वह हकदार है।
(क) प्रतिवादी को पीड़ित व्यक्ति को साझा घर से बेदखल करने या किसी अन्य तरीके से उसके कब्जे में बाधा डालने से रोकना, चाहे प्रतिवादी का साझा घर में कोई कानूनी या न्यायसंगत हित हो या न हो;
(ख) प्रतिवादी को साझा घर से बाहर निकलने का निर्देश देना;
(ग) पीड़ित व्यक्ति जिस साझा घर में रहता है, उसके किसी भी हिस्से में प्रतिवादी या उसके किसी भी रिश्तेदार को प्रवेश करने से रोकना;
(घ) प्रतिवादी को साझा घर को बेचने या उसका निपटान करने या उस पर भार डालने से रोकना;
(ई) मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना प्रतिवादी को साझा घर में अपने अधिकारों का त्याग करने से रोकना; या
(f) प्रतिवादी को निर्देश देना कि वह पीड़ित व्यक्ति के लिए साझा आवास में प्राप्त किए गए समान स्तर का वैकल्पिक आवास सुरक्षित करे या यदि परिस्थितियाँ ऐसी हों तो उसके लिए किराया अदा करे:
परंतु यह कि खंड (ख) के अंतर्गत कोई आदेश किसी महिला के विरुद्ध पारित नहीं किया जाएगा।
(2) मजिस्ट्रेट पीड़ित व्यक्ति या ऐसे पीड़ित व्यक्ति के किसी बच्चे की सुरक्षा या संरक्षा के लिए यथोचित रूप से आवश्यक समझे तो कोई अतिरिक्त शर्तें लगा सकता है या कोई अन्य निर्देश पारित कर सकता है।
(3) मजिस्ट्रेट घरेलू हिंसा को रोकने के लिए प्रतिवादी से जमानतदारों के साथ या बिना जमानतदारों के बांड निष्पादित करने की मांग कर सकता है।
(4) उपधारा (3) के तहत जारी आदेश दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) के अध्याय VIII के तहत जारी आदेश माना जाएगा और तदनुसार निपटा जाएगा।
(5) उपधारा (1) , उपधारा (2) या उपधारा (3) के तहत आदेश पारित करते समय, न्यायालय निकटतम पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को पीड़ित व्यक्ति को संरक्षण देने या आदेश के कार्यान्वयन में उसकी या उसकी ओर से आवेदन करने वाले व्यक्ति की सहायता करने का निर्देश देने वाला आदेश भी पारित कर सकता है।
(6) उपधारा (1) के तहत आदेश देते समय, मजिस्ट्रेट पक्षकारों की वित्तीय आवश्यकताओं और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए, प्रतिवादी पर किराया और अन्य भुगतानों के निर्वहन से संबंधित दायित्व लगा सकता है।
(7) मजिस्ट्रेट उस पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को निर्देश दे सकता है जिसके अधिकार क्षेत्र में मजिस्ट्रेट से संपर्क किया गया है कि वह सुरक्षा आदेश के कार्यान्वयन में सहायता करे।
(8) मजिस्ट्रेट प्रतिवादी को निर्देश दे सकता है कि वह पीड़ित व्यक्ति को उसका स्त्रीधन या कोई अन्य संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति लौटा दे, जिस पर वह हकदार है।
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