DV Act 3अध्याय II · Domestic Violence
धारा 3 · घरेलू हिंसा की परिभाषा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, प्रतिवादी का कोई भी कार्य, चूक या आचरण घरेलू हिंसा माना जाएगा यदि वह—
(क) पीड़ित व्यक्ति के स्वास्थ्य, सुरक्षा, जीवन, अंग या मानसिक या शारीरिक कल्याण को हानि पहुँचाता है, चोट पहुँचाता है या खतरे में डालता है, या ऐसा करने की प्रवृत्ति रखता है, और इसमें शारीरिक शोषण, यौन शोषण, मौखिक और भावनात्मक शोषण और आर्थिक शोषण शामिल है; या
(ख) पीड़ित व्यक्ति को परेशान करता है, हानि पहुँचाता है, चोट पहुँचाता है या खतरे में डालता है ताकि उसे या उसके किसी अन्य रिश्तेदार को दहेज या अन्य संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति की किसी गैरकानूनी मांग को पूरा करने के लिए बाध्य किया जा सके; या
(ग) खंड (क) या खंड (ख) में उल्लिखित किसी आचरण द्वारा पीड़ित व्यक्ति या उससे संबंधित किसी व्यक्ति को धमकी देने का प्रभाव रखता हो; या
(घ) अन्यथा पीड़ित व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक रूप से चोट पहुँचाता है या हानि पहुँचाता है।
स्पष्टीकरण 1 .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए,--
(i) "शारीरिक दुर्व्यवहार" से तात्पर्य किसी ऐसे कृत्य या आचरण से है जो शारीरिक पीड़ा, हानि, या जीवन, अंग, या स्वास्थ्य को खतरे में डालने या पीड़ित व्यक्ति के स्वास्थ्य या विकास को बाधित करने के लिए हो और इसमें हमला, आपराधिक धमकी और आपराधिक बल शामिल है;
(ii) "यौन शोषण" में यौन प्रकृति का कोई भी ऐसा आचरण शामिल है जो स्त्री की गरिमा का दुरुपयोग, अपमान, अवमानना या अन्यथा उल्लंघन करता है;
(iii) "मौखिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार" में शामिल है--
(क) अपमान, उपहास, तिरस्कार, अपशब्द और विशेष रूप से संतानहीन या पुरुष संतान न होने के संबंध में अपमान या उपहास; और
(ख) पीड़ित व्यक्ति से संबंधित किसी भी व्यक्ति को शारीरिक पीड़ा पहुंचाने की बार-बार धमकी देना;
(iv) "आर्थिक दुर्व्यवहार" में शामिल है--
(क) किसी भी कानून या प्रथा के तहत पीड़ित व्यक्ति को प्राप्त होने वाले सभी या किसी भी आर्थिक या वित्तीय संसाधनों से वंचित करना, चाहे वे न्यायालय के आदेश के तहत देय हों या अन्यथा, या जिनकी पीड़ित व्यक्ति को आवश्यकता हो, जिसमें पीड़ित व्यक्ति और उसके बच्चों (यदि कोई हो) के लिए घरेलू आवश्यकताएं, स्त्रीधन , पीड़ित व्यक्ति द्वारा संयुक्त रूप से या अलग से स्वामित्व वाली संपत्ति, साझा घर से संबंधित किराए का भुगतान और भरण-पोषण शामिल हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं हैं;
(ख) घरेलू सामान का निपटान, चल या अचल संपत्तियों का कोई हस्तांतरण, मूल्यवान वस्तुएं, शेयर, प्रतिभूतियां, बांड और इसी प्रकार की अन्य संपत्ति जिसमें पीड़ित व्यक्ति का हित हो या घरेलू संबंध के कारण उपयोग करने का हकदार हो या जिसकी पीड़ित व्यक्ति या उसके बच्चों या उसके स्त्रीधन या पीड़ित व्यक्ति द्वारा संयुक्त रूप से या अलग से धारित किसी अन्य संपत्ति द्वारा यथोचित रूप से आवश्यकता हो सकती है; और
(ग) घरेलू संबंध के आधार पर पीड़ित व्यक्ति को जिन संसाधनों या सुविधाओं का उपयोग करने या आनंद लेने का अधिकार है, उन तक निरंतर पहुंच पर रोक या प्रतिबंध लगाना, जिसमें साझा घर तक पहुंच भी शामिल है।
स्पष्टीकरण II .-- प्रतिवादी के किसी कार्य, चूक, कृत्य या आचरण को इस धारा के अंतर्गत "घरेलू हिंसा" माना जाए या नहीं, यह निर्धारित करने के उद्देश्य से मामले के समग्र तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया जाएगा।
