IBC 95अध्याय III · Chapter III Insolvency Resolution Process
धारा 95 · ऋणदाता द्वारा दिवालियापन समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवेदन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई लेनदार स्वयं, या अन्य लेनदारों के साथ संयुक्त रूप से, या किसी समाधान पेशेवर के माध्यम से, इस धारा के अंतर्गत दिवालियापन समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिए न्यायनिर्णय प्राधिकारी को आवेदन प्रस्तुत करके आवेदन कर सकता है।
(2) कोई लेनदार उपधारा (1) के अंतर्गत अपने ऊपर बकाया किसी साझेदारी ऋण के संबंध में दिवालियापन समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवेदन कर सकता है—
(क) फर्म के एक या एक से अधिक साझेदार; या
(ख) फर्म।
(3) जहां किसी फर्म में एक साझेदार के विरुद्ध आवेदन किया गया है, तो उसी फर्म में किसी अन्य साझेदार के विरुद्ध कोई अन्य आवेदन उस निर्णय प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा या स्थानांतरित किया जाएगा जिसमें प्रथम उल्लिखित आवेदन निर्णय के लिए लंबित है और ऐसा निर्णय प्राधिकारी आवेदनों के अंतर्गत कार्यवाही को समेकित करने के लिए ऐसे निर्देश दे सकता है जैसा वह उचित समझे।
(4) उपधारा (1) के अंतर्गत आवेदन के साथ निम्नलिखित से संबंधित विवरण और दस्तावेज संलग्न होने चाहिए—
(क) दिवालियापन समाधान प्रक्रिया के लिए आवेदन प्रस्तुत करने वाले लेनदार या लेनदारों को देनदार द्वारा आवेदन की तिथि पर देय ऋण;
(ख) देनदार द्वारा मांग नोटिस की तामील होने के चौदह दिनों के भीतर ऋण का भुगतान करने में विफलता; और
(ग) ऋण के ऐसे चूक या गैर-भुगतान का प्रासंगिक साक्ष्य।
(5) लेनदार उपधारा (1) के तहत किए गए आवेदन की एक प्रति देनदार को भी प्रदान करेगा।
(6) उपधारा (1) में निर्दिष्ट आवेदन ऐसे प्रपत्र और तरीके से होगा तथा उसके साथ ऐसा शुल्क होगा जैसा निर्धारित किया जाए।
(7) उपधारा (4) के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण और दस्तावेज ऐसे होंगे जैसे निर्दिष्ट किए जा सकते हैं।
(2) कोई लेनदार उपधारा (1) के अंतर्गत अपने ऊपर बकाया किसी साझेदारी ऋण के संबंध में दिवालियापन समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवेदन कर सकता है—
(क) फर्म के एक या एक से अधिक साझेदार; या
(ख) फर्म।
(3) जहां किसी फर्म में एक साझेदार के विरुद्ध आवेदन किया गया है, तो उसी फर्म में किसी अन्य साझेदार के विरुद्ध कोई अन्य आवेदन उस निर्णय प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा या स्थानांतरित किया जाएगा जिसमें प्रथम उल्लिखित आवेदन निर्णय के लिए लंबित है और ऐसा निर्णय प्राधिकारी आवेदनों के अंतर्गत कार्यवाही को समेकित करने के लिए ऐसे निर्देश दे सकता है जैसा वह उचित समझे।
(4) उपधारा (1) के अंतर्गत आवेदन के साथ निम्नलिखित से संबंधित विवरण और दस्तावेज संलग्न होने चाहिए—
(क) दिवालियापन समाधान प्रक्रिया के लिए आवेदन प्रस्तुत करने वाले लेनदार या लेनदारों को देनदार द्वारा आवेदन की तिथि पर देय ऋण;
(ख) देनदार द्वारा मांग नोटिस की तामील होने के चौदह दिनों के भीतर ऋण का भुगतान करने में विफलता; और
(ग) ऋण के ऐसे चूक या गैर-भुगतान का प्रासंगिक साक्ष्य।
(5) लेनदार उपधारा (1) के तहत किए गए आवेदन की एक प्रति देनदार को भी प्रदान करेगा।
(6) उपधारा (1) में निर्दिष्ट आवेदन ऐसे प्रपत्र और तरीके से होगा तथा उसके साथ ऐसा शुल्क होगा जैसा निर्धारित किया जाए।
(7) उपधारा (4) के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण और दस्तावेज ऐसे होंगे जैसे निर्दिष्ट किए जा सकते हैं।
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