NHAI Act 16अध्याय IV · Functions of the Authority
धारा 16 · प्राधिकरण के कार्य।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के अधीन रहते हुए, प्राधिकरण का कार्य राष्ट्रीय राजमार्गों और सरकार द्वारा उसे सौंपे गए या उसे हस्तांतरित किए गए किसी अन्य राजमार्गों का विकास, रखरखाव और प्रबंधन करना होगा।
(2) उपधारा (1) में निहित प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्राधिकरण अपने कार्यों के निर्वहन के लिए—
(क) इसमें निहित या इसे सौंपे गए राजमार्गों का सर्वेक्षण, विकास, रखरखाव और प्रबंधन करना;
(ख) राजमार्गों पर या उसके निकट कार्यालयों या कार्यशालाओं का निर्माण करना तथा होटल, मोटल, रेस्तरां और विश्रामगृहों की स्थापना और रखरखाव करना, जो उसे सौंपे गए हों या उसे आवंटित किए गए हों;
(ग) अपने कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन और टाउनशिप का निर्माण करना;
(घ) राजमार्गों पर वाहनों के संचालन को विनियमित और नियंत्रित करना, जिनका उचित प्रबंधन करने के लिए इसे अधिकार दिया गया है;
(ई) भारत और विदेश में परामर्श एवं निर्माण सेवाएं विकसित करना एवं प्रदान करना तथा राजमार्गों या उन पर स्थित किसी भी सुविधा के विकास, रखरखाव एवं प्रबंधन से संबंधित अनुसंधान गतिविधियां संचालित करना;
(f) प्राधिकरण द्वारा अपने अधीन या उसे सौंपे गए राजमार्गों के उपयोगकर्ताओं के लिए ऐसी सुविधाएं और व्यवस्थाएं प्रदान करना, जो प्राधिकरण की राय में ऐसे राजमार्गों पर यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए आवश्यक हों;
(जी) इस अधिनियम द्वारा उस पर लगाए गए कार्यों के कुशल निर्वहन को बढ़ावा देने के लिए कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) के तहत एक या एक से अधिक कंपनियों का गठन करना;
1 [(h) किसी व्यक्ति को ऐसे नियमों और शर्तों पर नियुक्त करना, या अपने किसी कार्य को सौंपना, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;]
(i) राजमार्गों से संबंधित मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देना;
(j) आपसी सहमति से तय की गई शर्तों और नियमों के अनुसार, किसी भी राज्य सरकार को राजमार्ग विकास योजनाओं के निर्माण और कार्यान्वयन में सहायता करना;
(ख) राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 (48 ऑफ 1956), समय-समय पर संशोधित, की धारा 7 के तहत प्रदान की गई सेवाओं या लाभों के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुल्क एकत्र करना, और राज्य सरकारों द्वारा निर्दिष्ट शर्तों और नियमों पर राज्य सरकारों की ओर से ऐसे अन्य शुल्क एकत्र करना; और
(एल) इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त या आरोपित किसी शक्ति के प्रयोग या किसी कार्य के निर्वहन के लिए आवश्यक या सुविधाजनक, या उससे संबंधित सभी कदम उठाना।
(3) इस धारा में निहित कोई भी बात इस प्रकार नहीं समझी जाएगी--
(क) प्राधिकरण को उस समय लागू किसी भी कानून की अवहेलना करने का अधिकार देना; या
(ख) किसी व्यक्ति को किसी ऐसे कर्तव्य या दायित्व के संबंध में कोई कार्यवाही शुरू करने के लिए अधिकृत करना जिसके लिए प्राधिकरण या उसके अधिकारी या अन्य कर्मचारी अन्यथा इस अधिनियम के अधीन नहीं होंगे।
(2) उपधारा (1) में निहित प्रावधानों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्राधिकरण अपने कार्यों के निर्वहन के लिए—
(क) इसमें निहित या इसे सौंपे गए राजमार्गों का सर्वेक्षण, विकास, रखरखाव और प्रबंधन करना;
(ख) राजमार्गों पर या उसके निकट कार्यालयों या कार्यशालाओं का निर्माण करना तथा होटल, मोटल, रेस्तरां और विश्रामगृहों की स्थापना और रखरखाव करना, जो उसे सौंपे गए हों या उसे आवंटित किए गए हों;
(ग) अपने कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन और टाउनशिप का निर्माण करना;
(घ) राजमार्गों पर वाहनों के संचालन को विनियमित और नियंत्रित करना, जिनका उचित प्रबंधन करने के लिए इसे अधिकार दिया गया है;
(ई) भारत और विदेश में परामर्श एवं निर्माण सेवाएं विकसित करना एवं प्रदान करना तथा राजमार्गों या उन पर स्थित किसी भी सुविधा के विकास, रखरखाव एवं प्रबंधन से संबंधित अनुसंधान गतिविधियां संचालित करना;
(f) प्राधिकरण द्वारा अपने अधीन या उसे सौंपे गए राजमार्गों के उपयोगकर्ताओं के लिए ऐसी सुविधाएं और व्यवस्थाएं प्रदान करना, जो प्राधिकरण की राय में ऐसे राजमार्गों पर यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए आवश्यक हों;
(जी) इस अधिनियम द्वारा उस पर लगाए गए कार्यों के कुशल निर्वहन को बढ़ावा देने के लिए कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) के तहत एक या एक से अधिक कंपनियों का गठन करना;
1 [(h) किसी व्यक्ति को ऐसे नियमों और शर्तों पर नियुक्त करना, या अपने किसी कार्य को सौंपना, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है;]
(i) राजमार्गों से संबंधित मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देना;
(j) आपसी सहमति से तय की गई शर्तों और नियमों के अनुसार, किसी भी राज्य सरकार को राजमार्ग विकास योजनाओं के निर्माण और कार्यान्वयन में सहायता करना;
(ख) राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 (48 ऑफ 1956), समय-समय पर संशोधित, की धारा 7 के तहत प्रदान की गई सेवाओं या लाभों के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुल्क एकत्र करना, और राज्य सरकारों द्वारा निर्दिष्ट शर्तों और नियमों पर राज्य सरकारों की ओर से ऐसे अन्य शुल्क एकत्र करना; और
(एल) इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त या आरोपित किसी शक्ति के प्रयोग या किसी कार्य के निर्वहन के लिए आवश्यक या सुविधाजनक, या उससे संबंधित सभी कदम उठाना।
(3) इस धारा में निहित कोई भी बात इस प्रकार नहीं समझी जाएगी--
(क) प्राधिकरण को उस समय लागू किसी भी कानून की अवहेलना करने का अधिकार देना; या
(ख) किसी व्यक्ति को किसी ऐसे कर्तव्य या दायित्व के संबंध में कोई कार्यवाही शुरू करने के लिए अधिकृत करना जिसके लिए प्राधिकरण या उसके अधिकारी या अन्य कर्मचारी अन्यथा इस अधिनियम के अधीन नहीं होंगे।
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