(क) पीड़ित व्यक्ति के स्वास्थ्य, सुरक्षा, जीवन, अंग या मानसिक या शारीरिक कल्याण को हानि पहुँचाता है, चोट पहुँचाता है या खतरे में डालता है, या ऐसा करने की प्रवृत्ति रखता है, और इसमें शारीरिक शोषण, यौन शोषण, मौखिक और भावनात्मक शोषण और आर्थिक शोषण शामिल है; या
(ख) पीड़ित व्यक्ति को परेशान करता है, हानि पहुँचाता है, चोट पहुँचाता है या खतरे में डालता है ताकि उसे या उसके किसी अन्य रिश्तेदार को दहेज या अन्य संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति की किसी गैरकानूनी मांग को पूरा करने के लिए बाध्य किया जा सके; या
(ग) खंड (क) या खंड (ख) में उल्लिखित किसी आचरण द्वारा पीड़ित व्यक्ति या उससे संबंधित किसी व्यक्ति को धमकी देने का प्रभाव रखता हो; या
(घ) अन्यथा पीड़ित व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक रूप से चोट पहुँचाता है या हानि पहुँचाता है।
स्पष्टीकरण 1 .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए,--
(i) "शारीरिक दुर्व्यवहार" से तात्पर्य किसी ऐसे कृत्य या आचरण से है जो शारीरिक पीड़ा, हानि, या जीवन, अंग, या स्वास्थ्य को खतरे में डालने या पीड़ित व्यक्ति के स्वास्थ्य या विकास को बाधित करने के लिए हो और इसमें हमला, आपराधिक धमकी और आपराधिक बल शामिल है;
(ii) "यौन शोषण" में यौन प्रकृति का कोई भी ऐसा आचरण शामिल है जो स्त्री की गरिमा का दुरुपयोग, अपमान, अवमानना या अन्यथा उल्लंघन करता है;
(iii) "मौखिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार" में शामिल है--
(क) अपमान, उपहास, तिरस्कार, अपशब्द और विशेष रूप से संतानहीन या पुरुष संतान न होने के संबंध में अपमान या उपहास; और
(ख) पीड़ित व्यक्ति से संबंधित किसी भी व्यक्ति को शारीरिक पीड़ा पहुंचाने की बार-बार धमकी देना;
(iv) "आर्थिक दुर्व्यवहार" में शामिल है--
(क) किसी भी कानून या प्रथा के तहत पीड़ित व्यक्ति को प्राप्त होने वाले सभी या किसी भी आर्थिक या वित्तीय संसाधनों से वंचित करना, चाहे वे न्यायालय के आदेश के तहत देय हों या अन्यथा, या जिनकी पीड़ित व्यक्ति को आवश्यकता हो, जिसमें पीड़ित व्यक्ति और उसके बच्चों (यदि कोई हो) के लिए घरेलू आवश्यकताएं, स्त्रीधन , पीड़ित व्यक्ति द्वारा संयुक्त रूप से या अलग से स्वामित्व वाली संपत्ति, साझा घर से संबंधित किराए का भुगतान और भरण-पोषण शामिल हैं, लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं हैं;
(ख) घरेलू सामान का निपटान, चल या अचल संपत्तियों का कोई हस्तांतरण, मूल्यवान वस्तुएं, शेयर, प्रतिभूतियां, बांड और इसी प्रकार की अन्य संपत्ति जिसमें पीड़ित व्यक्ति का हित हो या घरेलू संबंध के कारण उपयोग करने का हकदार हो या जिसकी पीड़ित व्यक्ति या उसके बच्चों या उसके स्त्रीधन या पीड़ित व्यक्ति द्वारा संयुक्त रूप से या अलग से धारित किसी अन्य संपत्ति द्वारा यथोचित रूप से आवश्यकता हो सकती है; और
(ग) घरेलू संबंध के आधार पर पीड़ित व्यक्ति को जिन संसाधनों या सुविधाओं का उपयोग करने या आनंद लेने का अधिकार है, उन तक निरंतर पहुंच पर रोक या प्रतिबंध लगाना, जिसमें साझा घर तक पहुंच भी शामिल है।
स्पष्टीकरण II .-- प्रतिवादी के किसी कार्य, चूक, कृत्य या आचरण को इस धारा के अंतर्गत "घरेलू हिंसा" माना जाए या नहीं, यह निर्धारित करने के उद्देश्य से मामले के समग्र तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया जाएगा।
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