DV Act 5अध्याय III · Powers and Duties of Protection Officers, Service Providers, etc.
धारा 5 · पुलिस अधिकारियों, सेवा प्रदाताओं और मजिस्ट्रेट के कर्तव्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
पुलिस अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, सेवा प्रदाता या मजिस्ट्रेट, जिसे घरेलू हिंसा की शिकायत प्राप्त हुई हो या जो घरेलू हिंसा की घटना स्थल पर उपस्थित हो या जब घरेलू हिंसा की घटना की सूचना उसे दी गई हो, तो वह पीड़ित व्यक्ति को सूचित करेगा--
(क) इस अधिनियम के अंतर्गत संरक्षण आदेश, मौद्रिक राहत आदेश, हिरासत आदेश, निवास आदेश, मुआवजा आदेश या एक से अधिक ऐसे आदेशों के माध्यम से राहत प्राप्त करने के लिए आवेदन करने का उसका अधिकार;
(ख) सेवा प्रदाताओं की सेवाओं की उपलब्धता;
(ग) संरक्षण अधिकारियों की सेवाओं की उपलब्धता;
(घ) विधि सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (39 ऑफ 1987) के तहत मुफ्त कानूनी सेवाओं के उसके अधिकार का;
(ई) भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 498ए के तहत शिकायत दर्ज करने के उसके अधिकार के संबंध में, जहां भी प्रासंगिक हो:
बशर्ते कि इस अधिनियम में किसी भी प्रकार से ऐसा अर्थ नहीं लगाया जाएगा जिससे किसी पुलिस अधिकारी को संज्ञेय अपराध के घटित होने की सूचना प्राप्त होने पर कानून के अनुसार कार्यवाही करने के अपने कर्तव्य से मुक्ति मिल सके।
(क) इस अधिनियम के अंतर्गत संरक्षण आदेश, मौद्रिक राहत आदेश, हिरासत आदेश, निवास आदेश, मुआवजा आदेश या एक से अधिक ऐसे आदेशों के माध्यम से राहत प्राप्त करने के लिए आवेदन करने का उसका अधिकार;
(ख) सेवा प्रदाताओं की सेवाओं की उपलब्धता;
(ग) संरक्षण अधिकारियों की सेवाओं की उपलब्धता;
(घ) विधि सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 (39 ऑफ 1987) के तहत मुफ्त कानूनी सेवाओं के उसके अधिकार का;
(ई) भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 498ए के तहत शिकायत दर्ज करने के उसके अधिकार के संबंध में, जहां भी प्रासंगिक हो:
बशर्ते कि इस अधिनियम में किसी भी प्रकार से ऐसा अर्थ नहीं लगाया जाएगा जिससे किसी पुलिस अधिकारी को संज्ञेय अपराध के घटित होने की सूचना प्राप्त होने पर कानून के अनुसार कार्यवाही करने के अपने कर्तव्य से मुक्ति मिल सके।
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