MM Act 60अध्याय VI · Conduct of Business
धारा 60 · यदि पार्षदों, कार्यकारी अधिकारियों आदि का नगर पंचायत या परिषद के साथ किसी अनुबंध आदि में हित हो तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
नगर पंचायत में या परिषद में--
(क) धारा 59 के परंतुक के अधीन रहते हुए, कोई भी पार्षद जो किसी नगर पंचायत या परिषद, जिसका वह पार्षद है, के साथ, उसके अधीन, उसके द्वारा या उसकी ओर से किसी अनुबंध या रोजगार में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई हिस्सा या हित प्राप्त करता है;
(ख) कोई भी कार्यकारी अधिकारी या कर्मचारी जो किसी नगर पंचायत या परिषद के साथ, उसके अधीन, उसके द्वारा या उसकी ओर से किसी अनुबंध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई हिस्सा या हित प्राप्त करता है, सिवाय उस हद तक जहां तक यह कार्यकारी अधिकारी या कर्मचारी के रूप में उसके स्वयं के रोजगार से संबंधित है, उसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा जो पांच हजार रुपये तक हो सकता है।
(क) धारा 59 के परंतुक के अधीन रहते हुए, कोई भी पार्षद जो किसी नगर पंचायत या परिषद, जिसका वह पार्षद है, के साथ, उसके अधीन, उसके द्वारा या उसकी ओर से किसी अनुबंध या रोजगार में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई हिस्सा या हित प्राप्त करता है;
(ख) कोई भी कार्यकारी अधिकारी या कर्मचारी जो किसी नगर पंचायत या परिषद के साथ, उसके अधीन, उसके द्वारा या उसकी ओर से किसी अनुबंध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई हिस्सा या हित प्राप्त करता है, सिवाय उस हद तक जहां तक यह कार्यकारी अधिकारी या कर्मचारी के रूप में उसके स्वयं के रोजगार से संबंधित है, उसे जुर्माने से दंडित किया जाएगा जो पांच हजार रुपये तक हो सकता है।
अपराध एक नज़र में
- जुर्माना
- ₹5,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
प्रथम अनुसूची भाग II के नियम से निकाला गया — धारावार सूचीबद्ध नहीं
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
